AP Muharram School Holiday 2026: आंध्र प्रदेश में 25 नहीं अब 26 जून को होगी छुट्टी, सरकार ने जारी किया नया GO.
Muharram School Holiday 2026 : आंध्र प्रदेश सरकार ने मुहर्रम 2026 के लिए स्कूलों और सरकारी कार्यालयों की छुट्टियों में बदलाव किया है। यह फैसला आंध्र प्रदेश स्टेट वक्फ बोर्ड की सिफारिशों और इस्लामी चंद्र कैलेंडर की नई गणनाओं के आधार पर लिया गया है।
सरकार का कहना है कि संशोधित अवकाश सूची से मुहर्रम मनाने में लोगों को सुविधा होगी।सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार वैकल्पिक अवकाश अब 25 जून को और निर्धारित सामान्य अवकाश 26 जून 2026 कर दिया गया है।

छुट्टियों का नया शेड्यूल और बदली हुई तारीखें
छुट्टियों के इस फेरबदल को स्पष्ट करने के लिए सरकार ने एक दिशा-निर्देश भी जारी किया है ताकि जनमानस के मन में असमंजस की स्थिति उत्पन्न न हो। इस बड़े प्रशासनिक बदलाव के बाद अब विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को मुहर्रम मनाने का पूरा मौका मिलेगा।
| छुट्टी का प्रकार | पहले की निर्धारित तारीख | अब संशोधित नई तारीख |
|---|---|---|
| वैकल्पिक अवकाश (Optional Holiday) | 16 जून 2026 | 25 जून 2026 |
| सामान्य अवकाश (General Holiday) | 25 जून 2026 | 26 जून 2026 |
क्यों बदली गई छुट्टियों की तारीख?
सरकार ने G.O.Rt.No.1176 और G.O.Rt.No.1177 के माध्यम से यह संशोधन किया है। अधिकारियों के अनुसार, चंद्रमा के नवीनतम आंकड़ों और इस्लामी पंचांग की गणना के आधार पर 9 मुहर्रम 25 जून और 10 मुहर्रम यानी अशूरा 26 जून 2026 को पड़ने की संभावना है। इसी वजह से छुट्टियों का पुनर्निर्धारण किया गया।
क्या है मुहर्रम?
मुहर्रम इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना है और इसे इस्लाम के चार पवित्र महीनों में शामिल किया जाता है। यह महीना विशेष रूप से शिया मुस्लिम समुदाय के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। मुहर्रम के दसवें दिन को "यौम-ए-अशूरा" कहा जाता है। इसी दिन पैगंबर हजरत मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन और उनके साथियों ने वर्ष 680 ईस्वी में इराक के कर्बला मैदान में अन्याय और अत्याचार के खिलाफ लड़ते हुए शहादत दी थी।
क्यों कहते हैं मातम का महीना?
मुहर्रम को खुशी का नहीं बल्कि गम और याद का महीना माना जाता है। विशेषकर पहले दस दिनों तक मुस्लिम समुदाय इमाम हुसैन और उनके साथियों की कुर्बानी को याद करता है। शिया समुदाय के लोग मजलिस आयोजित करते हैं, कर्बला की घटनाओं का जिक्र करते हैं और ताजिया जुलूस निकालते हैं।
मुहर्रम के दौरान प्रमुख गाइडलाइंस
- ताजिया जुलूस, मजलिस या अन्य सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करने से पहले स्थानीय प्रशासन और पुलिस से आवश्यक अनुमति लेना जरूरी है।
- जुलूस केवल प्रशासन द्वारा तय किए गए रूट पर ही निकाले जाएं। मार्ग में बदलाव से बचें।
- किसी भी प्रकार के भड़काऊ भाषण, नारेबाजी या ऐसी गतिविधियों से बचें जिससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो।
- लाउडस्पीकर और साउंड सिस्टम का उपयोग निर्धारित समय और तय ध्वनि सीमा के भीतर ही किया जाए।
- अफवाह, भ्रामक जानकारी या आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने से बचें। केवल सत्यापित जानकारी पर भरोसा करें।
- जुलूस के दौरान ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करें और आम लोगों को कम से कम असुविधा हो इसका ध्यान रखें।
- सीसीटीवी, बैरिकेडिंग और सुरक्षा जांच में प्रशासन का सहयोग करें।
- कार्यक्रम समाप्त होने के बाद आयोजन स्थल और जुलूस मार्ग की सफाई सुनिश्चित करें।
- भीड़भाड़ वाले इलाकों में बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।














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