Pakistan airstrike Afghanistan: अफ़गानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर युद्ध शुरू! पाकिस्तानी सेना ने फिर किया अटैक
Pakistan airstrike Afghanistan: अफ़गानिस्तान और पाकिस्तान के बीच का सीमा विवाद अब एक भीषण सैन्य टकराव में बदल चुका है। ताज़ा घटनाक्रम में, पाकिस्तानी सेना ने एक थर्मल वीडियो जारी कर अफ़गान सेना की चार चौकियों को पूरी तरह तबाह करने का दावा किया है। यह कार्रवाई आज सुबह किला सैफुल्लाह और नुस्की जैसे संवेदनशील सेक्टरों में की गई।
जहां एक ओर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने इसे 'खुली जंग' करार दिया है, वहीं संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेस ने इस हिंसा पर गहरी चिंता जताते हुए तुरंत युद्ध विराम की अपील की है। तालिबान ने बातचीत की पेशकश तो की है, लेकिन सीमा पर तनाव चरम पर है।

थर्मल वीडियो और चौकियों की तबाही का दावा
पाकिस्तानी सेना ने युद्ध के मैदान से डरावने दृश्य साझा करते हुए एक थर्मल वीडियो जारी किया है। सेना का दावा है कि आज सुबह के अंधेरे में चलाए गए एक सटीक ऑपरेशन में अफ़गान तालिबान की चार महत्वपूर्ण पोस्टों को मलबे में तब्दील कर दिया गया। ये हमले मुख्य रूप से किला सैफुल्लाह, नुस्की और गुदवाना सेक्टर में किए गए। पाकिस्तानी रक्षा सूत्रों के अनुसार, इन ठिकानों का इस्तेमाल घुसपैठ और हमलों के लिए किया जा रहा था। हालांकि, अफ़गानिस्तान की ओर से अभी तक इन विशिष्ट दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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संयुक्त राष्ट्र की कड़ी चेतावनी और शांति की अपील
बढ़ती सैन्य कार्रवाई को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने दोनों देशों से संयम बरतने को कहा है। उनके प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने न्यूयॉर्क में प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि महासचिव सीमा पर हो रही इस हिंसा और आम नागरिकों पर इसके प्रभाव से बेहद चिंतित हैं। संयुक्त राष्ट्र ने स्पष्ट किया है कि तोरखम सीमा के पास मानवीय सहायता केंद्रों पर हमलों की खबरें विचलित करने वाली हैं। कूटनीति के ज़रिए समाधान निकालने और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का पालन करने की सख्त हिदायत दी गई है।
'खुली जंग' के बीच तालिबान का कूटनीतिक रुख
भले ही पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने दोनों देशों के बीच 'ओपन वॉर' जैसी स्थिति की घोषणा कर दी हो, लेकिन तालिबान प्रशासन की ओर से बातचीत के संकेत मिले हैं। अल-जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान ने कहा है कि वह आगे के रक्तपात को रोकने के लिए पाकिस्तान के साथ मेज पर बैठने को तैयार है। हालांकि, यह बयान पाकिस्तानी वायुसेना द्वारा काबुल और कंधार जैसे बड़े शहरों को निशाना बनाने के बाद आया है, जिससे इस शांति वार्ता की सफलता पर संशय बना हुआ है।
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आम नागरिकों पर मंडराता मानवीय संकट
सीमा पर जारी इस भीषण गोलाबारी और बमबारी ने पूर्वी अफ़गानिस्तान के हज़ारों परिवारों को पलायन के लिए मजबूर कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय अधिकारियों ने विशेष रूप से तोरखम बॉर्डर पर स्थित ट्रांजिट और रिसेप्शन सेंटरों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। इन केंद्रों पर हमले होने से शरणार्थियों और निर्दोष नागरिकों की जान को बड़ा खतरा पैदा हो गया है। जानकारों का मानना है कि यदि गोलाबारी तुरंत नहीं थमी, तो यह क्षेत्र एक बड़े मानवीय संकट की चपेट में आ सकता है।












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