Afghanistan Pakistan War: जिस गजब लिल-हक के नाम पर पाक ने शुरु की जंग, कुरान में उसका जिक्र नहीं, कहां से आया?
Afghanistan Pakistan War: पाकिस्तान ने अफगान तालिबान सरकार के साथ चल रहे तनाव को अचानक बहुत ज्यादा बढ़ा दिया है। विवादित डूरंड लाइन पर हुई झड़पों के बाद पाकिस्तान ने औपचारिक रूप से खुले युद्ध की घोषणा कर दी। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने साफ कहा कि सीमा पार हमलों को लेकर अब इस्लामाबाद का धैर्य खत्म हो चुका है और कड़ी सैन्य कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए पाकिस्तान ने ऑपरेशन गजब लिल-हक की शुरुआत की है। जानेंगे इसका मतलब और ऑपरेशन की क्षमता।
अब खुला युद्ध होगा- ख्वाजा आसिफ
ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया पर लिखा, "हमारा सब्र जवाब दे चुका है। अब यह आपके और हमारे बीच खुला युद्ध है।" उनका यह बयान सिर्फ सामान्य सीमा झड़पों से आगे बढ़कर बड़े युद्ध की ओर इशारा करता है। यह ऐलान उस समय किया जब दोनों तरफ से कई सीमावर्ती इलाकों में भारी गोलीबारी की खबरें सामने आईं। काबुल का दावा है कि उसकी सेनाएं पाकिस्तानी हवाई हमलों का जवाब दे रही थीं। इसके तुरंत बाद पाकिस्तान ने अफगान क्षेत्र के अंदर गहराई तक हमला करने के लिए बड़ा सैन्य अभियान शुरू कर दिया।

'ऑपरेशन ग़ज़ब लिल हक़' की शुरुआत
इस्लामाबाद ने तालिबान की कार्रवाई को अकारण आक्रामकता" बताया और इसके जवाब में 'ऑपरेशन ग़ज़ब लिल हक़' लॉन्च किया। जबकि सच्चाई ये है कि, पाकिस्तान ने पहले अफगानिस्तान के अलग-अलग इलाकों में एयर स्ट्राइक की थी। जिसमें कई बेगुनाह लोगों की मौत हो गई, कुछ बच्चे अनाथ हो गए और बड़ी तादाद में लोग घायल हैं।
गजब लिल-हक का मतलब
पाकिस्तान ने 'गजब लिल-हक' ऑपरेशन शुरु किया है। जिसका अरबी भाषा में मतलब होता है 'न्याय के लिए गुस्सा' या फिर 'सच के लिए गुस्सा'। कुछ जगहों पर इसे 'गजब उल-हक' के तौर पर भी संबोधित किया गया है। कुरान के मुताबिक अल-हक का मतलब अल्लाह होता है। इस वाक्य का कुरान शरीफ में कहीं जिक्र नहीं है लेकिन यह राजनीति से प्रेरित है। पाकिस्तानी सेना का कहना है कि इस ऑपरेशन का मकसद कथित सीमा पार हमलों के बाद तालिबान बलों को दंडित करना और उनकी सैन्य क्षमता को कमजोर करना है।
किन-किन जगहों पर हुए हमले?
आधिकारिक बयानों के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना ने काबुल, कंधार, पक्तिया और अन्य इलाकों में तालिबान के अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। बताया गया है कि इन हमलों में गोला-बारूद डिपो, ब्रिगेड और कोर मुख्यालय, रसद अड्डे और अन्य बुनियादी ढांचे को नष्ट किया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस्लामिक अमीरात बलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
कितने पाकिस्तानी फौजी मारे
अफगानिस्तान की सरकार ने आधिकारिक तौर पर 55 पाकिस्तानी फौजियों के मारे जाने की बात कही है। साथ ही एक फाइटर जेट भी गिराने का दावा किया है। हालांकि ये फाइटर जेट अमेरिकन मेड F-16 है या फिर चाइना मेड JF-17 इसको लेकर कोई जानकारी नहीं दी है। साथ ही, अफगानिस्तान ने ये भी दावा किया है कि उसने 19 पाकिस्तानी चौकियों पर भी कब्जा कर लिया है।
अफगान शहरों पर रणनीतिक बमबारी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान की वायुसेना ने अफगानिस्तान के अंदरूनी हिस्सों में रणनीतिक बमबारी की। इसमें काबुल और कंधार जैसे बड़े शहरी और सैन्य केंद्र शामिल थे। इन शहरों के आसमान में विस्फोटों की चमक देखी गई और जवाब में विमान भेदी तोपें दागी गईं। विश्लेषकों का मानना है कि हाल के वर्षों में यह अफगान क्षेत्र के खिलाफ पाकिस्तान का सबसे बड़ा आक्रामक अभियान है
आगे क्या? लंबा संघर्ष या बातचीत?
'ऑपरेशन ग़ज़ब लिल हक़' जारी है और अभी तक युद्धविराम के कोई संकेत नहीं दिख रहे। हालात अब अलग-थलग सीमा झड़पों से आगे बढ़कर लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष की तरफ बढ़ते दिख रहे हैं। क्षेत्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि अगर तुरंत राजनयिक बातचीत शुरू नहीं हुई तो यह पूरा दक्षिण एशिया सुरक्षा माहौल को अस्थिर कर सकता है।
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