पाकिस्तान में सुरक्षित नहीं सिख समुदाय: पेशावर में दो भाइयों को मारी गई गोली, प्रधानमंत्री ने की निंदा

पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार तो लगातार होते रहते हैं, जिसके बाद पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (केपीके) प्रांत से भारी संख्या में सिख समुदाय के लोगों ने पलायन करना शुरू कर दिया है।

पेशावर, मई 15: पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों पर बार बार हमले किए जा रहे हैं और पाकिस्तान सरकार की तरफ से अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को बचाने के लिए कोई कोशिश नहीं की जा रही है। हिदुओं के बाद एक बार फिर से सिख समुदाय को निशाना बनाया गया है और पुलिस थाने से कुछ ही दूरी पर दो सिख भाइयों की गोली मारकर हत्या कर दी गई है, जिसके बाद सिख समुदाय के लोगों में दहशत का माहौल है।

सिख भाइयों की गोली मारकर हत्या

सिख भाइयों की गोली मारकर हत्या

पाकस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पेशावर के बाहरी इलाके में अज्ञात हमलावरों ने सिख समुदाय के दो युवकों की गोली मारकर हत्या कर दी है और पुलिस ने कहा है कि, रास्ते पर जा रहे सिख समुदाय के दो लोगों पर अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग करनी शुरू कर दी। पेशावर कैपिटल सिटी पुलिस कार्यालय के अधिकारी एजाज खान ने एक बयान में कहा कि घटना सरबंद थाने के अधिकार क्षेत्र में हुई है। उन्होंने पीड़ितों की पहचान 42 वर्षीय सुलजीत सिंह और 38 वर्षीय रंजीत सिंह के रूप में की है, और दोनों भाई थे। पुलिस अधिकारी ने कहा कि, बटाताल इलाके में दोनों युवकों की मसाले की दुकानें थीं। एजाज खान ने कहा कि, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया।

पीएम शहबाज शरीफ ने की निंदा

पुलिस अधिकारी ने कहा कि, 'आसपास के इलाकों के सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि भागने में सफल रहे संदिग्धों को पकड़ने के लिए इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया गया है। पुलिस अधिकारी ने कहा, "घटना में शामिल लोगों का जल्द ही पर्दाफाश किया जाएगा।" खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री महमूद खान ने घटना का संज्ञान लिया और केपी के पुलिस महानिरीक्षक को अपराधियों को गिरफ्तार करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि यह घटना पेशावर की कानून व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश थी। वहीं, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो-जरदारी ने घटना की कड़ी निंदा की।

सुरक्षित नहीं अल्पसंख्यक

सुरक्षित नहीं अल्पसंख्यक

दो सिख युवकों की हत्या के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मुख्यमंत्री से नागरिकों, विशेषकर अल्पसंख्यकों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने को कहा है। उन्होंने केपी सीएम को संदिग्धों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने और उन्हें कानून के अनुसार दंडित करने का भी निर्देश दिया है। उन्होंने इस घटना के लिए "पाकिस्तान के दुश्मनों" को जिम्मेदार ठहराया और उन्हें "पृथ्वी से मिटाने" की कसम खाई है। उन्होंने पीड़ित परिवारों को संदिग्धों की गिरफ्तारी में केंद्र सरकार के पूर्ण सहयोग का आश्वासन भी दिया। इस बीच, बिलावल ने इसमें शामिल लोगों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने एक बयान में कहा कि, 'किसी को भी देश में अंतर-धार्मिक सद्भाव को बिगाड़ने और राष्ट्रीय एकता को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।" उन्होंने कहा कि पीपीपी देश की वास्तविक प्रतिनिधि पार्टी है और सिख समुदाय का साथ नहीं छोड़ेगी।

पहले भी हो चुकी हैं हत्याएं

पहले भी हो चुकी हैं हत्याएं

पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार तो लगातार होते रहते हैं, जिसके बाद पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (केपीके) प्रांत से भारी संख्या में सिख समुदाय के लोगों ने पलायन करना शुरू कर दिया है। इससे पहले पिछले साल अक्टूबर महीने में एक हकीम सतनाम सिंह की भी हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद जान जाने के डर से खैबर पख्तूनख्वा प्रांत से भारी तादाद में सिख समुदाय के लोग पाकिस्तान के दूसरे शहरों की तरह भाग रहे हैं। पाकिस्तानी अखबार डेली वतन की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि, पिछले छह-सात वर्षों में केपीके में आतंकवादियों द्वारा 17 सिखों की हत्या की गई है। केपीके के पूर्व मुख्यमंत्री परवेज खान खट्टक के पूर्व सलाहकार डॉ स्वर्ण सिंह की भी पाकिस्तान में हत्या की जा चुकी है। सिख समुदाय के एक प्रमुख नेता चरणजीत सिंह की 2018 में अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी थी, जबकि टेलीविजन एंकर रविंदर सिंह की पिछले साल पेशावर में हत्या कर दी गई थी।

भारतीय सिख नेताओं का विरोध

पेशावर में अज्ञात बंदूकधारियों द्वारा समुदाय के दो सदस्यों की हत्या के बाद शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने रविवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर से पाकिस्तान में सिखों की सुरक्षा के मुद्दे को पड़ोसी देश की सरकार के साथ उठाने का आग्रह किया। इसके साथ ही पंबाज के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी घटना की निंदा की है और पाकिस्तान सरकार से हत्यारों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की मांग की है। सुखवीर सिंह बादल ने ट्वीट करते हुए कहा कि, पेशावर (पाकिस्तान) में दो सिख दुकानदारों-रंजीत सिंह और कुलजीत सिंह की नृशंस हत्या के बारे में जानकर हैरान और दुखी हूं। घटना की निंदा करते हुए, मैं विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर जी से शोक संतप्त परिवारों को न्याय सुनिश्चित करने और सिखों की सुरक्षा के मुद्दे को पाकिस्तान सरकार के साथ उठाने का आग्रह करता हूं।"

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