भारत आने से पहले ओबामा ने की मोदी की तारीफ और पाक को दी चेतावनी
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भारत आने से पहले भारतीय न्यूज मैगजीन इंडिया टुडे को एक खास इंटरव्यू दिया है। इस इंटरव्यू में उन्होंने जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की तो वहीं पाकिस्तान को आतंकवादियों की सुरक्षित पनाहगार करार दिया। साथ ही कहा कि पाक को मुंबई हमलों के गुनाहगारों को सजा देनी ही होगी।

मोदी की तारीफ
- ओबामा ने अपने इस इंटरव्यू में मोदी को पीएम चुनने के लिए भारतीयों की इच्छाशक्ति को दर्शाता है।
- ओबामा ने कहा कि एक चायवाले से लेकर पीएम बनने तक का मोदी का सफर वाकई काबिल-ए-तारीफ है।
- उन् होंने कहा कि भारत को प्रमुख तौर पर क्या हासिल करना है, इसे लेकर मोदी का विजन एकदम साफ है।
- ओबामा की मानें तो वह मोदी की ऊर्जा से काफी प्रभावित हैं।
- ओबामा की मानें तो मोदी विकास के रास्ते में आने वाली अड़चनों को दूर करने को तैयार हैं।
आपसी सम्मान पर रिश्ते
- ओबामा ने कहा कि उन्हें दो बार भारत दौरा करने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बनने पर भी काफी खुशी है।
- ओबामा की मानें तो भारत और अमेरिका के रिश्तों में आपसी सम्मान भी शामिल है।
- दोनों देशों का इतिहास और परंपरा अलग है लेकिन हम उस मजबूती को महत्व देते हैं, जो हमारे रिश्तों में शामिल है।
- यह दोनों देशों के साझा हितों को मान्यता देता है और जब हम साथ मिलकर काम करेंगे।
- ऐसा करने से हमारे लोगों के लिए ज्यादा से ज्यादा मौके व रोजगारों का सृजन होगा।
- यह सही है कि जैसा दोनों देश चाहते हैं, हमेशा उतनी तेजी से प्रगति नहीं होती।
- इसके बावजूद अमेरिका-भारत के बीच के संबंधों में और मजबूती आई है।
- बीते कुछ सालों में हमने दोनों देशों के बीच व्यापार को 60 फीसदी तक बढ़ाया है।
- इससे अमेरिकियों तथा भारतीयों के लिए रोजगारों का सृजन हुआ है।
- उन्होंने जी20 की भूमिका बढ़ाने पर जोर दिया है, जिससे भारत और दूसरी अर्थव्यवस्थाओं को भी प्रतिनिधित्व मिले।
- यूएन सिक्योरिटी काउंसिल में भारत को स्थाई सदस्य के तौर पर शामिल करने की भी वकालत की।
- दोनों देशों की सेनाएं अधिक सैन्य अभ्यासों को अंजाम दे रही हैं।
पाक को चेतावनी
- ओबामा ने इसके साथ पाकिस्तान को भी चेतावनी दी है।
- आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारतीय-अमेरिकी साथ हैं।
- भारत और अमेरिका पाकिस्तान को आंतकियों की पनाहगाह नहीं बनने देंगे।
- 9/11 और 26/11 के हमले के बाद दोनों देश अपनी सुरक्षा के मामले पर साथ खड़े रहे।
- पाकिस्तान से साफ कहा है कि अमेरिका आतंकवाद से निपटने में उसके साथ है।
- पाक में आतंकवाद को पनाह देना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- मुंबई हमले के आरोपियों को सजा मिलनी चाहिए।












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