North Korea missile launch: किम जोंग उन ने फिर दागी मिसाइलें, डर से कांप उठे जापान और अमेरिका!
North Korea missile launch: उत्तर कोरिया द्वारा हाल ही में किए गए मिसाइल परीक्षणों ने एशियाई क्षेत्र में हलचल मचा दी है। रविवार सुबह पूर्वी सिनपो क्षेत्र से समुद्र की ओर कई कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं। इस साल अब तक सात बार और अकेले अप्रैल महीने में चार बार ऐसे परीक्षण हो चुके हैं।
इन गतिविधियों से दक्षिण कोरिया, जापान और अमेरिका की चिंताएं बढ़ गई हैं। उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन अपनी सेना को आधुनिक बनाने और परमाणु हथियारों की ताकत बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं, जिससे पड़ोसी देशों के बीच तनाव चरम पर है।

Kim Jong Un Missile launch: पड़ोसी देशों में बढ़ी बेचैनी
उत्तर कोरिया की इन हरकतों से दक्षिण कोरिया और जापान पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आपातकालीन टीम बुलाई है। दक्षिण कोरिया और अमेरिका के साथ मिलकर मिसाइलों के डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है। जापान ने उत्तर कोरिया के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। समुद्र में जहाजों की सुरक्षा को लेकर विशेष निर्देश जारी किए गए हैं ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
खतरनाक 'ब्लैकआउट बम' का खौफ
हालिया परीक्षणों में सबसे ज्यादा चर्चा 'कार्बन-फाइबर बम' की हो रही है, जिसे 'ब्लैकआउट बम' भी कहा जाता है। यह हथियार सीधा धमाका करने के बजाय पावर प्लांट और बिजली सप्लाई लाइनों पर बारीक रेशे फैला देता है, जिससे पूरा शहर अंधेरे में डूब सकता है और बिजली ग्रिड तबाह हो जाते हैं। इसके अलावा उत्तर कोरिया ने क्लस्टर बम और हवा से मार करने वाली मिसाइल प्रणालियों का भी सफल टेस्ट किया है।
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सेना को आधुनिक बना रहे किम
किम जोंग उन खुद इन परीक्षणों की निगरानी कर रहे हैं। उनका मुख्य मकसद उत्तर कोरिया के मिसाइल भंडार को और भी घातक और आधुनिक बनाना है। वे ऐसी परमाणु मिसाइलें तैयार करना चाहते हैं जो दुश्मन के डिफेंस सिस्टम को आसानी से चकमा दे सकें। विशेषज्ञों का मानना है कि किम जोंग अपनी सैन्य शक्ति दिखाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाना चाहते हैं और अपनी सुरक्षा को और पुख्ता करना चाहते हैं।
बढ़ता क्षेत्रीय तनाव और खतरा
इन परीक्षणों ने कोरियाई प्रायद्वीप में शांति की संभावनाओं को कम कर दिया है। दक्षिण कोरिया के लिए यह स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक है क्योंकि उसकी सीमाएं उत्तर कोरिया से जुड़ी हैं। अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया अब अपनी रणनीति बदल रहे हैं ताकि किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके। क्षेत्र में हथियारों की यह होड़ आने वाले समय में एक बड़े सुरक्षा संकट का रूप ले सकती है।












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