North Korea Missile Test: किम जोंग उन कर रहे हैं महायुद्ध की तैयारी? नए मिसाइल परीक्षण से मचा तहलका
North Korea Destroyer Missile Test: उत्तर कोरिया हाल के दिनों में अपनी सैन्य शक्ति को तेजी से बढ़ा रहा है। हाल ही में उसने अपने सबसे शक्तिशाली विध्वंसक पोत 'चोए ह्योन' से क्रूज और एंटी-शिप मिसाइलों का सफल परीक्षण किया है। तानाशाह किम जोंग उन की मौजूदगी में हुए इस परीक्षण का मुख्य उद्देश्य देश की नौसेना को पहले से ज्यादा घातक बनाना है।
जानकारों का मानना है कि उत्तर कोरिया दुनिया भर में चल रहे युद्धों और तनाव का फायदा उठाकर अपनी सैन्य तकनीक को अपग्रेड कर रहा है। वह अब केवल एक-दो मिसाइलें नहीं, बल्कि आधुनिक युद्धपोतों का पूरा बेड़ा तैयार करने की योजना पर काम कर रहा है।

नौसेना को आधुनिक बनाने का लक्ष्य
उत्तर कोरिया अपनी समुद्री सीमाओं को सुरक्षित करने के साथ-साथ हमला करने की ताकत बढ़ाना चाहता है। 'चोए ह्योन' जैसे विध्वंसक पोतों का निर्माण यह दिखाता है कि वह अब पुरानी नौसेना के बजाय आधुनिक नेविगेशन और एंटी-जैमिंग सिस्टम से लैस हथियारों पर ध्यान दे रहा है। किम जोंग उन का मानना है कि समुद्र में बढ़ती ताकत ही उसे अपने दुश्मनों के खिलाफ बढ़त दिलाएगी। इसलिए वह नए युद्धपोतों के निर्माण और उनकी कमीशनिंग में काफी तेजी ला रहे हैं।
वैश्विक तनाव का फायदा उठाना
मिडिल ईस्ट और रूस-यूक्रेन जैसे वैश्विक संघर्षों ने दुनिया का ध्यान बंटा दिया है। उत्तर कोरिया इसी मौके का फायदा उठाकर अपने हथियारों के उत्पादन को बढ़ा रहा है। उसे पता है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस समय अन्य बड़े संकटों में उलझा हुआ है, जिससे उस पर दबाव कम होगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि किम जोंग उन इस समय का उपयोग अपनी परमाणु और मिसाइल क्षमताओं को 'अपरिवर्तनीय' बनाने के लिए कर रहे हैं, ताकि भविष्य में उन पर कोई प्रतिबंध काम न करे।
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विध्वंसक पोतों के बेड़े का निर्माण
प्रोफेसर लिम यूल-चुल के अनुसार, उत्तर कोरिया अब अलग-थलग प्लेटफॉर्म के बजाय विध्वंसक जहाजों का एक पूरा बेड़ा (Fleet) तैयार कर रहा है। तीसरे और चौथे विध्वंसक पोत का जिक्र होना इस बात का सबूत है कि उसने बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू कर दिया है। जब किसी हथियार या जहाज का प्रारंभिक परीक्षण सफल हो जाता है, तो उत्तर कोरिया उसे तेजी से बनाना शुरू कर देता है। यह रणनीति उसकी आक्रामक रक्षा नीति का हिस्सा है।
तकनीकी सटीकता और मारक क्षमता
हालिया परीक्षण में मिसाइलों ने 'अल्ट्रा-प्रिसिजन' यानी एकदम सटीक निशाना लगाकर अपनी ताकत साबित की है। क्रूज मिसाइलों ने लगभग 2 घंटे से ज्यादा समय तक उड़ान भरकर अपने लक्ष्य को तबाह किया। इससे यह साफ होता है कि उत्तर कोरिया के पास अब ऐसी तकनीक है जो दुश्मन के रडार को छका सकती है और लंबी दूरी तक मार कर सकती है। उनकी मिसाइलों का कंट्रोल सिस्टम अब पहले से कहीं ज्यादा एडवांस और सटीक हो गया है।
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