Iran: रोजाना मोसाद के 5 जासूसों को ईरान दे रहा फांसी, एक साल में 975 को सूली पर टांगा, देखें रिपोर्ट
Iran: 18 जून को मानवाधिकार आयोग की एक रिपोर्ट ने सभी को चौंका कर रख दिया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने बीते दो महीने में हर दिन कम से कम पांच लोगों को मौत की सजा सुनाई है। बुधवार को ईरान और इजरायल के बीच हुए सीजफायर के बाद ही तीन लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया।
मोसाद के जासूसों को दी फांसी
जिन लोगों को ईरान में बुधवार को फांसी हुई उन सभी पर यह आरोप लगा था कि वे इजरायल की इंटेलिजेंस एजेंसी मोसाद के लिए काम कर रहे हैं और देश के अंदर भी हत्या की साजिश में भी शामिल हैं। ईरान-इजरायल के बीच गरमागरमी तथा जरूरी जानकारी लीक होने की स्थिति को देखते हुए, पिछले दो महीनों में ईरान में मौजूद मोसाद से जुड़े लोगों को ढूढना तेज हो गया था।

सीजफायर के ऐलान के बाद भी फांसी
बुधवार को इन तीन लोगों को जासूसी करने के आरोप में फांसी दी गई है। जिससे यह साफ साबित होता है की ईरान में अभी स्थिति सामान्य नहीं हुई है। सबसे दिलचस्प बात यह है की इन तीन लोगों को फांसी की सजा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सीजफायर के एलान के बाद दी गई।
क्यों मचा ईरान में मौत का तांडव?
13 जून को इजरायल ने ईरान के कुछ अहम ठिकानों पर हमला कर दिया। जिसके जवाब में ईरान ने अमेरिका और इजरायल के महत्वपूर्ण जगहों और बिल्डिंगो को निशाना बनाया। तभी से देश में मोसाद से जुड़े लोगों को पकड़ने की गति तेज हो गई। क़ुम प्रांत की पुलिस ने हाल ही में 22 और लोगों को हिरासत में लिया है, इन सभी लोगों पर जासूसी और देशद्रोह जैसे आरोप और इजरायली एजेंसियों से जुड़े होने के आरोप लगाए गए हैं। ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी मीजान के मुताबिक इन लोगों ने इजराइल के लिए संवेदनशील यंत्र और इक्विपमेंट्स तस्करी के जरिए देश में पहुंचाए थे जिनका इस्तेमाल किसी की हत्या में किया जाता है।
एक साल में 975 लोगों को फांसी
मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि साल 2024 में अब तक ईरान में 975 से ज़्यादा लोगों को फांसी दी जा चुकी है, जिनमें बड़ी संख्या देशद्रोह और विदेशी एजेंसियों से संपर्क के आरोप में फांसी पाए लोगों की है। तेहरान से आई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अब तक 300 से ज्यादा लोगों को सजा दी जा चुकी है।
हर प्रत्येक दिन ईरान में मौत की सजा
18 जून को UN में मानवाधिकार डिप्टी हाई कमिश्नर नादा अल-नशिफ द्वारा बुधवार को जिनेवा स्थित परिषद को प्रस्तुत की गई रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में ईरान में कम से कम 975 लोगों को मृत्युदंड दिया गया, जिसकी संख्या 2015 के बाद सबसे ज्यादा है। सुश्री अल-नशिफ ने आगे कहा, "इन मामलों में वकील तक पहुंच की कमी सहित यातना और उचित प्रक्रिया के उल्लंघन के गंभीर आरोप हैं।"
इस रिपोर्ट पर आपकी क्या राय है, हमें कॉमेंट में बताएं
-
Trump Iran Statement: 'हम ईरान में बहुत अच्छा कर रहे हैं', ट्रंप के इस बयान के क्या मायने? -
Hormuz China ships: ईरान ने चीन को दिया बड़ा झटका, होर्मुज में 2 बड़े चीनी जहाजों को खदेड़ा, टूट गई दोस्ती? -
OI Exclusive: कश्मीर में ईरान के लिए जुटाए पैसों का भारत के खिलाफ होगा इस्तेमाल? आतंकी लगा रहे सेंध! -
Petrol Diesel Price Hike: पेट्रोल ₹5.30 और डीजल ₹3 महंगा, ईरान जंग के बीच इस कंपनी ने बढ़ाई कीमतें, ये है रेट -
Petrol Diesel Crisis: भारत के पास कितने दिनों का पेट्रोल-डीजल और LPG? किसके पास सबसे ज्यादा और कहां खड़े हम? -
Khamenei last Photo: मौत से चंद मिनट पहले क्या कर रहे थे खामनेई? अमेरिकी हमले से पहले की तस्वीर आई सामने -
Israel-Iran War: Alireza Tangsiri कौन थे, जिन्होंने होर्मुज कराया बंद? अब इजरायल का दावा- 'हमने मार गिराया' -
Middle East War: ट्रंप बनने वाले थे ईरान के सुप्रीम लीडर? ईरान ने दिया डोज, हो गए अरमान ठंडे -
Strait of Hormuz पर अब ईरान वसूलेगा टोल टैक्स? किसका है इस पर असली हक, क्या होगा दुनिया की जेब पर असर -
Indian Airlines Alert: पश्चिम एशिया जंग ने 12% फ्लाइट्स घटाईं, 3000 उड़ानें रद्द, क्या महंगे होंगे टिकट? -
Fuel Crisis: अब कितने दिन का बचा है तेल का स्टॉक? और कितने जहाज आ रहे भारत? Strait of Hormuz से आई बड़ी खबर -
'पाकिस्तान जैसा दलाल नहीं है भारत', अमेरिका-ईरान मध्यस्थता पर विपक्ष को जयशंकर का करारा जवाब












Click it and Unblock the Notifications