Nirav Modi: कंगाल हुआ नीरव मोदी, जुर्माना देने तक के नहीं बचे पैसे, उधार लेकर काट रहा जिंदगी
Nirav Modi Extradition Case: नीरव मोदी लंदन की एक कोर्ट में पेश हुआ। कोर्ट में उसने बताया कि उसके पास अपने पर्सनल खर्च तक के पैसे तक नहीं है वो पिछले दो साल से उधार पैसे लेकर जिंदगी काट रहा है।

Nirav Modi Extradition Case: भारत से विदेश में शरण लेने वाला भगोड़ा नीरव मोदी पाई-पाई तक का मोहजात हो गया है। पूर्व अरबपति हीरा व्यवसायी नीरव मोदी के पास अपनी जमानत के तक पैसे नहीं बचे हैं जिस कारण उसको 150,247 पाउंड (करीब 1.47 करोड़ रुपये) का जुर्माना चुकाने के लिए पैसे उधार लेना पड़ रहा है। याद रहे कोर्ट ने नीरव मोदी को प्रत्यर्पण की अपील के लिए लागत का भुगतान करने के आदेश दिया था। जिसके बाद उसने 150,247 पाउंड (146 लाख रुपये) का जुर्माना वापस करने के लिए पैसे उधार लिए हैं।

लंदन में बार्किंगसाइड मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश हुआ नीरव मोदी
टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार 51 वर्षीय नीरव मोदी ने वीडियो लिंक के जरिए एचएमपी वैंड्सवर्थ से गुरुवार को पूर्वी लंदन में बार्किंगसाइड मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश हुआ और इस तथ्य पर बिना वकील के अपना बचाव किया कि उसने अपने प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील के लिए 150,247 पाउंड (146 लाख रुपये) की लागत का भुगतान नहीं किया था, जिसके कारण वो केस हार गया था।

जानें क्यों अदालत में घसीटा गया नीरव मोदी
अदालत ने लागत आदेश 9 जनवरी को प्रत्यर्पण कार्यवाही न्यायाधीश द्वारा दिया गया था और उसे 28 दिनों के अंदर उक्त धनराशि का भुगतान करने का आदेश दियाथा और वो ये धनराशि नहीं जमा कर सका। उन्होंने एक महीने में £10,000 (9.7 लाख रुपये) का भुगतान करने की पेशकश की थी और जुर्माना टीम ने इसे अस्वीकार कर दिया था, यही वजह है कि उन्हें अदालत के सामने घसीटा गया था।
नीरव ने कहा मैं अपना जुर्माना भरने के लिए असमर्थ हूं
कोर्ट ने नीरव से उसका नाम, जन्मतिथि और पता पूछा गया तो उसने भारत का पता बताया। अदालत ने जब उससे यूके का एड्रेस पूछा तो उसने कहा कि उसके पास यूके का कोई पता नहीं है। यह पूछे जाने पर कि उसने भुगतान क्यों नहीं किया इसका दुखी होते हुए उसने जवाब देते हुए कहा मेरी सारी संपत्ति जब्त कर ली गई है और मैं अपनी कानूनी फीस भरने में असमर्थ हूं।
नीरव बोला भारत में फर्जी आरोपों के कारण उसकी संपत्ति जब्त कर ली
मजिस्ट्रेटों पीठ ने उनसे पूछा कि क्या उनके कुछ समय जेल में डाल दिया जाए जिसका जवाब उसने हां में दिया। नीरव से कोर्ट ने जब पूछा तुम्हारी संपत्ति भारत में क्यों जब्त कर ली गई। इसके जवाब में उसने कहा 'मेरी अधिकांश संपत्ति भारत में है जहां मैं पिछले 30 वर्षों से रह रहा हूं और काम कर रहा हूं, और मेरी संपत्ति भारत में पिछले चार सालों से फर्जी आरोपों के कारण जब्त कर ली गई है।
नीरव ने बताया उधार लेकर पिछले दो सालों से जिंदगी काट रहा
कोर्ट ने जब उससे पूछा कि उसे हर महीने 10,000 पाउंड कहां से मिलेंगे, इस पर उसने बताया कि मैं उधार ले रहा हूं और पिछले दो वर्षों से हूं। मैं चार साल से जेल में हूं - और मेरे पहले दो साल के फंड के बाद तब से उधार लेना बंद हो गया है।
कोर्ट ने पूछा-बेगुनाही साबित करने के लिए भारत क्यों नहीं अभी तक लौटा
मजिस्ट्रेट ने उससे पूछा वह जेल में क्यों है जिसके जवाब में नीरव मोदी ने कहा प्रत्यर्पण शुल्क के लिए। पीठ के अध्यक्ष ने उनसे पूछा कि अगर आरोप फर्जी थे तो वह अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए भारत क्यों नहीं अभी तक लौटा, इस पर नीरव ने जवाब दिया 'मुझे भारत में निष्पक्ष सुनवाई नहीं मिलेगी। उनसे पूछा गया कि क्या वह इस साल जेल से रिहा होंगे और तो नीरव ने कहा उन्हें नहीं पता। जब भारत में प्रत्यर्पित किए जाने की बात की गई, तो नीरव ने कहा नहीं।पीठ ने फैसला सुनाया कि नीरव छह महीने के लिए प्रति माह £ 10,000 (9.7 लाख रुपये) का भुगतान कर सकता है और इसके बाद समीक्षा सुनवाई होगी।
जानें नीरव मोदी पर क्या लगा है आरोप
बता दें भारत के हीरा व्यवसायी नीरव मोदी के ब्रिटेन में प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील खारिज होने के बाद उसके प्रत्यर्पण का आदेश दिया गया था, लेकिन वह अभी तक वापस नहीं गया है। नीरव मोदी पर भारतीय बैंकों के इतिहास में पंजाब नेशनल बैंक में अब तक की सबसे बड़ी धोखाधड़ी करने का आरोप है।












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