Nimisha Priya Case भारतीय नर्स को फांसी से बचाएंगे हूती विद्रोही? निमिषा प्रिया केस में ईरान की एंट्री
Nimisha Priya case: यमन में फांसी की सजा से बचने की कोशिश कर रहीं भारतीय नर्स निमिषा प्रिया के मामले में अब नया मोड़ आ गया है और यमन गणराज्य के दूतावास ने इस बात से इनकार किया है, कि राष्ट्रपति डॉ. राशिद अल-अलीमी ने केरल की नर्स निमिषा प्रिया की मौत की सजा की पुष्टि की है।
सोमवार (6 जनवरी 2025) को एक प्रेस रिलीज में, दूतावास ने निमिषा प्रिया के मामले के बारे में हालिया रिपोर्टों को संबोधित किया है, जो यमन की राजधानी सना में केंद्रीय जेल में बंद हैं, और जिन्हें फांसी की सजा सुनाई गई है। दूतावास के बयान में कहा गया है, कि "यमनी सरकार इस बात पर जोर देती है, कि पूरे मामले को हूती मिलिशिया की तरफ से संभाला गया है, और इसलिए, यमन गणराज्य के राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के अध्यक्ष महामहिम डॉ. राशिद अल-अलीमी ने इस फैसले की पुष्टि नहीं की है।"

क्या हूती विद्रोहियों ने सुनाई है फांसी की सजा? (Nimisha Priya Case Houthi Militia)
यह मामला केरल के पलक्कड़ की रहने वाली निमिषा प्रिया से संबंधित है, जिन्हें जुलाई 2017 में एक यमनी नागरिक तलाल अब्दो मेहदी की कथित हत्या के बाद गिरफ्तार किया गया था। उन्हें 2020 में सना की एक ट्रायल कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई थी और यमन की सर्वोच्च न्यायिक परिषद ने नवंबर 2023 में उनकी अपील को खारिज कर दिया था, और ब्लड मनी का भुगतान करने का विकल्प खुला रखा था।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने 31 दिसंबर 2024 को कहा था, कि सरकार निमिषा प्रिया को हरसंभव मदद दे रही है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "हमें यमन में निमिषा प्रिया की सजा के बारे में पता है। हम समझते हैं, कि प्रिया का परिवार प्रासंगिक विकल्पों पर विचार कर रहा है। सरकार इस मामले में हरसंभव मदद कर रही है।"
निमिषा को बचाने आगे आया ईरान?
वहीं, गुरुवार (2 जनवरी 2025) को नई दिल्ली में एक उच्च पदस्थ ईरानी अधिकारी ने आश्वासन दिया है, कि, "ईरान, यमन में मौत की सजा पाने वाली भारतीय नर्स निमिषा प्रिया का मामला "उठाएगा"। इस मामले की सुनवाई यमन की प्रशासनिक राजधानी सना में हो रही है, जो ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के नियंत्रण में है और ईरानी अधिकारी द्वारा सहायता की घोषणा से भारत को नर्स की जान बचाने में मदद मिल सकती है।
आपको बता दें, कि हूती विद्रोहियों पर ईरान का काफी प्रभाव है और भारत के ईरान से काफी अच्छे संबंध हैं। तो संभावना बन रही है, कि ईरान के हस्तक्षेप से हूती विद्रोही, निमिषा प्रिया की फांसी की सजा माफ कर दे। हालांकि, अभी ये सिर्फ संभावनाएं हैं और पुख्ता तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता है।
द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी दूतावास में एक सवाल के जवाब में वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कहा, "हम नर्स के बारे में इस मुद्दे को उठाएंगे। हम जो भी कर सकते हैं, करेंगे।"
भारतीय राजनयिकों के साथ विदेश कार्यालय परामर्श आयोजित करने के लिए ईरानी टीम का नेतृत्व कर रहे अधिकारियों ने ने मामले के बारे में आश्वासन देने से पहले निमिषा प्रिया के खिलाफ आरोपों के बारे में अपने साथ आए एक सहयोगी से संक्षिप्त जानकारी प्राप्त की है। हालांकि, विदेश मंत्रालय के आधिकारिक सूत्रों ने पहले द हिंदू को बताया था, कि यह मामला पेचीदा है क्योंकि भारत के ईरान-संबद्ध हूती विद्रोहियों के साथ आधिकारिक संबंध नहीं हैं और यह समझा जाता है, कि इस संबंध में ईरानी समर्थन एक महत्वपूर्ण अंतर ला सकता है।
निमिशा प्रिया के खिलाफ मौत की सजा को पिछले सोमवार को यमन के राष्ट्रपति रशद अल अलीमी ने मंजूरी दे दी थी और एक महीने के भीतर फांसी की सजा दिए जाने की आशंका है। वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने भी मामले की गंभीरता को स्वीकार किया और कहा, कि यह मामला "हत्या" से संबंधित है, क्योंकि प्रिया को 2017 में अपने व्यापारिक साझेदार तलाल अब्दो महदी की हत्या के लिए दोषी ठहराया गया है।












Click it and Unblock the Notifications