Nimisha Priya कौन है? यमन में धोखा, मर्डर और अब मौत की सजा का कर रही सामना; Timeline में जानें पूरी कहानी
Nimisha Priya Case: यमन में केरल निवासी 36 वर्षीय भारतीय नर्स निमिषा प्रिया, एक विवादास्पद हत्या मामले में मौत की सजा का सामना कर रही हैं। निमिषा पर 2017 में यमन नागरिक तलाल अब्दो महदी की हत्या और उसके शव को टुकड़ों में काटने का आरोप है। इस मामले ने भारत और यमन दोनों में काफी ध्यान अपनी ओर खींचा किया है।
हाल ही में, यमन के राष्ट्रपति रशद अल-अलीमी ने उनकी मौत की सजा को मंजूरी दे दी, जिससे उनकी स्थिति और भी गंभीर हो गई है। ऐसे आपके जहन में यह सवाल उठना लाजमी है कि कौन है निमिषा प्रिया? और क्यों दो देशों के लिए बनी तनाव की वजह?

निमिषा प्रिया कौन हैं? (Who is Nimisha Priya)
निमिषा प्रिया केरल के पलक्कड़ जिले की रहने वाली हैं। 2011 में बेहतर रोजगार के अवसरों की तलाश में वह नर्सिंग के काम के लिए यमन की राजधानी सना गई थीं। 2015 में उन्होंने यमन में एक क्लिनिक खोला। वहां उन्होंने एक मेडिकल क्लिनिक खोलने के लिए स्थानीय नागरिक तलाल अब्दो महदी के साथ साझेदारी की। यह यमन में विदेशी नागरिकों के लिए एक कानूनी आवश्यकता है।
2014 में, गृहयुद्ध और आर्थिक परेशानियों के चलते प्रिया का परिवार भारत लौट आया, लेकिन वह खुद यमन में काम करती रहीं। प्रिया के लिए परिस्थितियां तब बदल गईं, जब तलाल महदी ने उनके जीवन में हस्तक्षेप करना शुरू किया।
क्या है हत्या का मामला?
2017 में निमिषा प्रिया को तलाल अब्दो महदी की हत्या का दोषी ठहराया गया। प्रिया पर आरोप है कि उन्होंने तलाल को बेहोशी की दवा देकर उसे मार दिया। उधर, प्रिया का कहना है कि उनका इरादा केवल तलाल को बेहोश करने का था, ताकि वह अपना पासपोर्ट वापस ले सकें, जिसे तलाल ने जब्त कर लिया था।
लेकिन दवा के ओवरडोज़ के कारण तलाल की मौत हो गई। इसके बाद, निमिषा और उनकी साथी हनान ने कथित तौर पर तलाल के शव को टुकड़ों में काटकर पानी की टंकी में डाल दिया।
तलाल पर क्या हैं प्रिया के आरोप?
तलाल ने फर्जी दस्तावेज़ बनाकर दावा किया कि वह निमिषा का पति है। निमिषा का आरोप है कि तलाल ने उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। तलाल ने निमिषा का पासपोर्ट जब्त कर लिया और उनके क्लिनिक से पैसे लेने लगा। उसने निमिषा के साथ दुर्व्यवहार किया और उसे अपने दोस्तों के सामने यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया।
कानूनी प्रक्रिया और मौत की सजा
- 2018 में, यमन की अदालत ने निमिषा को मौत की सजा सुनाई।
- 2023 में यमन के सुप्रीम कोर्ट ने इस सजा को बरकरार रखा।
- 2024 में, यमन के राष्ट्रपति द्वारा इस सजा को मंजूरी दे दी गई।
ब्लड मनी: सजा से बचने का आखिरी रास्ता क्या है?
यमन के कानून के अनुसार, निमिषा प्रिया तलाल के परिवार को ब्लड मनी (रक्त धन) देकर मौत की सजा से बच सकती हैं। लेकिन इस रकम का अनुमान लगभग 70 लाख रुपये है, जिसे निमिषा और उनका परिवार चुकाने में असमर्थ है।
भारत सरकार और परिवार की कोशिशें
निमिषा का परिवार और कई सामाजिक संगठन ब्लड मनी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। भारत सरकार ने मामले में कानूनी सहायता प्रदान करने की बात कही है, लेकिन यमन में चल रहे गृहयुद्ध और COVID-19 प्रतिबंधों के कारण इसमें देरी हो रही है।
वहीं, निमिषा प्रिया का कहना है कि यह मामला उनके खिलाफ राजनीतिक और कानूनी पक्षपात का परिणाम है। उन्होंने दावा किया है कि वह उत्पीड़न और दुर्व्यवहार से बचने के लिए महदी को शांत करना चाहती थीं, लेकिन दुर्भाग्य से यह कोशिश उनके खिलाफ चली गई।
टाइमलाइन में समझें निमिषा का केस (Nimisha Priya Case Timeline)
- 2011: बेहतर रोजगार की तलाश में निमिषा नर्सिंग के काम के लिए यमन की राजधानी सना पहुंची।
- 2012: यमन के एक हॉस्पिटल में नर्स की नौकरी जॉइन की।
- 2014: गृहयुद्ध और आर्थिक परेशानियों के चलते प्रिया का परिवार भारत लौट आया। निमिषा यमन के नागरिक तलाल से मुलाकात हुई।
- अप्रैल 2015: निमिषा ने तलाल संग पार्टनरशिप में एक क्लिनिक खोला।
- 2017: तलाल पर निमिषा का पासपोर्ट रखकर बंधक बनाने का आरोप।
- जुलाई 2017: निमिषा ने तलाल को नशे का इंजेक्शन दिया, ओवरडोज से मौत। निमिषा की मां ने दिल्ली हाईकोर्ट से यमन जाने की इजाजत मांगी।
- 2018: यमन की अदालत ने निमिषा को मौत की सजा सुनाई।
- 17 नवंबर 2023: हाईकोर्ट ने ब्लड मनी पर बातचीत के निर्देश देने से इनकार किया।
- 12 दिसंबर 2023: हाईकोर्ट ने निमिषा की मां को यमन जाने की इजाजत दी।
- दिसंबर 2024: यमन के राष्ट्रपति द्वारा इस सजा को मंजूरी दे दी गई।
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