Dharavi Redevelopment Updates: धारावी के शाहू नगर में शिफ्टिंग शुरू, रहने वालो को मिलेंगे पक्के मकान और मुआवजा
धारावी पुनर्विकास परियोजना (DRP) ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने शाहू नगर के निवासियों को शिफ्ट करने की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी है। भारत की सबसे बड़ी शहरी नवीकरण योजनाओं में से एक को जमीन पर उतारने की दिशा में यह एक बेहद अहम कदम माना जा रहा है।

यह कार्रवाई धारावी पुनर्विकास परियोजना और स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) द्वारा सेक्टर 6 के निवासियों को नोटिस जारी किए जाने के बाद शुरू हुई है। यह कदम धारावी को एक आधुनिक और नियोजित शहरी टाउनशिप में बदलने की चरणबद्ध रणनीति का हिस्सा है।
पुनर्विकास का यह विशाल प्रोजेक्ट महाराष्ट्र सरकार और अदाणी ग्रुप के बीच पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) के तहत किया जा रहा है। इस काम को 'नवभारत मेगा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड' नाम की एक स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) कंपनी अंजाम दे रही है, जिसमें अदाणी ग्रुप की 80 प्रतिशत और राज्य सरकार की 20 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
मुख्य विकास भागीदार के रूप में, अदाणी ग्रुप इस प्रोजेक्ट के पूरे क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदार है। इसमें 10 लाख से अधिक निवासियों का पुनर्वास, बड़े पैमाने पर घरों का निर्माण, आधुनिक नागरिक बुनियादी ढांचे का विकास और प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद 10 वर्षों तक रखरखाव की जिम्मेदारी शामिल है। इस प्रोजेक्ट में आवासीय और कमर्शियल 'फ्री-सेल' हिस्से भी विकसित किए जाएंगे, जिससे पुनर्विकास के लिए फंड जुटाने और इलाके की आर्थिक क्षमता को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, निर्माण कार्य के लिए जमीन खाली करने के उद्देश्य से शिफ्टिंग की प्रक्रिया शुरू की गई है। इससे प्रोजेक्ट प्लानिंग स्टेज से निकलकर सीधे काम के स्तर पर पहुंच जाएगा और पात्र निवासियों को उनके स्थायी घर जल्द मिल सकेंगे। यह तेजी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के उस निर्देश के बाद आई है, जिसमें उन्होंने अधिकारियों को पुनर्विकास कार्यों में तेजी लाने और 2028 तक 10,000 नए घर उपलब्ध कराने का लक्ष्य दिया था।
शिफ्टिंग के इस मौजूदा चरण में शाहू नगर में रहने वाले बीएमसी के लगभग 900 किरायेदार शामिल हैं। अधिकारियों ने निर्माण अवधि के दौरान निवासियों को अस्थायी आवास के लिए दो विकल्प दिए हैं।
जो निवासी ट्रांजिट आवास (अस्थायी घर) का विकल्प चुनेंगे, उन्हें धारावी के सेक्टर 5 में म्हाडा (MHADA) की आवासीय इमारतों में शिफ्ट किया जाएगा, जहां लगभग 500 घर तैयार किए जा चुके हैं। इसके अलावा, परिवार किराये के मकान का विकल्प भी चुन सकते हैं, जिसके लिए उन्हें सरकार से वित्तीय सहायता मिलेगी। अधिकारियों का कहना है कि ये ट्रांजिट होम मौजूदा घरों की तुलना में बड़े हैं और यहां रहने की स्थिति काफी बेहतर है, जिससे पुनर्विकास के दौरान निवासियों को कोई परेशानी नहीं होगी।
वित्तीय सहायता पैकेज का ऐलान
शिफ्टिंग की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सरकार ने एक व्यापक पुनर्वास सहायता पैकेज की घोषणा की है। 275 वर्ग फुट तक के घरों में रहने वाले परिवारों को 22,000 रुपये प्रति माह किराया भत्ता मिलेगा, जबकि 375 वर्ग फुट के घरों में रहने वाले परिवार 30,000 रुपये प्रति माह के हकदार होंगे। इस किराये की राशि में हर साल पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी। इसके अलावा, आवास का विकल्प चाहे जो भी हो, हर परिवार को शिफ्टिंग के खर्च के लिए 15,000 रुपये की एकमुश्त राशि दी जाएगी।
बड़े स्थायी घरों की गारंटी
अधिकारियों ने निवासियों को भरोसा दिलाया है कि स्थायी पुनर्वास घरों में जीवन स्तर काफी बेहतर होगा। पुनर्विकास नीति के तहत, लाभार्थियों को कम से कम 500 वर्ग फुट का कारपेट एरिया वाला घर मिलेगा, या फिर उनके मौजूदा घर के आकार का 1.35 गुना बड़ा घर दिया जाएगा (दोनों में से जो भी ज्यादा हो)।
अधिकारियों ने आगे स्पष्ट किया कि शाहू नगर के निवासियों को उसी इलाके में बसाया जाएगा। उम्मीद है कि निर्माण कार्य शुरू होने का प्रमाण पत्र (CC) मिलने के पांच साल के भीतर उन्हें उनके स्थायी घरों का कब्जा मिल जाएगा।
सरकारी अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि निवासियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शिफ्टिंग की जा रही है ताकि निर्माण कार्य चरणों में शुरू हो सके। उन्होंने कहा कि इसका बड़ा उद्देश्य घरों के निर्माण में तेजी लाना और धारावी को एक आधुनिक और टिकाऊ शहरी जिले में बदलना है।
जैसे-जैसे पुनर्विकास प्रोजेक्ट रफ्तार पकड़ रहा है, शाहू नगर के निवासियों की शिफ्टिंग को मुंबई के शहरी कायाकल्प और बेहतर हाउसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के सपने की ओर एक निर्णायक कदम के रूप में देखा जा रहा है।












Click it and Unblock the Notifications