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Nimisha Priya Case: यमन में मौत की सजा से बचने के लिए निमिषा के पास क्या हैं विकल्प? कैसे जुटा रहे ब्लड मनी?

Nimisha Priya Case: केरल की 36 वर्षीय नर्स निमिषा प्रिया यमन में मौत की सजा का सामना कर रही हैं। उसपर 2017 में यमन के नागरिक तलाल अब्दो महदी की हत्या का आरोप है। यह मामला इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि हत्या के बाद, उस पर शव के टुकड़े करने का आरोप भी लगाया गया।

इस घटना ने भारत और यमन दोनों देशों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इससे मामला और भी गंभीर हो गया है। अब सवाल यह उठता है कि उनके पास इस मुश्किल स्थिति से बाहर निकलने के लिए क्या विकल्प हैं। आइए जानते हैं...

Nimisha Priya Case

निमिषा प्रिया के पास क्या विकल्प हैं?

1. ब्लड मनी (दिया) के जरिए माफी
यमन के शरिया कानून के अनुसार, मृतक के परिवार को ब्लड मनी देकर सजा माफ करवाई जा सकती है। नवंबर 2023 में, निमिषा के परिवार ने बातचीत शुरू करने के लिए 40,000 डॉलर का भुगतान किया। अनुमान है कि ब्लड मनी के रूप में लगभग 400,000 डॉलर (लगभग 3.3 करोड़ रुपये) की जरूरत होगी। 'सेव निमिषा प्रिया इंटरनेशनल एक्शन काउंसिल' इस धनराशि को जुटाने का प्रयास कर रही है।

2. भारत सरकार का हस्तक्षेप
भारत सरकार ने इस मामले में हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है। भारतीय दूतावास, आदिवासी नेताओं और महदी के परिवार के बीच मध्यस्थता की योजना पर काम कर रहा है। कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में अपील की गई है।

3. अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप और मानवीय आधार
मानवाधिकार संगठनों की मदद से सजा के निष्पादन को रोकने की कोशिश की जा सकती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यमन में महिलाओं के अधिकार और उत्पीड़न के मामलों को उजागर किया जा सकता है।

टाइमलाइन: निमिषा प्रिया का मामला

  • 2011: निमिषा नर्सिंग के लिए यमन गईं।
  • 2014: गृहयुद्ध के कारण परिवार भारत लौट गया। तलाल से मुलाकात और बाद में साझेदारी में क्लिनिक खोलने का निर्णय।
  • 2017: तलाल ने कथित तौर पर निमिषा का पासपोर्ट जब्त किया और उन्हें प्रताड़ित किया। पासपोर्ट वापस पाने के लिए नशीली दवा का उपयोग किया, लेकिन ओवरडोज से तलाल की मौत हो गई। निमिषा को गिरफ्तार किया गया।
  • 2018: यमन की अदालत ने निमिषा को मौत की सजा सुनाई।
  • 2020:'सेव निमिषा प्रिया इंटरनेशनल एक्शन काउंसिल' का गठन हुआ।
  • 2023: यमन की सर्वोच्च न्यायिक परिषद ने अपील खारिज की।
  • 2024: यमन के राष्ट्रपति ने सजा को मंजूरी दी।


भारत सरकार और कानूनी विशेषज्ञ क्या कह रहे हैं?

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, यमन में भारतीय दूतावास इस मामले में सक्रिय है। परिवार को कानूनी और वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।

वकील सुभाष चंद्रन ने कहा कि भारत सरकार को पीड़ित परिवार से बातचीत में तेजी लानी चाहिए। यमन में हौथी विद्रोहियों की मौजूदगी और सुरक्षा चुनौतियों के कारण यह मामला और जटिल हो गया है।

क्या हैं चुनौतियां और संभावनाएं?

1. यमन का गृहयुद्ध और राजनीतिक अस्थिरता।
2. ब्लड मनी की भारी धनराशि जुटाना।
3. मृतक के परिवार को माफी के लिए मनाना।

संभावनाएं:
1. ब्लड मनी के जरिए रिहाई का रास्ता।
2. अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों की मदद।
3. भारत सरकार का कूटनीतिक दबाव।

क्या है आगे का रास्ता?

  • ब्लड मनी के लिए धन जुटाना फिलहाल सबसे व्यावहारिक विकल्प है।
  • भारत सरकार को यमन में कूटनीतिक प्रयासों के साथ-साथ मानवाधिकार संगठनों की मदद से मामले को हल करने की कोशिश करनी होगी।

ये भी पढ़ें- Nimisha Priya कौन है? यमन में धोखा, मर्डर और अब मौत की सजा का कर रही सामना; Timeline में जानें पूरी कहानी

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