कब जेल से बाहर आएंगे रौशन आनंद? जमानत पर फिर अटका पेंच, टला खान सर के गार्ड्स पर भी फैसला
Raushan Anand vs Khan Sir: पटना में कोचिंग संस्थानों से जुड़े चर्चित विवाद और फायरिंग मामले में कानूनी गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं। ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद की जमानत याचिका पर अब सोमवार को सुनवाई होगी। जबकि उनकी रिहाई की मांग को लेकर छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। दूसरी ओर, खान सर को फिलहाल गिरफ्तारी से राहत मिली हुई है और उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर भी अदालत में सुनवाई जारी है।
मामले में गिरफ्तार खान सर के दो सुरक्षा गार्डों की जमानत पर भी अदालत का फैसला आना बाकी है। इस पूरे घटनाक्रम ने पटना के कोचिंग जगत, छात्रों और अभिभावकों के बीच बड़ी बहस छेड़ दी है। छात्र इसे न्याय का सवाल बता रहे हैं, जबकि मामला अब पूरी तरह अदालत और जांच एजेंसियों के दायरे में पहुंच चुका है।

रौशन आनंद की बेल पर सोमवार को सुनवाई
खान ग्लोबल स्टडीज पर हुए हमले के मामले में जेल में बंद ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद की ओर से जमानत याचिका दाखिल की गई है। यह याचिका पहले जिला जज की अदालत में दायर की गई थी, जिसे बाद में ट्रांसफर कर एडीजे-33 की अदालत में भेजा गया।
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मामले में सोमवार को सुनवाई होनी है। रौशन आनंद के समर्थकों और छात्रों को उम्मीद है कि उन्हें अदालत से राहत मिल सकती है। इसी वजह से उनके समर्थन में लगातार आवाज उठाई जा रही है।
छात्रों ने फिर किया प्रदर्शन
रौशन आनंद की रिहाई की मांग को लेकर छात्र एक बार फिर सड़कों पर उतरे। यह तीसरा मौका था जब छात्रों ने उनके समर्थन में प्रदर्शन किया। छात्र पटना कॉलेज से कारगिल चौक तक मार्च निकालना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। हालात को देखते हुए वाटर कैनन की गाड़ी भी बुलाई गई थी।
छात्रों ने उठाए कई सवाल
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि बिना किसी स्वतंत्र जांच समिति के किसी व्यक्ति को जेल भेज देना उचित नहीं है। उनका कहना है कि पहले निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और उसके बाद कार्रवाई की जानी चाहिए। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि मामले में अलग-अलग लोगों के साथ अलग व्यवहार किया जा रहा है। प्रदर्शन में शामिल कुछ छात्रों ने कहा कि जिस व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं, वह बाहर है, जबकि जिस पर सीधे तौर पर आरोप साबित नहीं हुए हैं, वह जेल में है।
खान सर को गिरफ्तारी से राहत
इधर, फायरिंग मामले में खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर भी पटना सिविल कोर्ट में सुनवाई हुई थी। अदालत ने फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा रखी है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि अगली सुनवाई या अगले आदेश तक उनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी। खान सर की ओर से पेश हुए वकील अरविंद कुमार महुआर ने अदालत में कहा कि गोली आत्मरक्षा में चलाई गई थी और किसी को डराने या माहौल खराब करने का उद्देश्य नहीं था। खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर अब 20 जून को सुनवाई होगी।
गार्ड्स की जमानत पर भी फैसला बाकी
मामले में गिरफ्तार खान सर के दो सुरक्षा गार्ड दीपक कुमार और तालेबर सिंह की जमानत याचिका पर भी फैसला अब सोमवार को आएगा। मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास अनुराग वर्मा की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। अदालत ने पुलिस से मामले से जुड़े सबूत भी मांगे हैं। दोनों सुरक्षा गार्डों को 4 जून को गिरफ्तार किया गया था। उनकी जमानत पर भी अदालत का फैसला आने की प्रतीक्षा की जा रही है।
FIR में क्या हैं आरोप
पुलिस द्वारा दर्ज FIR में सुरक्षा गार्डों के बयान का जिक्र किया गया है। शिकायत के अनुसार, आरोप है कि खान सर ने गार्ड्स से गोली चलाने को कहा था और बाकी स्थिति संभालने की बात कही थी। इसी आधार पर पुलिस ने हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच अभी जारी है।
पुलिस को लेकर बदला बयान
हमले की घटना के बाद शुरुआती प्रतिक्रिया में खान सर ने पुलिस की तारीफ की थी। लेकिन बाद में फायरिंग का वीडियो सामने आने के बाद उन्होंने कहा कि मौके पर मारपीट हो रही थी और पुलिस देर से पहुंची थी। खान सर का कहना था कि सुरक्षा गार्डों का काम सुरक्षा देना होता है। उन्होंने कहा कि जब तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंची थी, तब तक गार्ड्स ने आत्मरक्षा में कदम उठाया। उनका दावा है कि किसी व्यक्ति को निशाना बनाकर गोली नहीं चलाई गई।
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