तेजी से फैल रहा कोरोना का नया वैरियंट 'एरिस', इस देश में सितंबर तक आ सकती है बड़ी लहर
New Covid variant: 'कोविड 19' ने देश सहित विदेशों में कितनी तबाही मचाई, इस बात के गवाह हम सभी लोग हैं। आम लोगों से लेकर खास तक को इस बीमारी ने हिलाकर रख दिया था। बीमारी के असर के खत्म होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है। लेकिन अब एक और कोविड वैरिएंट चिंता का विषय बनता जा रहा है। इसका नाम है एरिस या फिर EG.5.1
ये वायरस पूरे ब्रिटेन में तेजी से फैल रहा है। शुरुआत में 31 जुलाई को एक वेरिएंट के रूप में पहचाना गया, एरिस ओमिक्रॉन स्ट्रेन का एक वेरिएंट है और अब यह दूसरा सबसे चर्चित वेरिएंट बन गया है, जिससे दस में से हर एक इंसान परेशान है।

अस्तपताल में बढ़ रही मरीजों की संख्या
संक्रमण में वृद्धि ऐसे समय में हुई है जब देश अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों संख्या में बढ़ोतरी से जूझ रहा है। इसके साथ ही खराब मौसम और कमजोर होती प्रतिरक्षा ने इसे और बढ़ा दिया है। खराब स्थिति के चलते विशेषज्ञों के सामने खतरे की घंटी बजती दिख रही है। इस वैरियंट ने ओमिक्रॉन, आर्कटुरस और एरिस के सबवेरिएंट के जरिये पैलने वाली एक और लहर की संभावना की चेतावनी दी है।
एरिस के पैदा होने की निगरानी
अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों, विशेष रूप से एशियाई क्षेत्रों में उल्लेखनीय वृद्धि के बाद यूके स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी (यूकेएचएसए) 3 जुलाई, 2023 से एरिस के पैदा होने की बारीकी से निगरानी कर रही है।
कई मामले हैं चिंताजनक
10 जुलाई से यूके के लगभग 11.8% वैरियंट की पहचान एरिस के रूप में की गई थी और नवीनतम डेटा से पता चलता है कि ये आंकड़ा सभी मामलों के चिंताजनक 14.6% तक पहुंच गया है। चलिये बात करते हैं इस वैरियंट के कुछ लक्षणों के बारे में...
जानिये इसके लक्षणों के बारे में
एरिस के कुछ लक्षण मूल ओमीक्रॉन स्ट्रेन से विरासत में मिले हैं। और जैसा कि ZOE हेल्थ स्टडी द्वारा बताया गया है, वैरिएंट से जुड़े अहम पांच लक्षण हैं:
- बहती नाक
- सिर दर्द
- थकान (हल्की या गंभीर)
- छींक आना और गले में खराश
प्रोफेसर ने बोली ये बात
इंडिपेंडेंट सेज की सदस्य प्रोफेसर क्रिस्टीना पगेल ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि यूके संभवतः इन वेरिएंट्स, कमजोर प्रतिरक्षा और प्रतिकूल मौसम के कारण एक और लहर की तरफ बढ़ सकता है। उन्होंने बताया कि हाल ही में लगातार नम मौसम इस बढ़ोतरी में योगदान दे सकता है क्योंकि लोग घर के अंदर अधिक वक्त बिताते हैं।
सितंबर में तेजी से फैल सकता है वैरियंट
उन्होंने चेतावनी दी कि ये सिर्फ शुरुआत हो सकती है और जैसे ही गर्मियों की छुट्टियां खत्म होंगी। स्कूल और ऑफिस फिर से खुलेंगे तो सितंबर में लहर तेजी से बढ़ सकती है।
चिंताओं पर क्या बोले प्रोफसर?
हालाँकि, इंपीरियल कॉलेज लंदन में प्राथमिक देखभाल और सार्वजनिक स्वास्थ्य के प्रमुख प्रोफेसर अज़ीम मजीद ने एरिस से जुड़ी चिंताओं को कम करके कुछ आशंकाओं को शांत करने की कोशिश की।
एरिस पर डब्ल्यूएचो की निगरानी
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मामलों की संख्या में उतार-चढ़ाव स्वाभाविक है और जबकि एरिस को डब्ल्यूएचओ द्वारा निगरानी के तहत एक प्रकार के रूप में नामित किया गया है। ऐसे में इसे वर्तमान में चिंता के एक प्रकार के रूप में वर्गीकृत नहीं किया गया है।












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