सौर मंडल में छिपे 1000 एस्टेरॉयड ट्रेल्स धरती के लिए खतरे की घंटी, जर्मनी के साइंटिस्ट ने दिए अहम संकेत
एस्टेरॉयड (Asteroids) धरती के लिए लंबे से समय से खतरा माने जाते हैं। धरती से एस्टेरॉयड की टक्कर होने पर भारी तबाही मच जाएगी। पृथ्वी से डायनासोर के खत्म होने का कारण एस्टेरॉयड (Asteroids) का धरती से टकराना ही माना जाता है। हलांकि इस तथ्य की पुष्टि अब तक नहीं हो पाई। वहीं अब सौर मंडल में लगातार मिल रहे एस्टेरॉयड से पृथ्वी के लिए संकट की स्थिति है। जर्मनी के एक साइंटिस्ट ने हबल अर्काइव में मौजूद करीब 1000 एस्टेरॉइड्स ट्रेल्स (Asteroids Trails) को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है।

एस्टेरॉयड के पृथ्वी से टकराने पर मच सकती है तबाही
अंतरिक्ष वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर कोई एस्टेरॉयड करीब 46 लाख मील के अंदर आता है, तो धरती के लिए खतरा हो सकता है। एस्टेरॉयड की धरती से टक्कर होते ही तबाही मच सकती है।

नए एस्टेरॉयड ट्रेल्स पर साइंटिस्ट्स की नजर
हबल अर्काइव के डेटा में मौजूद अगर सभी एस्टेरॉयड ट्रेल्स का पता लग जाए तो यह सौर मंडल के इतिहास के लिए अहम हो सकता है। इससे सौर मंडल से जुड़े कई अहम तथ्यों का पता चल सकता है। पिछले 20 वर्षों से हबल अर्काइव में मौजूद इन 1,000 से अधिक नए एस्टेरॉयड ट्रेल्स पर स्पेस वैज्ञानिकों की नजर है।

हबल अर्काइव में मिले एस्टेरॉयड ट्रेल्स
स्पेस वैज्ञानिकों ने इससे पहले पिछले 20 वर्षों के हबल अर्काइव में 1,700 से अधिक एस्टेरॉयड ट्रेल्स पाए हैं। वहीं अब हबल अर्काइव में पहले से ज्ञात करीब 1,000 एस्टेरॉयड्स को लेकर बात की जा रही है। से सभी एस्टेरॉयड की तो हैं लेकिन अब तक सभी की पुष्टि नहीं हो पाई है।

मशीन-लर्निंग एल्गोरिदम से पहचाने गए एस्टेरॉयड ट्रेल्स
इससे पहले एस्टेरॉयड हंटर पेज पर एस्टेरॉयड्स की पहचान करके उन्हें क्लासीफाई करने लिए 11,482 नागरिक वैज्ञानिकों ने भाग लिया था। जिसमें से 1 प्रतिशत तस्वीरों को लेकर 1488 सकारात्मक वर्गीकरण प्राप्त हुए थे। तस्वीरों की पहचान के लिए मशीन-लर्निंग एल्गोरिदम का प्रयोग किया गया था।

एस्टेरॉयड ट्रे्ल्स काफी छोटे
स्पेस साइंटिट्स का मानना है कि खोजे गए 1031 एस्टेरॉयड में से कुछ की पुष्टि नहीं होने की संभावना है, लेकिन बाकी हमारे सौर मंडल की क्षुद्रग्रह आबादी के बारे में हमारी समझ को समझने में मदद करेंगे। इसके अब तक पता ना लग पाने का कारण इनका आकार बताया जा रहा है। से एस्टेरॉयड ट्रे्ल्स काफी छोटे हैं।

सौर मंडल का मिल सकता है अहम सुराग
सौर मंडल से जुड़े एक ताजा शोध में नए एस्ट्रॉयड को लेकर जिक्र है। यह शोध जर्मनी के मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट फॉर एक्स्ट्राटेरेस्ट्रियल फिजिक्स में हुआ है। संस्थान के वैज्ञानिक सैंडोर क्रुक ने कहा है कि पिछले 20 वर्षों से संग्रहीत हबल डेटा में 1,700 से अधिक क्षुद्रग्रह ट्रेल्स पाए हैं। जबकि पहले से ज्ञात एस्टेरॉड्स की संख्या 1,000 से अधिक नहीं हैं। अर्काइव में मिले 1,000 एस्टेरॉयड क्या हैं ये जनना बेहद आवश्यक है। वे सौर मंडल के इतिहास को जानने का अहम जरिया बन सकते हैं।
-
Gold Silver Rate Today: चांदी 26,000 सस्ती, 10 ग्राम सोना 7000 लुढ़का, खरीदारी से पहले देख लें लेटेस्ट रेट -
24 साल की Ramya के कातिलाना Video देख लोगों के छूटे पसीने, बेचा अचार फिर किया ऐसा काम, इंटरनेट पर मची तबाही -
UPSC Result: कौन हैं राजा मोहिद्दीन, UPSC टॉप-10 में इकलौते मुस्लिम की कहानी, 53 मुसलमान कैंडिडेट्स भी सफल -
Anuj Agnihotri: AIIMS से IAS तक का सफर, अनुज अग्निहोत्री बने UPSC टॉपर, पहले ही एटेम्पट में किया कमाल! -
IAS Success Story: परचून के दुकानदार की बेटी IPS से बनी IAS, UPSC में 9वीं रैंक- Astha Jain की कहानी -
Video:'ये सब संजय झा और ललन सिंह का किया धरा है', नीतीश के राज्यसभा पर साले अनिल का चौंकाने वाला खुलासा -
IAF Su‑30 MKI Fighter Jet: असम में लापता लड़ाकू विमान के दोनों पायलट शहीद, रात 1 बजे मिला प्लेन का मलवा -
PM Kisan: बिना फिंगरप्रिंट के होगा वेरिफिकेशन और खाते में आ जाएगी किस्त! ऐसे डाउनलोड करें पीएम किसान मोबाइल ऐप -
66 की उम्र में प्रेग्नेंट हुईं ये फेमस एक्ट्रेस? लोगों ने पूछा- कौन है बच्चे का बाप? फिर वायरल फोटो का ऐसा सच -
Balen Shah: कौन हैं बालेन शाह, 35 की उम्र में बनने वाले हैं नेपाल के नए PM! क्या है धर्म? पत्नी क्या करती है? -
IND vs ENG: जसप्रीत बुमराह ने रचा इतिहास, ग्लैन मैकग्राथ का वर्ल्ड रिकॉर्ड ध्वस्त, हासिल की ये बड़ी उपलब्धि -
UPSC Civil Services 2025: कौन हैं AIR 3 की रैंक पाने वाले Akansh Dhull? पिता का है BJP से खास कनेक्शन












Click it and Unblock the Notifications