IAS Success Story: परचून के दुकानदार की बेटी IPS से बनी IAS, UPSC में 9वीं रैंक- Astha Jain की कहानी
UPSC CSE Result 2025- IAS Astha Jain Success Story: संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। इस बार उत्तर प्रदेश के शामली की रहने वाली आस्था जैन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक (AIR) 9 हासिल कर टॉप-10 में जगह बनाई है। यह उनकी मेहनत, लगन और सेल्फ-स्टडी की मिसाल है, जो लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनी है।
खास बात यह है कि 23 साल की आस्था पहले से IPS अधिकारी हैं और हैदराबाद में ट्रेनिंग कर रही थीं। अब इस नई रैंक के साथ उनका IAS बनने का सपना पूरा होने जा रहा है। आस्था जैन की सफलता की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि वह किसी बड़े शहर या बड़े संसाधनों वाले परिवार से नहीं आतीं। उनके पिता कांधला कस्बे में छोटी सी किराना और बेकरी की दुकान चलाते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने बेटियों की पढ़ाई में कभी कमी नहीं आने दी।

IAS Astha Jain का सफर: संघर्ष से सफलता तक
आस्था जैन उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कांधला की रहने वाली हैं। उनकी मां गृहिणी हैं और परिवार में तीन बहनें और एक भाई है। आस्था तीन बहनों में दूसरे नंबर पर हैं। उनकी बड़ी बहन डॉक्टर हैं, जबकि छोटी बहन MBBS की पढ़ाई कर रही हैं। परिवार में पढ़ाई को हमेशा सबसे ज्यादा महत्व दिया गया।
बचपन से ही आस्था पढ़ाई में काफी तेज थीं। स्कूल के समय से ही वह हमेशा अच्छे नंबर लाती थीं और टीचर्स की पसंदीदा छात्राओं में गिनी जाती थीं। धीरे-धीरे उनके मन में सिविल सेवा में जाने का सपना भी बनने लगा।
आस्था ने महज 22 साल की उम्र में अपने पहले ही प्रयास में UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2024 पास कर ली थी। उस समय उन्होंने ऑल इंडिया 131वीं रैंक हासिल की थी, जिसके बाद उनका चयन IPS के लिए हुआ। इसके बाद उन्हें ट्रेनिंग के लिए हैदराबाद भेजा गया।
सेल्फ स्टडी से IPS के बाद IAS
- हैदराबाद में IPS ट्रेनिंग के दौरान भी उन्होंने अपना लक्ष्य नहीं छोड़ा। ट्रेनिंग के साथ-साथ उन्होंने UPSC की तैयारी जारी रखी। उन्होंने ज्यादा कोचिंग पर निर्भर रहने के बजाय सेल्फ स्टडी को प्राथमिकता दी और अपने नोट्स और स्ट्रेटेजी पर भरोसा रखा।
- इस मेहनत का नतीजा 2025 के रिजल्ट में देखने को मिला। आस्था जैन ने अपने दूसरे प्रयास में बड़ी छलांग लगाते हुए ऑल इंडिया 9वीं रैंक हासिल कर ली और टॉप 10 में जगह बना ली। अब उनका IAS बनने का सपना सच होने के करीब है।
पिता का सीना गर्व से चौड़ा
मीडिया सोर्स के अनुसार, आस्था की सफलता से उनके घर और पूरे इलाके में खुशी का माहौल है। परिवार, रिश्तेदार और आसपास के लोग उन्हें बधाई देने पहुंच रहे हैं। उनके पिता अजय कुमार का कहना है कि उन्होंने हमेशा अपनी बेटियों को बराबर मौका दिया और कभी पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी।












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