Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Video:'ये सब संजय झा और ललन सिंह का किया धरा है', नीतीश के राज्यसभा पर साले अनिल का चौंकाने वाला खुलासा

Nitish Kumar Rajya Sabha brother-in-law Anil Kumar: बिहार की राजनीति में इन दिनों बड़ा उबाल देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 2026 के राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन करने के फैसले के बाद उनकी ही पार्टी जेडीयू के अंदर नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है। पटना स्थित जेडीयू कार्यालय के बाहर कई कार्यकर्ता विरोध जताते दिखाई दिए और इस फैसले को साजिश बताया।

इस पूरे विवाद के बीच एक नया मोड़ तब आया जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साले अनिल कुमार ने भी खुलकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता साफ तौर पर दो नेताओं का नाम ले रहे हैं। उनके मुताबिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे संजय झा और ललन सिंह यानी राजीव रंजन सिंह की भूमिका हो सकती है। अनिल कुमार ने कहा कि इतने बड़े फैसले के पीछे कोई न कोई साजिश जरूर होगी।

Nitish Kumar Rajya Sabha brother-in-law Anil Kumar

अनिल कुमार बोले- 'संजय झा-ललन सिंह का नाम ले रहे कार्यकर्ता'

सीएम नीतीश कुमार के साले अनिल कुमार ने कहा,

"कार्यकर्ता साफ-साफ कह रहे हैं कि संजय झा और ललन (राजीव रंजन) सिंह इसमें शामिल हैं। ये सब उन्ही दोनों का किया धरा है। यह बिना साजिश के नहीं हो सकता...सभी कार्यकर्ता संजय झा और ललन सिंह का नाम ले रहे हैं...।"

राज्यसभा के बाद भी 6 महीने तक CM रह सकते हैं नीतीश कुमार! क्या सांसद-मुख्यमंत्री दोनों संभव? संवैधानिक नियम
राज्यसभा के बाद भी 6 महीने तक CM रह सकते हैं नीतीश कुमार! क्या सांसद-मुख्यमंत्री दोनों संभव? संवैधानिक नियम

'तीन महीने में ऐसा क्या हुआ'... जेडीयू विधायक भी हैरान (JDU Internal Protest)

जेडीयू के भीतर सिर्फ कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि कुछ विधायक भी इस फैसले को लेकर असहज नजर आ रहे हैं। पार्टी विधायक अनिल चौधरी ने साफ कहा कि मुख्यमंत्री के इस फैसले से वे दुखी हैं। उनका कहना है कि अभी तीन महीने पहले तक ऐसी कोई स्थिति नहीं थी, फिर अचानक इतना बड़ा निर्णय क्यों लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि पार्टी की बैठक में वे इस मुद्दे को जरूर उठाएंगे।

इसी बीच पटना में कई जगह पोस्टर भी लगाए गए हैं। इन पोस्टरों में लिखा है, 'नीतीश सेवक कर रहा पुकार, नेता करें अपने निर्णय पर विचार।' इससे साफ है कि जेडीयू के भीतर इस फैसले को लेकर असंतोष की आवाजें तेज हो रही हैं।

Nishant Kumar Profile: क्या करते हैं निशांत? 50 साल के नीतीश के बेटे ने क्यों नहीं की शादी? बनेंगे डिप्टी CM!
Nishant Kumar Profile: क्या करते हैं निशांत? 50 साल के नीतीश के बेटे ने क्यों नहीं की शादी? बनेंगे डिप्टी CM!

शाम 5 बजे बड़ी बैठक, नेताओं की लगातार मुलाकात (JDU Meeting Patna)

विवाद बढ़ने के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्थिति संभालने के लिए जेडीयू के सांसदों, विधायकों और विधान परिषद सदस्यों की बैठक बुलाई है। यह बैठक शाम 5 बजे पटना में होने वाली है।

उधर बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा ने भी बारी-बारी से मुख्यमंत्री से मुलाकात की। माना जा रहा है कि इन मुलाकातों में मौजूदा राजनीतिक हालात और आगे की रणनीति पर चर्चा हुई है।

विपक्ष का हमला, तेजस्वी बोले- बीजेपी ने 'महाराष्ट्र मॉडल' लागू किया (Tejashwi Yadav Reaction)

नीतीश कुमार के राज्यसभा नामांकन को लेकर विपक्ष ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बिहार में बीजेपी ने महाराष्ट्र वाला मॉडल लागू कर दिया है। उनके मुताबिक बीजेपी ने नीतीश कुमार पर इतना दबाव बनाया कि उन्हें यह फैसला लेना पड़ा।

तेजस्वी ने यह भी कहा कि बीजेपी अपने सहयोगियों को धीरे-धीरे खत्म कर देती है और इस मामले में भी वही हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी ने नीतीश कुमार को पूरी तरह 'हाइजैक' कर लिया है।

सपा सांसद का बयान, बोले- बिहार की जनता से धोखा (Opposition Reaction)

इस पूरे घटनाक्रम पर समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सिर्फ नीतीश कुमार ही नहीं, बल्कि बिहार की जनता के साथ भी अन्याय हुआ है। उनके मुताबिक इस फैसले से राज्य की राजनीतिक परंपरा और इतिहास को नुकसान पहुंचा है।

बीजेपी का बचाव, 'विकास पुरुष' बताकर किया समर्थन (BJP Reaction)

वहीं बीजेपी की तरफ से इस मुद्दे पर अलग ही सुर सुनाई दिए। पार्टी प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि नीतीश कुमार बिहार के बड़े नेता हैं और राष्ट्रीय राजनीति में उनकी मजबूत पहचान है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता उन्हें लंबे समय तक 'विकास पुरुष' और 'सुशासन बाबू' के रूप में याद रखेगी।

प्रतुल शाहदेव ने यह भी कहा कि लालू-राबड़ी के दौर के 'जंगलराज' को खत्म कर बिहार को विकास की राह पर लाने का श्रेय भी नीतीश कुमार को ही जाता है। उनके मुताबिक नीतीश इतने बड़े नेता हैं कि अपने राजनीतिक फैसले खुद लेने की क्षमता रखते हैं।

खुद नीतीश ने क्यों लिया राज्यसभा का फैसला? (Nitish Kumar Statement)

राज्यसभा नामांकन से पहले नीतीश कुमार ने अपने एक्स अकाउंट पर इस फैसले की वजह भी बताई थी। उन्होंने लिखा कि जब उन्होंने अपना संसदीय जीवन शुरू किया था, तभी से उनके मन में एक इच्छा थी कि वे बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के दोनों सदनों के भी सदस्य बनें।

इसी इच्छा को पूरा करने के लिए उन्होंने इस बार राज्यसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है। उन्होंने यह भी साफ किया कि बिहार में बनने वाली नई सरकार को उनका पूरा समर्थन रहेगा।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद बिहार की राजनीति में सवालों का दौर तेज हो गया है। जेडीयू के अंदर उठती आवाजें, विपक्ष के आरोप और बीजेपी की सफाई के बीच अब सबकी नजर शाम की उस बैठक पर टिकी है, जहां शायद इस राजनीतिक पहेली की कुछ परतें खुल सकती हैं।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+