केपी ओली ने Gen-Z के नाम पत्र में बड़े षड्यंत्र का लगाया आरोप, बालेन शाह ने भी नेपाल से कर दिया बड़ा ऐलान
Nepal Gen Z Protest: क्या नेपाल में युवाओं द्वारा किया गया Gen Z आंदोलन सिर्फ सरकार के खिलाफ एक प्रदर्शन है, या फिर इसके पीछे कोई 'बड़ा षड्यंत्र' छिपा है? नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी ओली ने युवाओं के नाम एक चौंकाने वाला खुला पत्र जारी किया है, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर भारत पर निशाना साधा है।
अपने पत्र में ओली ने सीधे-सीधे आरोप लगाया है कि अगर उन्होंने भारत की बात मान ली होती, तो उनकी सरकार कई सालों तक चलती। उन्होंने दावा किया कि उन्हें इसलिए हटाया गया क्योंकि उन्होंने नेपाल का नया नक्शा संयुक्त राष्ट्र (UN) में भेजा था, जिसमें भारत के साथ सीमा विवाद वाले क्षेत्र लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा को शामिल किया गया था। यह पत्र नेपाल की मौजूदा राजनीतिक अस्थिरता और भारत-नेपाल संबंधों में एक नया मोड़ ला सकता है।

क्या 'Gen Z' के पीछे कोई और है?
ओली ने 'Gen Z' से अपील करते हुए कहा कि वे इस आंदोलन की आड़ में रचे जा रहे 'सत्ता और व्यवस्था परिवर्तन के षड्यंत्र' को समझें। उन्होंने युवाओं को चेतावनी दी कि उनकी मासूमियत का फायदा उठाया जा रहा है और संविधान को खत्म करने की एक बड़ी साजिश चल रही है।
'हिंसा का दर्द और अहिंसा की शपथ'
ओली ने बताया कि उन्हें जेल में जिस तरह की यातनाएं दी गईं, उसका नतीजा ये हुआ कि वे कभी पिता नहीं बन पाए। उन्होंने कहा कि, 'मैं हमेशा शांति के पक्ष में रहा हूं, क्योंकि मैंने व्यक्तिगत रूप से हिंसा की क्रूरता को सहा है।' 2051 में गृह मंत्री रहते हुए भी, उन्होंने राज्य की हिंसा का विरोध किया और अहिंसा का पक्ष लिया। यह दिखाता है कि शांति के प्रति उनका दृष्टिकोण केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि व्यक्तिगत अनुभवों पर आधारित है।
पूर्व प्रधानमंत्री ने पत्र के अंत में अपनी 'जिद्दी' प्रवृत्ति का भी जिक्र किया और कहा कि इसी स्वभाव ने उन्हें राजनीतिक संघर्षों से लड़ने और नेपाल की संप्रभुता की रक्षा करने में मदद की है। उन्होंने कहा कि उनका मकसद हमेशा नेपाल की राजनीतिक व्यवस्था को बचाना रहा है, न कि सत्ता में बने रहना।
काठमांडू के मेयर बालेन शाह का Gen-Z के नाम संदेश
इस बीच काठमांडू के मेयर बालेन शाह ने नेपाल के मौजूदा हालात पर एक महत्वपूर्ण ट्वीट किया है, जिसमें उन्होंने विशेष रूप से 'Gen-Z' और सभी नेपाली नागरिकों से धैर्य रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि देश एक अभूतपूर्व स्थिति से गुजर रहा है, लेकिन यही समय है जब वे एक 'सुनहरे भविष्य' की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।
अंतरिम सरकार और नए चुनावों का प्रस्ताव
बालेन शाह ने ट्वीट में सुझाव दिया कि मौजूदा संकट को सुलझाने के लिए एक अंतरिम सरकार का गठन किया जाना चाहिए, जिसका एकमात्र काम देश में नए चुनाव कराना हो। उन्होंने कहा कि यह अंतरिम सरकार देश को एक नया जनादेश देगी।
सुशीला कार्की को नेतृत्व देने की अपील
मेयर शाह ने Gen-Z के इस प्रस्ताव का पूरा समर्थन किया कि पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को इस अंतरिम/चुनावी सरकार का नेतृत्व करना चाहिए। उन्होंने Gen-Z की समझ, ज्ञान और एकता की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह उनकी परिपक्वता को दर्शाता है।
युवा नेताओं से धैर्य रखने की अपील
उन युवा नेताओं के लिए जो अभी नेतृत्व संभालने की जल्दी में हैं, बालेन शाह ने कहा कि देश को उनकी ऊर्जा, सोच और ईमानदारी की स्थायी रूप से जरूरत है, न कि अस्थायी रूप से। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे चुनावों का इंतजार करें और जल्दबाजी न करें।
राष्ट्रपति से संसद भंग करने की मांग
मेयर ने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि Gen-Z द्वारा लाई गई 'ऐतिहासिक क्रांति' की रक्षा के लिए बिना किसी देरी के अंतरिम सरकार का गठन किया जाए और संसद को भंग किया जाए। उनका मानना है कि यही रास्ता देश को मौजूदा राजनीतिक उथल-पुथल से बाहर निकाल सकता है।












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