Gen-Z आंदोलन में जान गंवाने वालों को मिलेगा शहीद का दर्जा, इतने लाख का मिलेगा मुआवजा, PM सुशीला कार्की का ऐलान
Nepal political crisis: नेपाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। 12 सितंबर को सुशीला कार्की ने अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला। उन्होंने Gen-Z आंदोलन में मारे गए 51 लोगों को शहीद घोषित करने और उनके परिजनों को 10-10 लाख नेपाली रुपए मुआवजा देने का ऐलान किया। कार्की ने स्पष्ट किया कि वह भ्रष्टाचार मिटाने और राजनीतिक स्थिरता लाने के लिए काम करेंगी।
उन्होंने यह भी कहा कि उनका कार्यकाल केवल 6 महीने का होगा और मार्च 2026 में होने वाले आम चुनाव तक ही वे पद पर बनी रहेंगी। उनके इस फैसले को नेपाल की अस्थिर राजनीति में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे जनता की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

किए कई अहम ऐलान किए
- Gen-Z आंदोलन में मारे गए 51 लोगों को शहीद घोषित किया जाएगा।
- प्रत्येक मृतक के परिजनों को 10-10 लाख नेपाली रुपए का मुआवजा दिया जाएगा।
- भ्रष्टाचार मिटाने का संकल्प लिया।
- कार्की ने कहा कि वह 6 महीने से अधिक सत्ता में नहीं रहेंगी।
- मार्च 2026 में आम चुनाव कराने की जिम्मेदारी निभाएंगी।
1 भारतीय समेत 51 की हुई थी मौत
नेपाल में हुए Gen-Z आंदोलन ने भीषण रूप ले लिया था। इस हिंसा में कुल 51 लोगों की मौत हुई, जिनमें एक भारतीय महिला भी शामिल थीं। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पें इतनी खतरनाक थीं कि राजधानी काठमांडू से लेकर कई जिलों तक अफरा-तफरी मच गई। आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं में पूर्व प्रधानमंत्री ओली, देउबा और प्रचंड के घरों तक को प्रदर्शनकारियों ने निशाना बनाया। हालात बेकाबू होने पर प्रशासन को सेना बुलानी पड़ी और कई इलाकों में कर्फ्यू लागू करना पड़ा। यह घटनाक्रम नेपाल की राजनीति और समाज में गहरी हलचल पैदा कर गया।
3 पूर्व प्रधानमंत्री बेघर, आर्मी कैंपों में रह रहे
हिंसा ने नेपाल की राजनीति में भूचाल ला दिया है। Gen-Z प्रदर्शनकारियों ने पूर्व प्रधानमंत्रियों, केपी शर्मा ओली, शेर बहादुर देउबा और पुष्प कमल दहल प्रचंड-के घरों को जला दिया। नतीजतन, ये सभी फिलहाल आर्मी कैंपों में रह रहे हैं। उनके समर्थक नेताओं के लिए किराए के मकान तलाश रहे हैं और कोशिश है कि ये नेता फिलहाल पोखरा जैसे शहरों में रहें, ताकि दोबारा प्रदर्शनकारियों के गुस्से का सामना न करना पड़े।
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कार्की बना रही हैं नया मंत्रिमंडल
नए प्रधानमंत्री के तौर पर कार्की अब मंत्रिमंडल बनाने में जुटी हैं। माना जा रहा है कि इसमें 15 से ज्यादा मंत्री शामिल होंगे। संभावित मंत्रियों की सूची में कानूनी विशेषज्ञ ओम प्रकाश आर्यल, पूर्व सेना अधिकारी बालानंद शर्मा, पूर्व न्यायमूर्ति आनंद मोहन भट्टराई और ऊर्जा विशेषज्ञ कुलमान घीसिंग जैसे नाम प्रमुख हैं। साथ ही स्वास्थ्य क्षेत्र से डॉ. भगवान कोइराला और डॉ. संदुक रुइत जैसे प्रतिष्ठित डॉक्टरों के नामों पर भी विचार किया जा रहा है।
सरकार में शामिल नहीं होंगे Gen-Z
Gen-Z नेताओं ने साफ कर दिया है कि वे इस सरकार में शामिल नहीं होंगे, लेकिन इसकी कार्यप्रणाली की निगरानी जरूर करेंगे। वे ऑनलाइन वोटिंग के जरिए मंत्रियों के चयन की प्रक्रिया में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। यह नेपाल की राजनीति में जनता की सीधी भागीदारी का एक नया प्रयोग माना जा रहा है।
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