Nepal: राजनीतिक उथल-पुथल के बाद नेपाल में कैसे हैं हालात और क्या अभी भी जारी है कर्फ्यू?
Nepal curfew lifted: नेपाल में राजनीतिक उथल-पुथल के बाद हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। प्रधानमंत्री सुशीला कार्की की अस्थायी कार्यकारी प्रमुख के रूप में नियुक्ति और कर्फ्यू हटने के बाद देश में राहत का माहौल है। हिंसक प्रदर्शनों में 52 लोगों की मौत के बाद सरकार के गिरने से उपजे संकट के बीच अब नए चुनाव की तारीख 5 मार्च 2026 तय की गई है।
दूसरी ओर, भारत-नेपाल सीमा पर भी ट्रैफिक और कारोबारी गतिविधियां पटरी पर लौटती दिख रही हैं। रुपईडीहा बॉर्डर से शनिवार को 500 से अधिक ट्रक और वाहन नेपाल में दाखिल हुए।

कर्फ्यू हटने के बाद सामान्य होती स्थिति
शनिवार को नेपाल में कर्फ्यू आधिकारिक रूप से हटा लिया गया। राजधानी काठमांडू और अन्य हिस्सों में बाजार, यातायात और रोज़मर्रा की गतिविधियां धीरे-धीरे शुरू हो गईं। प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने पदभार संभालने के बाद पहला बड़ा कदम संसद को भंग करना और मार्च 2026 में चुनाव की घोषणा करना बताया। यह फैसला भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन कर रहे युवाओं की मांग पर लिया गया। कार्की ने घायलों से अस्पताल में मुलाकात कर उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।
राजनीतिक दलों का आत्ममंथन, संसद बहाली की मांग
नेपाल की चार मुख्य राजनीतिक पार्टियों ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए अपनी गलतियों को स्वीकार किया और सुधार की आवश्यकता जताई। हालांकि, उन्होंने संसद भंग करने के कदम की कड़ी आलोचना की और निचले सदन को तुरंत बहाल करने की मांग उठाई। यह साफ संकेत है कि आने वाले दिनों में नेपाल की राजनीति और गर्माएगी।
भारत-नेपाल सीमा पर लौटती रौनक
राजनीतिक स्थिरता के संकेत मिलते ही भारत-नेपाल सीमा पर भी गतिविधियां सामान्य होने लगी हैं। रुपईडीहा बॉर्डर से शनिवार को सैकड़ों वाहन आवाजाही करते दिखे। भूमि बंदरगाह प्राधिकरण के अधिकारी सुधीर शर्मा के अनुसार, पांच दिनों से फंसे ट्रक, टैंकर और कंटेनर अब नेपाल पहुंच गए हैं। अकेले शनिवार को 500 से अधिक कारोबारी वाहन नेपाल भेजे गए, जिनमें डीजल, पेट्रोल, गैस और खाद्य सामग्री की सप्लाई शामिल थी। वहीं, खाली वाहन भारत लौट आए। अब बॉर्डर पर कोई भी वाहन फंसा नहीं है।
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आम नागरिकों की आवाजाही अभी सीमित
हालांकि कारोबारी गतिविधियां पटरी पर लौट रही हैं, लेकिन आम नागरिकों की सीमा पार आवाजाही अभी भी कम है। सुरक्षा एजेंसियां सतर्क बनी हुई हैं और हालात पर नजर रखे हुए हैं। नेपालगंज और रुपईडीहा बॉर्डर पर व्यापारियों और ड्राइवरों के चेहरों पर राहत झलक रही है।
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