समंदर में चीन को ललकारेगा भारत, खतरनाक हथियारों के साथ अमेरिका, फ्रांस, UAE, जापान और ऑस्ट्रेलिया आया साथ
QUAD प्लस देशों के साथ भारत इंडो पैसिफिक में नेवी एक्सरसाइज करेगा। जिसका मकसद चीन के वर्चस्व को खत्म करना है।
नई दिल्ली/वाशिंगटन: इंडियन नेवी, इंडियन नेवी के सहयोगी देश, फ्रांस, यूएई और क्वाड ग्रुप यानि भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका एक साथ दक्षिण प्रशांत सागर में चीन को सीधी चुनौती देने जा रहे हैं। ये सभी देश मिलकर दक्षिण प्रशांत सागर में विश्व का सबसे बड़ा युद्धभ्यास करने वाले हैं और माना जा रहा है इस युद्धाभ्यास का मकसद चीन की दादागीरी को खत्म करना है।

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युद्धाभ्यास में सबसे खतरनाक हथियार
इंडो पैसिफिक रीजन में होने वाले इस युद्धाभ्यास में चीन के खिलाफ विश्व की तमाम बड़ी नौ-सेना शामिल हो रही हैं। भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान, फ्रांस और यूएई की नौसेना तमाम आधुनिक और खतरनाक मिसाइल्स के साथ जमा होंगे और चीन को ललकारेंगे। दक्षिण प्रशांत क्षेत्र में होने वाली इस युद्धाभ्यास में कैरियर स्ट्राइक ग्रुप, एंटी सबमरीन वारफेयर एयरक्राफ्ट और अटैक सबमरीन को शामिल किया जाएगा। इस युद्धाभ्यास का मकसद पारस की खाड़ी के साथ मलक्का स्ट्रेट में चीनी वर्चस्व को हमेशा के लिए खत्म कर देना है। यूएई पहली बार भारत और फ्रांस के साथ मिलकर नौसेना युद्धाभ्यास करने वाला है।
इंडो पैसिफिक में क्वाड के साथ फ्रांस और यूएई के युद्धाभ्यास की तारीख की घोषणा अभी होने वाली है लेकिन भारत और फ्रांस की नेवी पारस की खाड़ी में 25 अप्रैल से 27 अप्रैल के बीच पारस की खाड़ी में युध्याभ्यास करने वाली है जिसमें पहली बार संयुक्त अरब अमीरात भी शामिल होगा। माना जा रहा है इस युद्धाभ्यास में फ्रांस अपने नेवी हथियारों की प्रदर्शनी करने वाला है। वहीं, क्वाड देशों के साथ फ्रांस नेवी का भी संयुक्त नेवी मिलिट्री एक्सरसाइज होने वाला है। क्वाड देश, जिसमें भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका हैं, उनकी नेवी बंगाल की खाड़ी में 4 अप्रैल से 7 अप्रैल के बीच मिलिट्री अभ्यास करेगी। इस युद्धाभ्यास में मिसाइल गाइडेड डिस्ट्रयॉयर, फ्रिगेट्स, पनडुब्बियां और सर्विलांस एयरक्राफ्ट को मिलाकर एक बेहद मुश्किल युद्धाभ्यास किया जाएगा। ला पोरस और वरूणा युद्धाभ्यास 2019 में ही होने वाला था लेकिन कोरोना वायरस की वजह से इसे कैंसिल कर दिया गया था।

विश्व का खतरनाक नेवल एक्सरसाइज
विशेषज्ञों का मानना है कि इंडियन नेवी और फ्रेंच नेवी पिछले कुछ सालों में काफी करीब आ गये हैं। वहीं, पिछले साल ला पोरस अभियान के तहत फ्रेंच नेवी कोच्ची बंदरगाह भी आई थी। वहीं, फ्रेंच कैरियर स्ट्राइक ग्रुप एयरक्राफ्ट कैरियर जिसका नाम चार्ल्स डी गुएला है, उसने पारस की खाड़ी में अपना कदम भारत के कोलकाता क्लास डिस्ट्रॉयर के साथ बढ़ा दिया है। पारस की खाड़ी में संयुक्त अरब अमीरात की नेवी के साथ 'वरूणा' नेवल एक्सरसाइज किया जाएगा।
वहीं, भारत का एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रमादित्य का अभी मेंटिनेंस चल रहा है। आईएनएस विक्रमादित्य को काफी लंबे वक्त से चीनी दुश्मनों से निपटने के लिए इस्ट लद्दाख में तैनात करके रखा गया था। अब भारतीय डिस्ट्रॉयर, पी-81 एयरक्राफ्ट और सबमरीन क्वाड प्लस एक्सरसाइज में हिस्सा लेंगी। इस नेवल एक्सरसाइज में वारशिप्स फॉर्मेशन सेलिंग का प्रैक्टिस करेंगी। इसके साथ ही लंबी दूरी तक निशाना लगाया जाएगा। जिसके साथ कम्यूनिकेशन, सर्च अभियान, रेस्क्यू अभियान, डैमेज कंट्रोल और सैनिकों की अदला-बदली की जाएगी।

चीन पर कभी भी हमला करने की तैयारी
इंडियन नेवी के एक कमांडर ने हिंदुस्तान टाइम्स को नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि क्वाड प्लस देशों का नेवल एक्सरसाइज का उद्येश्य किसी भी आपात स्थिति में चीन पर हमला करने के लिए तैयार होना है। इस युद्धाभ्यास के जरिए सामुहिक तौर पर काम करने के लिए तैयार होने के अलावा, इंडो पैसिफिक में कभी भी कहीं भी लड़ाई करने के लिए तैयार होना है। इसके अलावा समुन्द्र में अंतर्राष्ट्रीय कानून का पालन हो, इसकी भी रक्षा करना है। इस नेवल एक्सरसाइज का मकसद इंडो पैसिफिक क्षेत्र में गल्फ ऑफ एडेन की तरफ से और पैसिफिक को नॉर्थ की तरफ से यूएस के वेस्टर्न कोस्ट की तरफ से वर्चस्व कायम करना है और दुश्मनों को बताना है कि इंडो पैसिफिक क्षेत्र में हम किसी भी तरह से उन्हें (चीन को) घेर सकते हैं।
हालांकि, इस नेवल एक्सरसाइज का राजनीतिक उद्येश्य क्या होगा, इसपर फैसला क्वाड देशों की मीटिंग के बाद किया जाएगा। इसी महीने आखिर में अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड एस्टन भारत के दौरे पर आ रहे हैं और माना जा रहा है कि इस नेवल एक्सरसाइज के अलावा क्वाड देश कुछ और महत्वपूर्ण फैसला करने जा रहे हैं। वहीं, रिपोर्ट ये भी है इस साल पुर्तगाल में होने वाले ईयू समिट में भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात करेंगे जिसमें कुछ महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं।
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