जेनेवा में भारत की महिला राजनयिक ने पाकिस्तान को दिखाया आईना
जेनेवा में यूनाइटेड नेशंस के एक सम्मेलन में पाकिस्तान ने भारत पर लगाए थे कई आरोप। पाकिस्तान के झूठ का भारत की राजनयिक नबानिता चक्रवर्ती ने दिया करारा जवाब।
जेनेवा। जेनेवा में इस समय यूनाइटेड नेशंस ह्यूमन राइट्स कमीशन यानी यूएनएचआरसी का सम्मेलन जारी है। इस सम्मेलन में पाकिस्तान की ओर से भारत पर झूठे आरोप लगाकर भारत को किनारे करने की कोशिश की गई थी। पाकिस्तान को उसकी मुहिम में मुंह की खानी पड़ी जब भारत की राजनयिक नबानिता चक्रवर्ती ने उसे आइना दिखाया।

पाक को लगाई फटकार
पाकिस्तान के राजनयिक को शायद इस बात का अंदाजा नहीं था कि भारत की ओर से उनके झूठ का जवाब देने के लिए किसे भेजा गया है। पाकिस्तान ने भारत पर कश्मीर में मानवाधिकारों के हनन का आरोप लगाया था। नबानिता ने राइट टू रिप्लाई का प्रयोग करते हुए पाकिस्तान को जवाब दिया। साथ ही पाक के अल्पसंख्यक समुदायों के साथ हो रहे बुरे बर्ताव को लेकर झूठ की पोल भी खोल दी। नबानिता ने कहा, 'भारत में अल्पसंख्यक समुदाय से राष्ट्रपति,
उप-राष्ट्रपति का पद उन्हें दिया गया है वे क्रिकेट टीम के कैप्टन बन चुके हैं। क्या पाकिस्तान इस तरह के लोगों की छाया होने का दावा भी कर सकता है।' नबानिता ने पाक के फटकार लगाते हुए कहा कि हाल के कुछ समय में पीओके के लोग संघर्ष, आतंकवाद और आर्थिक संकट के पीड़ित बन गए हैं।
जम्मू कश्मीर पर पाक को दो टूक
नबानिता ने पाक में मौजूद आतंकी संगठनों को लेकर भी उसे फटकारा। उन्होंने कहा कि पाक समर्थित आतंकी संगठन अब जम्मू कश्मीर के लोगों के मानवाधिकारों की रक्षा हेतु बड़ी चुनौती बन गए हैं। यूएनएचआरसी का यह 34वां सम्मेलन है। उन्होंने मांग की पाकिस्तान भारत के खिलाफ अपनी विरोध भावना को बंद करन होगा। साथ ही हम यह मांग भी करते हैं कि पाकिस्तान, पीओके पर अपने गैर-कानूनी कब्जे को छोड़े। नबानिता ने पाक को दो टूक बता दिया कि जम्मू कश्मीर, भारत का आतंरिक हिस्सा है और एक धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र है। यहां पर एक स्वतंत्र विधायिका है, एक सक्रिय मीडिया और विभिताओं से भरा समाज है । वहीं पीओके में इससे अलग चीजें देखने को मिलती हैं और यह आतंकवाद का अड्डा है।












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