मुल्ला बरादर ने दिलाई थी तालिबान को अफगानिस्तान में जीत, राष्ट्रपति बनना चाहा तो लात-घूंसों से की गई पिटाई
पहले खबर आई थी कि मुल्ला बरादर को गोली लगी है, जिसे तालिबान ने खारिज कर दिया। लेकिन, तालिबान के बेहद करीबी सूत्रों ने कहा है कि अफगान राष्ट्रपति भवन में गोलीबारी की गई, जिसमें कई लोग मारे गये।
काबुल, सितंबर 18: अफगानिस्तान में सरकार बनाने से पहले तालिबान और हक्कानी नेटवर्क के बीच जमकर लड़ाई हुई थी और हक्कानी नेटवर्क के नेताओं ने तालिबान के सबसे प्रमुख नेता और राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार मुल्ला बरादर को बुरी तरह से पीटा था। इसका खुलासा तालिबान के बेहद अहम सूत्रों ने कर दी है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक बैठक के दौरान तालिबान के नेताओं और हक्कानी नेटवर्क के नेताओं के बीच गोलीबारी भी हुई थी।

मुल्ला बरादर की घूंसों से पिटाई
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, हक्कानी नेटवर्क के एक प्रमुख नेता ने तालिबान के सह-संस्थापक और अफगानिस्तान के तथाकथित इस्लामिक अमीरात के वर्तमान उप प्रधान मंत्री मुल्ला अब्दुल गनी बरादर को मुक्का मारा था, जिसकी वजह से सितंबर की शुरुआत में काबुल में राष्ट्रपति पद को लेकर चल रही एक बैठक के दौरान गोलीबारी हुई थी। बरादर इससे पहले दोहा में तालिबान के राजनीतिक कार्यालय का नेतृत्व कर चुका है, जहां उसने ट्रम्प प्रशासन के साथ शांति वार्ता का नेतृत्व किया था। इससे पहले खबर आई थी कि हक्कानी नेटवर्क ने मुल्ला बरादर को गोली मार दी है और उसका इलाज पाकिस्तान में कराया जा रहा है। वहीं कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि मुल्ला बरादर मारा जा चुका है। जिसके बाद तालिबान ने एक वीडियो मैसेज जारी कर मुल्ला बरादर को गोली लगने की बातों को खारिज किया था।
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तालिबान-हक्कानी में सिर फुटौव्वल
पश्चिमी देशों ने तालिबान सरकार को मान्यता देने के लिए 'वेट एंड वॉच' की नीति का विकल्प चुना है और बार-बार सुन्नी पश्तून समूह से गैर-तालिबान नेताओं और जातीय अल्पसंख्यकों को कथित शामिल करने का आह्वान किया है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान और हक्कानी नेटवर्क के नेताओं के बीच ये लड़ाई तब शुरू हुई थी, जब मुल्ला बरादर अफगानिस्तान में एक समावेशी सरकार बनाने के लिए काबुल के राष्ट्रपति भवन में मौजूद था और वो एक ऐसी सरकार का गठन करना चाहता था, जो अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को कबूल होता। लेकिन, मुल्ला बरादर का ये फॉर्मूला हक्कानी नेटवर्क को पंसद नहीं आया।

मुल्ला बरादर को किसने पीटा
रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार बनाने को लेकर जब राष्ट्रपति भवन में चर्चा चल रही थी, उस वक्त हक्कानी नेटवर्क और तालिबान के नेताओं के बीच गरमागरम बहस होने लगी और फिर हक्कानी नेटवर्क के एक नेता खलील उर रहमान हक्कानी को इतना गुस्सा आया कि उसने मुल्ला बरादर की घूंसों से पिटाई करनी शुरू कर दी। रिपोर्ट के मुताबिक, मुल्ला बरादर को खलील उर रहमान हक्कानी ने बुरी तरह से पीटा था। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान के बेहद करीबी नेताओं ने बताई कि मुल्ला बरादर को पिटता देख मुल्ला बरादर के गार्ड्स ने फायरिंग कर दी और फिर हक्कानी नेटवर्क की तरफ से भी फायरिंग शुरू हो गई थी। बेहद करीबी सूत्रों ने बताया है कि तालिबान और हक्कानी नेटवर्क के बीच हुई इस लड़ाई में कई लोग मारे गये और कई लोग घायल हुए हैं।

काबुल से निकल गया मुल्ला बरादर
राष्ट्रपति भवन में गोलीबारी से बरादर की मौत की अफवाह फैल गई। लेकिन तालिबानी नेता ने ब्लूमबर्ग को बताया कि, मुल्ला बरादर घायल नहीं हुआ था और वो काबुल से निकलकर तालिबान के सर्वोच्च नेता हैबतुल्ला अखुंदजादा से बात करने के लिए कंधार के लिए रवाना हो गया, जिसे लंबे समय से सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है। तब से, तालिबान के सदस्यों ने बार-बार संघर्ष की खबरों को खारिज कर दिया है, यहां तक कि मुल्ला बरादर को तालिबान की सरकार की स्थापना में भी दरकिनार कर दिया गया था और मोहम्मद हसन को अंतरिम सरकार में कार्यवाहक प्रधान मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया था। जबकि, मुल्ला बरादर को उसका डिप्टी बना दिया गया। यानि, सिर्फ एक पद दे दिया है और उसके पास सरकार में करने के लिए कोई काम नहीं है। बताया जा रहा है कि सरकार गठन को लेकर तालिबान के अंदर भारी असंतोष और गुस्सा फैला हुआ है और ये गुस्सा कभी भी फट सकता है।












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