Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

खामेनेई का बेटा Mojtaba Khamenei इजरायली हमले में घायल, ईरानी सुप्रीम लीडर बनते ही हुआ ऐसा हाल,अब क्या होगा?

Mojtaba Khamenei Wounded: ईरान-इजरायल जंग के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई (Ali Khamenei) के बेटे मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) के घायल होने की खबरें सामने आई हैं। दिलचस्प बात यह है कि उन्हें हाल ही में ईरान का नया सुप्रीम लीडर घोषित किया गया था। अब ईरान के सरकारी टीवी की एक रिपोर्ट ने इस खबर को और चर्चा में ला दिया है।

टाइम्स ऑफ इजरायल के मुताबिक, सरकारी टीवी पर खबर पढ़ते समय एंकरों ने मोजतबा खामेनेई को "जानबाज" बताया। फारसी भाषा में इस शब्द का इस्तेमाल आमतौर पर उस व्यक्ति के लिए किया जाता है जो युद्ध में दुश्मन के हमले में घायल हुआ हो। हालांकि रिपोर्ट में यह साफ नहीं किया गया कि वे किस हमले में घायल हुए और उनकी हालत फिलहाल कैसी है।

Mojtaba Khamenei Wounded

Iran State TV रिपोर्ट में मोजतबा खामेनेई को लेकर क्या कहा?

ईरान के सरकारी चैनल पर प्रसारित खबर में मौजूदा संघर्ष को "रमजान वॉर" बताया गया। इसी रिपोर्ट में मोजतबा खामेनेई का जिक्र करते हुए कहा गया कि वे इस युद्ध में घायल हुए हैं।

हालांकि टीवी रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि उन्हें चोट कब और कहां लगी। न ही उनकी स्थिति के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी दी गई। लेकिन ये दावा जरूर किया गया है कि वो बुरी तरह घायल हैं। जंग शुरू होने के बाद से मोजतबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से दिखाई भी नहीं दिए हैं। इसी बीच उन्हें रातोंरात ईरान का नया सुप्रीम लीडर घोषित किए जाने की खबर सामने आई।

Mojtaba Khamenei: खामेनेई का बेटा मोजतबा कहां रहता है? ईरान के सुप्रीम लीडर का सीक्रेट लोकेशन क्या है? पूरा सच
Mojtaba Khamenei: खामेनेई का बेटा मोजतबा कहां रहता है? ईरान के सुप्रीम लीडर का सीक्रेट लोकेशन क्या है? पूरा सच

28 फरवरी का हमला और परिवार की मौत (Tehran Airstrike)

मौजूदा संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी जब Tehran में इजरायल के एक बड़े एयर स्ट्राइक की खबर आई। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत हो गई थी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक इसी हमले में मोजतबा खामेनेई के परिवार के अन्य सदस्य भी मारे गए। जानकारी के मुताबिक उनकी पत्नी और बेटी की भी मौत हो गई। इस घटना के बाद ईरान की राजनीति में अचानक बड़ा सत्ता परिवर्तन देखने को मिला।

नए सुप्रीम लीडर की घोषणा के बाद बढ़ा तनाव (New Supreme Leader)

अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान की सत्ता संरचना में तेजी से बदलाव हुआ और मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर घोषित कर दिया गया। हालांकि इस फैसले पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। इजरायल और अमेरिका ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर बिना किसी प्रक्रिया के नया सुप्रीम लीडर चुना गया तो उसे निशाना बनाया जा सकता है। इजरायली नेताओं ने यहां तक कहा था कि ईरान का जो भी नया सुप्रीम लीडर बनेगा, उसे दुनिया के किसी भी कोने में खोजकर खत्म किया जा सकता है।

नपुंसक था खामेनेई का बेटा Mojtab! नहीं टिकी 2 बीवी, बाप बनने के लिए सालों कराया इलाज, फिर प्रेग्नेंट हुई पत्नी
नपुंसक था खामेनेई का बेटा Mojtab! नहीं टिकी 2 बीवी, बाप बनने के लिए सालों कराया इलाज, फिर प्रेग्नेंट हुई पत्नी

कौन हैं मोजतबा खामेनेई? (Who is Mojtaba Khamenei)

मोजतबा खामेनेई लंबे समय से ईरान की सत्ता के बेहद करीब रहे हैं, हालांकि वे कभी किसी बड़े सरकारी पद पर नहीं रहे। वे मुख्य रूप से सुप्रीम लीडर के कार्यालय के अंदर काम करते थे और उन्हें सत्ता के "पावर ब्रोकर" के रूप में देखा जाता था।

सिर्फ 17 साल की उम्र में उन्होंने इरान-ईराक में भी हिस्सा लिया था। 1990 के दशक के आखिर में वे पहली बार सार्वजनिक चर्चा में आए। उनकी पहचान दो वजहों से खास रही है। पहला, ईरान की शक्तिशाली सैन्य संस्था Islamic Revolutionary Guard Corps के साथ उनका मजबूत संबंध। दूसरा, सुधारवादी राजनीति और पश्चिमी देशों के साथ नरमी के खिलाफ उनका कड़ा रुख।

2009 के विवादित राष्ट्रपति चुनाव के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों को दबाने में भी उनकी भूमिका होने के आरोप लगे थे। 2019 में डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के दौरान अमेरिका ने उन पर प्रतिबंध भी लगाया था। उस समय आरोप लगाया गया था कि वे आधिकारिक पद के बिना ही सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि की तरह काम कर रहे थे।

अब आगे क्या? (What Happens Next)

मोजतबा खामेनेई के घायल होने की खबर ने ईरान की राजनीति और युद्ध की स्थिति को और जटिल बना दिया है। अगर उनकी चोट गंभीर होती है तो सत्ता संतुलन पर भी असर पड़ सकता है।

फिलहाल ईरान की तरफ से उनकी स्थिति को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में दुनिया की नजर अब इस बात पर टिकी है कि ईरान का नया सुप्रीम लीडर कब सार्वजनिक रूप से सामने आता है और युद्ध के इस दौर में आगे क्या फैसला लेता है।

ईरान-इजरायल युद्ध की पूरी टाइमलाइन (Iran War Timeline In Hindi)

नीचे दी गई तालिका में 28 फरवरी से 8 मार्च तक की प्रमुख घटनाओं को क्रमवार और सरल भाषा में समझाया गया है ताकि पूरे घटनाक्रम की तस्वीर साफ हो सके।

तारीख प्रमुख घटना क्या-क्या हुआ?
28 फरवरी सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ बड़ा संयुक्त हमला शुरू किया। इस अभियान को डोनाल्ड ट्रंप ने "ऑपरेशन एफिक पुरी" नाम दिया। हमले के दौरान ईरान के एक गर्ल्स स्कूल पर भी हमला हुआ जिसमें 150 से ज्यादा लोगों की मौत बताई गई। इसी दिन ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई और कई वरिष्ठ अधिकारियों की मौत की खबर सामने आई। इसके बाद ईरान ने इजरायल और खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल दागने की चेतावनी दी।
1 मार्च पूरे इजरायल में आपातकाल ईरान ने इजरायल पर कई मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इसके जवाब में बहरीन और कतर ने अपने यहां मौजूद अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाए जाने की आशंका जताई। हालात बिगड़ते देख इजरायल ने पूरे देश में इमरजेंसी घोषित कर सेना को हाई अलर्ट पर रखा।
2 मार्च अमेरिका का B-2 बॉम्बर्स से हमला अमेरिका और इजरायल ने ईरान के प्रमुख न्यूक्लियर सेंटर पर संयुक्त हमला किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान का लगभग 50 प्रतिशत मिसाइल भंडार नष्ट हो गया और नौवें अड्डे को भी भारी नुकसान हुआ। अमेरिका ने B-2 स्टील्थ बॉम्बर का इस्तेमाल किया। वहीं कुवैत के पास फ्रेंडली फायर की घटना में तीन अमेरिकी फाइटर जेट गिरने की खबर आई।
3 मार्च अमेरिकी दूतावास बंद बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब, कुवैत और लेबनान में अमेरिका ने अपने दूतावास अस्थायी रूप से बंद कर दिए। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि बातचीत के लिए बहुत देर हो चुकी है। इसी दौरान ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने का फैसला लिया।
4 मार्च ईरानी युद्धपोत पर हमला अमेरिकी हमले में ईरान के एक युद्धपोत को निशाना बनाया गया जिसमें 87 नौसैनिकों की मौत बताई गई। मध्य पूर्व में तैनात करीब 17,500 अमेरिकी नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इसी दिन अली खामेनेई का शोक समारोह भी स्थगित किया गया। वहीं सऊदी अरब की एक तेल रिफाइनरी पर दूसरा ड्रोन हमला हुआ।
5 मार्च 20 हजार अमेरिकियों की वापसी डोनाल्ड ट्रंप ने बयान दिया कि ईरान का नया सुप्रीम लीडर अमेरिका के बिना नहीं टिक पाएगा। भारत ने भी अली खामेनेई के निधन पर शोक जताया। इस बीच मिडिल ईस्ट से करीब 20 हजार अमेरिकी नागरिकों को वापस बुलाया गया। श्रीलंका ने ईरानी जहाजों को अपने बंदरगाह पर आने की अनुमति दी।
6 मार्च ईरान ने 13 देशों पर हमला किया ईरान ने अमेरिकी तेल टैंकर को अपने कब्जे में लिया। युद्ध के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़कर 84 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। इजरायली हमलों की वजह से लेबनान में करीब 5 लाख लोग बेघर हो गए। रिपोर्ट्स के अनुसार इजरायल ने ईरान के 400 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर हमले किए।
7 मार्च ईरान ने पड़ोसी देशों से माफी मांगी अमेरिका ने ईरान के एक वाटर प्लांट पर हमला किया। जर्मनी ने मिडिल ईस्ट में राहत कार्यों के लिए 100 मिलियन यूरो की मदद का ऐलान किया। इस बीच मिडिल ईस्ट से 28,000 अमेरिकी नागरिकों की वापसी दर्ज की गई। ईरान ने पड़ोसी देशों पर हुए हमलों के लिए माफी भी मांगी।
8 मार्च ईरान के ऑयल स्टोरेज पर हमला सऊदी अरब में मिसाइल गिरने से एक भारतीय नागरिक की मौत की खबर आई। ईरान ने दावा किया कि अमेरिकी पनडुब्बी पर हमले में 104 सैनिक मारे गए। इजरायल ने ईरान में 400 से ज्यादा ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। इसके अलावा ईरान के ऑयल स्टोरेज ठिकानों पर भी इजरायली हमले की सूचना सामने आई।
More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+