AI ने डकारीं 4800 नौकरियां! दुनिया की टॉप कंपनी में मचा हाहाकार, और कितने रडार पर?
Microsoft Layoff: टेक जायंट माइक्रोसॉफ्ट ने अपने ऑर्गेनाइजेशनल स्ट्रक्चर में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव करने का एलान कर दिया है। कंपनी ग्लोबल लेवल पर अपने वर्कफोर्स से लगभग 4,800 एम्प्लॉइज की छंटनी (Layoff) करने जा रही है। यह नंबर माइक्रोसॉफ्ट के कुल स्टाफ का करीब 2% है। यह डिसीजन साफ दिखाता है कि माइक्रोसॉफ्ट अब अपनी फ्यूचर प्रायोरिटीज और मार्केट के बदलते समीकरणों के हिसाब से गेम प्लान बदल रहा है। कंपनी के इस बड़े कदम का सबसे ज्यादा असर उसके गेमिंग डिवीजन 'एक्सबॉक्स' (Xbox) पर पड़ने वाला है। इस पूरे रीस्ट्रक्चरिंग प्लान के तहत अकेले गेमिंग सेगमेंट से लगभग 3,200 कर्मचारियों की छुट्टी की जाएगी।
एक्सबॉक्स की सीईओ (CEO) आशा शर्मा ने बताया कि इनमें से 1,600 पदों को तुरन्त खत्म किया जा रहा है, जबकि बाकी बचे लोगों की छंटनी आने वाले कुछ सालों में धीरे-धीरे पूरी होगी। यह माइक्रोसॉफ्ट के इतिहास में गेमिंग सेक्टर की अब तक की सबसे बड़ी कटौती मानी जा रही है। याद दिला दें कि इससे पहले जून 2024 में भी कंपनी ने लगभग 9,000 से ज्यादा लोगों को नौकरी से बाहर का रास्ता दिखाया था। यह हालिया कटौती दर्शाती है कि टेक कंपनियां अब सिर्फ विस्तार नहीं करना चाहतीं, बल्कि अपने कुछ ऐसे विभागों पर पूरा फोकस कर रही है जो ज्यादा पैसे कमा रहे हैं।

गेमिंग वालों के लिए भी बुरी खबर
इस रिस्ट्रक्चरिंग प्रोजेक्ट के तहत सिर्फ नौकरियां ही नहीं जा रही हैं, बल्कि एक्सबॉक्स के अधीन काम करने वाले चार बड़े गेमिंग स्टूडियोज को भी अलग किया जा रहा है। 'कंपल्शन गेम्स' (Compulsion Games) और 'डबल फाइन प्रोडक्शंस' (Double Fine Productions) अब माइक्रोसॉफ्ट से पूरी तरह इंडिपेंडेंट होकर स्वतंत्र रूप से काम करेंगे। सबसे अच्छी बात यह है कि इन दोनों स्टूडियोज के पास अपने गेम्स का मालिकाना हक और खुद की इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) सुरक्षित रहेगी। दूसरी तरफ, 'निंजा थ्योरी' (Ninja Theory) और 'अनडेड लैब्स' (Undead Labs) जैसे बड़े स्टूडियोज को नए मालिकों के हाथों में सौंपा जा रहा है।
गेमिंग बिजनेस भी नहीं चल रहा ठीक
ये स्टूडियोज अब बिल्कुल नए फंडिंग सोर्सेज के साथ अपना काम जारी रखेंगे। वहीं फ्रांस के 'आर्केन स्टूडियो' (Arkane Studios) की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है, जहां स्थानीय नियमों के मुताबिक वर्क काउंसिल के साथ संभावित बंदी को लेकर कंसल्टेशन प्रोसेस शुरू हो चुका है। इस फैसले के पीछे की असली वजह एक्सबॉक्स का कमजोर वित्तीय ग्राफ है। सीईओ आशा शर्मा ने खुद माना कि फिलहाल गेमिंग बिजनेस पूरी तरह ठीक नहीं चल रहा है। कंपटीटर गेमिंग कंपनियों की तुलना में एक्सबॉक्स का प्रॉफिट मार्जिन करीब 3 से 10 गुना तक कम हो चुका था, जिसने कंपनी की चिनता बढ़ा दी थी। एक्सबॉक्स को अपनी सबसे महत्वाकांक्षी सर्विस 'गेम पास' (Game Pass) में भी नुकसान उठाना पड़ा है, जिसे गेमिंग वर्ल्ड का नेटफ्लिक्स कहा जाता है। साल 2025 में जब माइक्रोसॉफ्ट ने गेम पास के सब्सक्रिप्शन प्राइसेज बढ़ाए थे, तो लाखों यूजर्स ने अपना सब्सक्रिप्शन कैंसिल कर दिया। इस नुकसान के बाद कंपनी प्रेशर में आ गई और उसे प्राइसेज दोबारा घटाने पड़े।
कंपनी डिसाइड नहीं कर सकती इंडस्ट्री बदलेगी या नहीं
माइक्रोसॉफ्ट की एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट एमी कोलमैन ने एम्प्लॉइज को भेजे एक इंटरनल मैसेज में इस बदलाव को आवश्यक ठहराया है। उन्होंने लिखा कि हमारा बिजनेस इसलिए बदल रहा है क्योंकि हमारे आसपास की दुनिया बहुत तेजी से बदल रही है। कोलमैन के मुताबिक, कोई भी कंपनी यह डिसाइड नहीं कर सकती कि उसकी इंडस्ट्री बदलेगी या नहीं, उनके पास सिर्फ एक ही चॉइस होती है कि वे इस बदलाव के साथ खुद को कितनी जल्दी ढालते हैं।
छंटनी से बचेगा पैसा उसका क्या करेगी माइक्रोसॉफ्ट?
इस बड़े लेऑफ को माइक्रोसॉफ्ट के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बढ़ते फोकस और टेक रेस से भी जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, मैनेजमेंट ने यह क्लियर किया है कि जिन नौकरियों को खत्म किया जा रहा है, उनकी जगह सीधे तौर पर एआई नहीं ले रहा है। लेकिन हां, बिजनेस प्रोसेस को सुचारू बनाने के लिए ऑटोमेशन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ाया जा रहा है।
माइक्रोसॉफ्ट ने हाल ही में अपने बड़े कमर्शियल क्लाइंट्स को एआई टेक्नोलॉजी अपनाने में हेल्प करने के लिए 2.5 बिलियन डॉलर के बजट का एलान किया था। इस प्लान के तहत कंपनी करीब 6,000 सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स को अपने कोर कस्टमर्स के साथ काम करने के लिए तैनात कर रही है। एम्प्लॉइज की छंटनी से जो पैसा बचेगा, उसका एक हिस्सा इसी स्ट्रेटजी में इनवेस्ट किया जाएगा।
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