सरकारी नौकरी मिलते ही बदला 6 साल का प्यार? प्रेमिका के घर के नीचे मिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर का शव,क्या है कहानी?
Patna Software Engineer Death Case: सात जन्म तक साथ निभाने का वादा, छह साल का रिश्ता, शादी की तैयारियां और भविष्य के सपने... सब कुछ ठीक चल रहा था। लेकिन सरकारी नौकरी मिलने के कुछ ही दिनों बाद हालात ऐसे बदले कि एक युवा इंजीनियर की जान चली गई। पटना के राजीव नगर में सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रियेश रंजन का शव उसकी प्रेमिका के घर के नीचे मिला है। लड़के के घर वालों का आरोप है कि उनके बेटे की हत्या कि गई है। वही लड़की के घरवाले अलग ही कहानी सुना रहे हैं।
लड़के के पिता का कहना है कि एक सोची-समझी साजिश के तहत उनके बेटे की हत्या की गई है, जबकि लड़की का परिवार दावा कर रहा है कि प्रियेश हथियार लेकर घर पहुंचा था और गोलीबारी के दौरान छत से गिरने से उसकी मौत हुई। दोनों पक्षों के दावे एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। पुलिस अब हर एंगल से जांच में जुटी है और सच जानने की कोशिश कर रही है। विस्तार से समझते हैं पूरी कहानी...

6 साल से रिलेशन में था प्रियेश, कॉलेज में हुई थी पहली मुलाकात
मिली जानकारी के अनुसार, प्रियेश मोतिहारी का रहने वाला था, जबकि लड़की पटना के मसौढ़ी की रहने वाली है। दोनों की मुलाकात साल 2020 में ITI कॉलेज में पढ़ाई के दौरान हुई थी। पहले दोस्ती हुई, फिर दोनों एक-दूसरे के करीब आते गए और रिश्ता प्यार में बदल गया। कॉलेज खत्म होने के बाद भी दोनों लगातार संपर्क में रहे। दोनों परिवारों को इस रिश्ते की जानकारी थी। परिवारों का एक-दूसरे के घर आना-जाना भी था। प्रियेश के पिता शत्रुघ्न प्रसाद कुशवाहा का कहना है कि उस समय दोनों परिवार शादी के लिए तैयार थे।
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पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रियेश ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम शुरू किया। बाद में उसने पटना के राजीव नगर रोड नंबर-22 के पास अपना IT शॉप भी खोल लिया। परिवार के अनुसार उसका काम अच्छा चल रहा था और वह अच्छी कमाई कर रहा था। उधर, लड़की सरकारी नौकरी की तैयारी में जुट गई। प्रियेश के पिता का दावा है कि तैयारी के दौरान प्रियेश ने हर तरह से उसका साथ दिया। उन्होंने कहा कि बेटे ने पढ़ाई, आर्थिक मदद और दूसरी जरूरतों में भी सहयोग किया। परिवार का कहना है कि प्रियेश को भरोसा था कि नौकरी लगने के बाद दोनों की शादी हो जाएगी।
नौकरी मिलते ही बदल गई प्रेमिका!
प्रियेश के परिजनों के मुताबिक जून 2026 में लड़की की सरकारी नौकरी पटना के विश्वेश्वरैया भवन में लग गई। प्रियेश के पिता का कहना है कि जॉइनिंग के दिन भी उनका बेटा उसके साथ गया था। इसी के बाद, परिवार का आरोप है कि लड़की के घरवालों का रवैया बदल गया। प्रियेश के पिता के मुताबिक, पहले जो लोग शादी के लिए तैयार थे, वही अचानक इस रिश्ते के खिलाफ हो गए। उनका कहना है कि शादी का सबसे ज्यादा विरोध लड़की के भाई ने किया।

3 जुलाई को कोर्ट मैरिज की थी तैयारी
प्रियेश के पिता के अनुसार दोनों ने 3 जुलाई 2026 को कोर्ट मैरिज करने का फैसला किया था। जरूरी कागजात और बाकी तैयारियां भी लगभग पूरी हो चुकी थीं। उनका आरोप है कि शादी से ठीक पहले लड़की के भाई ने विरोध किया और लड़की को गांव भेज दिया गया। इसी वजह से कोर्ट मैरिज नहीं हो सकी। इसके बाद प्रियेश काफी परेशान रहने लगा और लगातार लड़की से बात करने की कोशिश करता रहा। प्रियेश के पिता का कहना है कि उनका बेटा छह-सात साल से इस रिश्ते को पूरी ईमानदारी से निभा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी नौकरी लगने के बाद लड़की के परिवार ने शादी से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रियेश ने लड़की के करियर को आगे बढ़ाने में हर संभव मदद की थी। उनके मुताबिक, बेटा शादी की उम्मीद में लगातार रिश्ता बचाने की कोशिश करता रहा।
चचेरे भाई ने बताई नई बात
मृतक के चचेरे भाई रोहित का कहना है कि सरकारी नौकरी मिलने के बाद ही लड़की के भाई ने इस रिश्ते का विरोध शुरू किया। उनके मुताबिक, प्रियेश ने पढ़ाई से लेकर नौकरी तक हर कदम पर लड़की का साथ दिया था। रोहित ने यह भी बताया कि लड़की उनके परिवार के कई कार्यक्रमों में शामिल हो चुकी थी। दोनों परिवार पहले से एक-दूसरे को जानते थे और रिश्ते की जानकारी भी थी।
प्रियेश के चचेरे भाई रोहित ने दावा किया कि घटना से कुछ दिन पहले लड़की की बड़ी बहन ने प्रियेश के जीजा को फोन किया था। उनके मुताबिक, उसने कहा था कि घर का माहौल ठीक नहीं है और प्रियेश को अपने पास बुला लीजिए। रोहित का कहना है कि परिवार को दोनों के रिश्ते की पूरी जानकारी थी और लड़की उनकी बहन की शादी में भी शामिल हुई थी।
5 जुलाई को क्या हुआ?
प्रियेश के पिता का आरोप है कि 5 जुलाई को लड़की के भाई ने ही उनके बेटे को घर बुलाया था। उनका कहना है कि प्रियेश के पास कोई हथियार नहीं था। परिवार का आरोप है कि घर पहुंचने के बाद प्रियेश को छत से नीचे धक्का देकर गिराया गया। उनका यह भी कहना है कि बाद में पूरी घटना को दूसरा रूप देने के लिए लड़की के भाई ने खुद अपनी बांह में गोली मारी। पिता ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि उनका बेटा अपराधी नहीं था, बल्कि उसे फंसाया जा रहा है।
लड़की के परिवार ने सुनाई अलग कहानी
लड़की की मां सरोज देवी ने लड़के के परिवार के सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि प्रियेश पिछले कई दिनों से शादी के लिए दबाव बना रहा था। उन्होंने बताया कि घटना वाले दिन लड़की गांव गई हुई थी और घर में उसका भाई अकेला था। उनके अनुसार प्रियेश पिस्टल लेकर घर में घुसा, तीसरी मंजिल पर पहुंचा और गोली चला दी। गोली लड़की के भाई की बांह में लगी। इसी दौरान प्रियेश छत से नीचे गिर गया और उसकी मौत हो गई।
गोली की आवाज से मच गई अफरा-तफरी
गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग और उसी बिल्डिंग में रहने वाले किरायेदार बाहर निकल आए। इसके बाद डायल 112 पर सूचना दी गई। पुलिस जब मौके पर पहुंची तब तक प्रियेश की मौत हो चुकी थी। उसका शव घर के गेट के पास पड़ा था और सिर पर गंभीर चोट थी। बताया गया कि लड़की के माता-पिता मसौढ़ी में रहते हैं, जबकि भाई-बहन राजीव नगर के इस मकान में किराये पर रह रहे थे।
पुलिस फिलहाल दोनों परिवारों के आरोपों और बयानों की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में मामला प्रेम संबंध से जुड़ा बताया गया है। पुलिस के मुताबिक, अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि प्रियेश घर पहुंचा था और वहां गोली चलने की घटना हुई। इसके बाद वह छत से नीचे गिरा, जिससे सिर में गंभीर चोट आई और उसकी मौत हो गई। दूसरी ओर, लड़के के परिवार ने हत्या का आरोप लगाते हुए शिकायत दी है। उनका कहना है कि प्रियेश को धक्का देकर नीचे फेंका गया और घटना के बाद कहानी बदलने की कोशिश की गई। पुलिस का कहना है कि फोरेंसिक रिपोर्ट, तकनीकी साक्ष्य और सभी बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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