मिशेल फ्लॉरनॉय हो सकती हैं अमेरिका की पहली महिला रक्षा मंत्री, इराक वॉर से है खास संबंध
वॉशिंगटन। पहली महिला उप-राष्ट्रपति के बाद अब अमेरिका को पहली रक्षा मंत्री भी मिल सकती है। अमेरिकी मीडिया की खबरों के मुताबिक मिशेल फ्लॉरनॉय, नए राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्रशासन में पेंटागन की जिम्मेदारी संभाल सकती है। पेंटागन अमेरिका का रक्षा विभाग है और अभी तक देश में कोई भी महिला इस अहम पद तक नहीं पहुंची है। डेमोक्रेटक जो बाइडेन ने 3 नवंबर को हुए चुनाव में बड़ी जीत दर्ज की है और अपने प्रतिद्वंदी रिपब्लिकन डोनाल्ड ट्रंप को बड़ी शिकस्त दी है।

साल 2016 में बाइडेन की अहम टिप्पणी
20 जून 2016 जो बाइडेन ने सेंटर फॉर न्यू अमेरिकन सिक्योरिटी में एक अहम टिप्पणी की थी। यह एक थिंक टैंक है और उस दिन इसकी शुरुआत हुई थी। जो कार्यक्रम हुआ उसे मिशेल ने ही होस्ट किया था। उस समय मिशेल ही इसे लीड कर रही थीं। मिशेल ने उस समय बाइडेन का परिचय और नेशनल सिक्योरिटी थिंकर के तौर पर नए राष्ट्रपति की तारीफ की। बाइडेन ने उस समय जो टिप्पणी की उसके बाद मिशेल के रक्षा मंत्री जैसे बड़े पद पर आने की संभावनाएं काफी बढ़ गई थीं। साल 2016 में जब हिलेरी क्लिंटन ने डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार बनीं। एक मौके पर जब लग रहा था कि हिलेरी देश की पहली महिला राष्ट्रपति हो सकती हैं तो मिशेल को रक्षा विभाग मिलने के पूरे आसार थे। बाइडेन ने अपने इंट्रोडक्शन पर उस समय मिशेल से जवाब के तौर पर कहा था, 'वेल मैडम सेक्रेटरी' और वहां मौजूद लोग हंसने लगे। बाइडेन ने इसके बाद कहा, 'मैं उनके लिए प्रस्ताव तैयार कर रहा हूं।' क्लिंटन चुनाव नहीं जीत सकीं और उनका एडमिनिस्ट्रेशन भी अस्तित्व में नहीं आ पाया। ऐसे में अब जबकि बाइडेन राष्ट्रपति हैं तो माना जा रहा है कि मिशेल, अमेरिकी मिलिट्री को लीड कर सकती हैं।
बिल क्लिंटन से लेकर ओबामा के साथ किया काम
पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रशासन में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रहीं सुसैन राइस के नाम पर भी विचार जारी है। राइस, बाइडेन की करीबी हैं और पेंटागन की टॉप जॉब के लिए फिट बैठती हैं। सीनेटर टैमी डकवर्थ जो इलिनियास से सीनेट तक पहुंचे हैं और इराक वॉर लड़ चुके हैं, उनके नाम पर भी संभावनाएं तेज हो गई हैं। वहीं, कुछ और नाम भी हैं जिन पर तेजी से विचार किया जा रहा है। लेकिन मिशेल को यह पद मिल सकता है, इस बात के मौके काफी ज्यादा हैं। वह पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के प्रशासन में रक्षा विभाग में बतौर प्रिंसिपल डिप्टी असिस्टेंट सेक्रेटरी रह चुकी हैं। इसके बाद वह कई वर्षों तक सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज थिंक टैंक से जुड़ी रही हैं। साल 2007 में उन्होंने सेंटर फॉर न्यू अमेरिकन सिक्योरिटी थिंक टैंक को लॉन्च करने का फैसला किया था। इस थिंक टैंक की वजह से मिशेल को ओबामा प्रशासन में उप-रक्षा मंत्री नियुक्त किया गया था। वह उस समय रक्षा विभाग में नीतियों को तैयार करने का काम करती थीं। इस पोजिशन को असैन्य तौर पर सबसे मजबूत पद माना जाता है। यह मिशेल ही थीं जिन्होंने इराक और अफगानिस्तान में जारी युद्ध के लिए नीतियों को तैयार करने में मदद की थी।












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