Khamenei Last Rites: कब सुपुर्द-ए-खाक होंगे ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर खामेनेई? देरी के पीछे ये बड़ी वजहें
Khamenei Last Rites: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद पूरे देश और मिडिल ईस्ट में शोक का माहौल है। हालांकि उनके अंतिम संस्कार को लेकर अब तक स्पष्ट तारीख सामने नहीं आई है, जिससे कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक खामेनेई को सुपुर्द-ए-खाक करने में हो रही देरी के पीछे कई अहम कारण बताए जा रहे हैं।
सबसे बड़ी वजह राजनीतिक और धार्मिक प्रक्रिया को माना जा रहा है। ईरान में किसी सर्वोच्च धार्मिक नेता के अंतिम संस्कार से पहले कई धार्मिक और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी की जाती हैं। वरिष्ठ धर्मगुरुओं और सरकारी अधिकारियों के बीच लगातार बैठकें चल रही हैं ताकि अंतिम संस्कार की पूरी प्रक्रिया पारंपरिक तरीके से संपन्न कराई जा सके।

Khamenei Last Rites: भारी भीड़ और लगातार हमलों की वजह से देरी
- इन कार्यक्रमों में लाखों लोगों के शामिल होने की संभावना है, इसलिए प्रशासन अंतिम संस्कार की तारीख तय करने से पहले इन कार्यक्रमों का समन्वय कर रहा है।
- इसके अलावा एक महत्वपूर्ण कारण राजनयिक और अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति भी बताया जा रहा है। मिडिल ईस्ट और दुनिया के कई देशों के नेता और प्रतिनिधि अंतिम संस्कार में शामिल हो सकते हैं। ऐसे में ईरान सरकार उनकी यात्रा और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम की तैयारी कर रही है।
Supreme Leader Last Rites: इसी सप्ताह हो सकता है ऐलान
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि अंतिम संस्कार से पहले देशभर में अंतिम दर्शन की व्यवस्था की जा सकती है, ताकि आम लोग भी अपने नेता को श्रद्धांजलि दे सकें। इस प्रक्रिया में समय लग सकता है क्योंकि बड़ी संख्या में लोगों के आने की उम्मीद है। मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से दावा किया जा रहा है कि इसी सप्ताह उनके अंतिम संस्कार की तिथि का ऐलान किया जा सकता है।
अंतिम संस्कार से पहले करनी होगी बड़ी व्यवस्था
कूटनयिक मामलों के जानकारों का मानना है कि इतने बड़े नेता के अंतिम संस्कार को पूरी धार्मिक परंपराओं और राष्ट्रीय सम्मान के साथ आयोजित करने के लिए समय लिया जा रहा है। इसलिए यह देरी किसी सुरक्षा या भीड़ नियंत्रण की वजह से नहीं बल्कि राष्ट्रीय और धार्मिक व्यवस्थाओं के कारण हो रही है। फिलहाल ईरान सरकार जल्द ही अंतिम संस्कार की आधिकारिक तारीख की घोषणा कर सकती है। तब तक देशभर में शोक और श्रद्धांजलि कार्यक्रम जारी रहने की संभावना है।












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