Kash Patel Controversy: शराब पीकर गायब रहते हैं FBI डायरेक्टर? खबर छापी तो पत्रकार पर ठोका मुकदमा- Video
Kash Patel Controversy: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मंत्रिमंडल और उनके करीबियों के दिन खराब चल रहे हैं। पहले पाम बॉन्डी और शावेज जैसी मंत्रियों का इस्तीफा और पीट हेगसेथ पर लटकी जांच की तलवार ने उन्हें मुश्किल में डाल रखा है। इसी कड़ी में अगला नाम FBI डायरेक्टर काश पटेल का है। उन पर जबरदस्त पार्टी एनिमल (पार्टी का शौकीन) होने के आरोप लग रहे हैं। इसी बीच एक मैग्जीन में जब उनकी शराब की लत को लेकर खबर छपी तो पटेल गुस्से से झल्ला उठे हैं।
पत्रकार से भिड़े पटेल, $250 मिलियन का ठोका मुकदमा
अमेरिका की जांच एजेंसी Federal Bureau of Investigation के निदेशक Kash Patel मंगलवार को एक पत्रकार से भिड़ गए। यह विवाद तब शुरू हुआ जब The Atlantic पत्रिका ने उनके कथित अत्यधिक शराब पीने और ऑफिस से बिना की जानकारी के गायब रहने को लेकर एक रिपोर्ट छापी। आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए पटेल ने कहा कि वह कभी काम पर नशे में नहीं थे और इसी वजह से उन्होंने 250 मिलियन डॉलर का मानहानि का मुकदमा दायर किया है।

मुझे जवाब देने के लिए नहीं दिया समय- पटेल
पटेल ने यह केस अपनी सार्वजनिक रूप से दी गई सफाई से एक दिन पहले दायर किया। इस मुकदमे में The Atlantic और रिपोर्टर Sarah Fitzpatrick दोनों को आरोपी बनाया गया है। वाशिंगटन डीसी के यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में दायर इस याचिका में कहा गया कि मैग्जीन को पब्लिश करने से पहले उन्हें जवाब देने के लिए पर्याप्त समय भी नहीं दिया गया। साथ ही यह आरोप भी लगाया गया कि पत्रिका ने उनके वकील जेसी बिन्नल के भेजे गए पत्र का कोई जवाब नहीं दिया।
रिपोर्ट में क्या दावा किया गया था?
पिछले सप्ताह प्रकाशित The Atlantic की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि पटेल की अत्यधिक शराब पीने की आदत और बना जानकारी के गायब रहने से उनके कर्मचारी परेशान थे। "काश पटेल का लापरवाह बिहेवियर उनकी नौकरी जाने का कारण बन सकता है" शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में दो दर्जन से ज्यादा गुमनाम सूत्रों का हवाला दिया गया, जिन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। इसके अलावा ये भी दावा किया गया कि पटेल की रातें अक्सर शराब पार्टी के साथ खत्म होती हैं जिससे सुबह वे काम करने की स्थिति में नहीं होते और मीटिंग टाली जाती हैं।
'आई विल सू यू इन इन दी कोर्ट'
जब एक रिपोर्टर ने उनसे उनके कंप्यूटर पर लॉग-इन न कर पाने और अनुपस्थिति के बारे में सवाल किया, तो पटेल ने जवाब दिया कि वह इस पर एक सर्वे करना चाहते हैं कि कितने लोग इस आरोप को सच मानते हैं। उन्होंने कहा, "यह एफबीआई निदेशक मुझसे पहले के हर निदेशक से दोगुने दिन काम पर रहा है।" उन्होंने पत्रकारों को चुनौती देते हुए कहा, "जो भी इसमें शामिल होना चाहता है, सामने आए, मैं आपसे अदालत में मिलूंगा।"
आरोपों को बताया 'झूठ' और 'फेक न्यूज'
रिपोर्ट को अनर्गल बताते हुए पटेल ने कहा, "यह पूरी तरह झूठ है। ऐसा कभी नहीं हुआ।" उन्होंने कहा कि वह तब तक इस पद पर बने रहेंगे, जब तक राष्ट्रपति और अटॉर्नी जनरल चाहेंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि "मैं कभी अपने सिस्टम से लॉग आउट नहीं हुआ, जो भी ऐसा कहता है, वह झूठ बोल रहा है।" उन्होंने गुमनाम रिपोर्टिंग को "फेक न्यूज माफिया" करार दिया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बढ़ा तनाव
जब रिपोर्टर ने फॉलो-अप सवाल पूछने की कोशिश की, तो पटेल ने उसे बीच में रोक दिया और कहा, "आपने सवाल पूछा है, मुझे जवाब देने दें। मुझे मत टोको।" इस दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।
अटॉर्नी जनरल का हस्तक्षेप
स्थिति को संभालने के लिए अमेरिकी अटॉर्नी जनरल Todd Blanche ने दखल दिया। उन्होंने रिपोर्टर से कहा, "मैं जानता हूं कि यह आपके प्रोफेशन का हिस्सा है, लेकिन कृपया रुक जाइए। अगर आप सवाल पूछते हैं, तो उन्हें जवाब देने दीजिए... थोड़ा सम्मान दिखाइए।" उन्होंने रिपोर्ट को खुल्लम-खुल्ला झूठ" भी बताया। दूसरी तरफ, White House और अमेरिकी न्याय विभाग ने भी इन आरोपों का खंडन किया है। हालांकि, मुकदमा दायर होने के बाद भी The Atlantic अपनी रिपोर्टिंग पर कायम है।
पत्रिका और रिपोर्टर का जवाब
सोमवार को The Atlantic के एक प्रवक्ता ने कहा, "हम अपनी रिपोर्टिंग पर कायम हैं और इस निराधार मुकदमे के खिलाफ अपने पत्रकारों का बचाव करेंगे।" रिपोर्टर Sarah Fitzpatrick ने भी कहा कि वह "इस रिपोर्टिंग के हर शब्द पर कायम हैं" और उनके पास मजबूत कानूनी टीम है।
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