जो बाइडेन ने उस फ्रांसीसी राष्ट्रपति से मिलने का किया दावा, जिनकी 1996 में हो चुकी है मौत, भूत से मिले?
Joe Biden Francois Mitterrand: अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन, जो 81 साल के हो चुके हैं और जो अतीत में भी कई अनर्गल हरकतें कर चुके हैं, उन्होंने अब फ्रांस के उस पूर्व राष्ट्रपति से मिलने और बात करने का दावा किया है, जिनकी मौत 1996 में ही हो चुकी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, जिन्हें अगले राष्ट्रपति चुनावों के लिए अपने पूर्ववर्ती डोनाल्ड ट्रम्प का मुख्य दावेदार माना जाता है, उन्होंने यह कहकर एक बार फिर दुनिया को चौंका दिया है, कि वह हाल ही में पूर्व फ्रांसीसी राष्ट्रपति से मिले थे, जिनकी लगभग तीन दशक पहले मौत हो चुकी है।

बाइडेन का हो चुका है दिमाग खराब?
रविवार को लास वेगास में एक लोगों को संबोधित करते हुए, बाइडेन, जो पिछले साल नवंबर में 81 वर्ष के हो गए हैं, उन्होंने गलती से पूर्व फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रेंकोइस मिटर्रैंड के साथ अपनी हालिया बातचीत को याद किया है, जिनकी जनवरी 1996 में मृत्यु हो गई थी।
बाइडेन के मुताबिक, वह 2021 में जी-7 की बैठक के दौरान पूर्व फ्रांसीसी राष्ट्रपति से मिले थे।
लोगों को संबोधित करते हुए जो बाइडेन ने कहा, कि "आप जानते हैं, मेरे चुने जाने के ठीक बाद, मैं सभी नाटो नेताओं के साथ, जिसे वे जी7 बैठक कहते हैं, वहां गया था। और यह इंग्लैंड के दक्षिण में था। और मैं बैठ गया और मैंने कहा, "अमेरिका इज बैक"।
आगे बोलते हुए बाइडेन ने कहा, कि "और जर्मनी के राष्ट्रपति मिटर्रैंड, मेरा मतलब है, फ्रांस के राष्ट्रपति से मिला, और उन्हें कहा, कि "आपको पता है, आप कितने समय के लिए वापस आए हो।"
आपको बता दें, कि बाइडेन के इस भाषण के बाद उनकी काफी आलोचना की जा रही है, क्योंकि वो फिर से चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि वो भूलने की बीमारी से पीड़ित है। डेमोक्रेटिक पार्टी के अंदर से बाइडेन को ना के बराबर चुनौती है।
पूर्व फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रेंकोइस मिटर्रैंड कौन थे?
मिटर्रैंड एक फ्रांसीसी राजनीतिज्ञ और 1981 से 1995 तक फ्रांस के राष्ट्रपति थे। वह फ्रांस के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले राष्ट्रपति थे। सोशलिस्ट पार्टी के प्रथम सचिव के रूप में, वह पांचवें गणतंत्र के तहत राष्ट्रपति पद संभालने वाले पहले वामपंथी राजनेता थे।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 8 जनवरी 1996 को फ्रांस की राजधानी पेरिस में 79 वर्ष की आयु में प्रोस्टेट कैंसर से उनकी मृत्यु हो गई। डॉक्टरों ने कहा था, कि उन्होंने राष्ट्रपति पद पर रहते हुए अपनी बीमारी को छिपाए रखा था।
बाइडेन के बारे में क्या सोचती है अमेरिकी जनता?
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने जनता को संबोधित करते हुए कोई गलती की हो। 2020 में पदभार संभालने के बाद से, राष्ट्रपति बाइडेन ने कई गलतियां कीं हैं, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गईं।
पिछले साल की शुरुआत में, उन्होंने दावा किया था कि कोविड-19 महामारी में सिर्फ 100 लोगों की मौत हुई थी। जबकि, अमेरिका में 10 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।
पिछले साल जून में, उन्होंने गलती से कहा था, कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन "इराक" में युद्ध हार रहे हैं। जबकि रूस यूक्रेन में जंग लड़ रहा है। अपनी एक टिप्पणी में उन्होंने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को भारत की बजाए चीन का प्रधानमंत्री बता दिया था।












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