रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल की तैयारी में रूस! बाइडेन की चेतावनी- भुगतना पड़ेगा
वाशिंगटन, 22 मार्च। यूक्रेन पर हमला लगभग एक महीने बीत जाने के बाद भी उसे झुका न पाने से बौखलाया रूस अब रासायनिक और जैविक हथियारों के इस्तेमाल की योजना बना रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने सोमवार को ये दावा किया और साथ ही चेतावनी भी दी कि अगर व्लादिमीर पुतिन ऐसा करते हैं जो पश्चिम से उन्हें कड़ा जवाब मिलेगा।

रूस पर नजर रख रहा अमेरिका
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ये टिप्पणी वाशिंगटन में उद्योगपतियों के एक समूह को संबोधित करते हुए कही। बाइडेन ने कहा "वे (रूस) यह भी कह रहे हैं कि यूक्रेन के पास रासायनिक और जैविक हथियार हैं। इसका सीधा संकेत है कि वे दोनों के इस्तेमाल के बारे में सोच रहे हैं।
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी जेन साकी ने ट्वीट किया, "अब जबकि रूस ने ये झूठे दावे किए हैं... हम सभी को रूस पर नजर रखनी चाहिए कि वह संभवतः यूक्रेन में रासायनिक या जैविक हथियारों का इस्तेमाल करे या उनका इस्तेमाल करके एक झूठा झंडा अभियान तैयार करे।"

गंभीर परिणाम भुगतने होंगे- बाइडेन
वहीं बाइडेन ने यह भी दोहराया कि अगर रुस ऐसी कोई हरकर करता है तो पश्चिमी देशों से गंभीर और अपरिभाषित प्रतिक्रिया मिलेगी। उन्होंने कहा कि पुतिन जानते हैं कि उन्हें नाटो के संयुक्त मोर्चे से गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि रूसी सेना ने सोमवार को एक मानवीय गलियारे के आस-पास गोलाबारी की। इस गोलीबारी में चार बच्चे घायल हो गए जो उन लोगों में थे जिन्हें हमले के दौरान सुरक्षित निकाला जा रहा था।

मानवीय गलियारों को निशाना
युद्ध के दौरान शहर में फंसे नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकलने के लिए एक रास्ता देते हैं जिसे मानवीय गलियारा कहा जाता है। इस पर दोनों पक्ष अपनी सहमति देते हैं। लेकिन रूस की तरफ से कई बार इन मानवीय गलियारों को निशाना बनाया गया है।
जेलेंस्की ने वीडियो संबोधन में कहा मानवीय गलियारों को जापोरज्जिया क्षेत्र में निशाना बनाया गया जहां पर मारियुपोल से भागने वाले प्रमुख रूप से पहुंच रहे हैं।

मारियुपोल से 3000 लोगों को निकाला
यूक्रेन की सरकार ने कहा कि मारियुपोल से सोमवार को 3000 लोगों को निकाला गया है। यूक्रेन का ये प्रमुख शहर बुरी तरह से हमले की जद में आया है।
ज़ेलेंस्की ने कहा कि उन्होंने गुरुवार को पश्चिमी नेताओं की बैठक से पहले डच प्रधान मंत्री मार्क रूटे और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों के साथ बात कर अपनी स्थिति के बारे में जानकारी दी है।












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