अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन का बड़ा स्कैम! बिना पढ़ाए ही उठाते रहे लाखों डॉलर्स की सैलरी
पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में जो बाइडेन अमेरिका के उप-राष्ट्रपति थे और उस दौरान वो यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर थे।

Joe Biden News: अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। एक रिपोर्ट में पता चला है, कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को उप राष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय में बिना पढ़ाए ही सैलरी उठाया। पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय में जो बाइडेन को एक प्रोफेसर के तौर पर नियुक्त किया गया था और उन्हें अभी तक 10 लाख डॉलर का भुगतान किया गया है, लेकिन उन्होंने पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय में एक भी क्लास नहीं लिया।

बाइडेन पर बड़ा खुलासा
मंगलवार को मैक्सिको सिटी में नॉर्थ अमेरिका लीडर्स समिट में बाइडेन ने कहा कि, 'उपराष्ट्रपति रहने के चार साल बाद तक मैं पेन में प्रोफेसर था।' जिसके बाद तहकीकात से पता चला, कि दो सालों के लिए पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय ने बाइडेन को लगभग 10 लाख अमेरिकी डालर का भुगतान किया, लेकिन उन्होंने कभी भी कोई क्लास नहीं लिया। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को लेकर ये खुलासा रिपब्लिकन नेशनल कमेटी रिसर्च यूनिट ने किया है, जिसमें यह भी बताया गया है, कि "जो बाइडेन, प्रोफेसर होने के बारे में झूठ बोलते रहते हैं"।

फिलाडेल्फिया स्कूल में मानद प्रोफेसर
खुलासा हुआ है, कि जो बाइडेन 2017 से 2019 तक फिलाडेल्फिया स्कूल में मानद प्रोफेसर थे। वहीं, फिलाडेल्फिया इन्क्वायरर की एक खोजी रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें 2017 में 371,159 अमेरिकी डॉलर और 2018 और 2019 में 540,484 अमेरिकी डॉलर का भुगतान किया गया था। 2017 में जो बाइडेन ने मानद प्रोफेसर पद स्वीकार किया था, जिसे औपचारिक रूप से "बेंजामिन फ्रैंकलिन प्रेसिडेंशियल प्रैक्टिस प्रोफेसर" के रूप में बताया गया था। उन्होंने अपने अल्मा मेटर, डेलावेयर विश्वविद्यालय में बाइडेन इंस्टीट्यूट के अलावा वाशिंगटन में पेन बाइडेन सेंटर फॉर डिप्लोमेसी एंड ग्लोबल एंगेजमेंट की भी स्थापना की। हालांकि, जो बाइडेन की भूमिका मानद की थी और उन्होंने कैंपस में छात्रों को लेक्चर दिया था, लेकिन उस दौरान उन्होंने पूरे सेमेस्टर के सिलेबस को नहीं पढ़ाया।
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राष्ट्रपति बाइडेन का योगदान क्या था?
खुलासा हुआ है, कि जो बाइडेन ने सेमेस्टर के मुताबिक सिलेबस को नहीं पढ़ाया, लेकिन उन्होंने मुख्य तौर पर छात्रों को कुछ लेक्चर दिए उनके साथ मुख्य तौर पर बातचीत की। इसके साथ ही उन्होंने वाशिंगटन में पेन बाइडेन सेंटर फॉर डिप्लोमेसी एंड ग्लोबल एंगेजमेंट का भी नेतृत्व किया। अप्रैल 2019 में बाइडेन अपनी पार्टी की तरफ से अमेरिकी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बने और उसके बाद विश्वविद्यालय ने एक बयान जारी करते हुए बताया, कि "बाइडेन ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है, कि वह संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति पद के लिए दावेदारी पेश करेंगे। जबकि, यूनिवर्सिटी में कई लोगों ने जानने में दिलचस्पी दिखाई है, बाइडेन की राष्ट्रपति पद के लिए दावेदारी कैसे सेंटर फॉर डिप्लोमेसी एंड ग्लोबल एंगेजमेंट में उनकी भूमिका को प्रभावित करेगा? और अब जबकि वह आधिकारिक तौर पर राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बन गये हैं, तो यूनिवर्सिटी से उनकी अनुपस्थिति अवैतनिक होगी। यानि, उनकी अनुपस्थिति में वो सैलरी नहीं लेंगे। वहीं, बाइडेन के टैक्स फॉर्म से पता चलता है, कि उन्होंने 2017 से 2019 के बीच यूनिवर्सिटी से करीब 9 लाख अमेरिकी डॉलर प्राप्त किए।












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