जापान में टेस्ट के समय Epsilon-S रॉकेट धमाके के साथ फटा, एलन मस्क से रेस में लगा बहुत बड़ा झटका
Japan Epsilon small rocket explodes: जापान की अंतरिक्ष एजेंसी को बहुत बड़ा झटका लगा है, जब जापानी एप्सिलॉन एस छोटे रॉकेट इंजन में शुक्रवार को परीक्षण के दौरान विस्फोट हो गया। रिपोर्ट के मुताबिक, टेस्ट के दौरान रॉकेट के इंजन में आग लग गई और फिर भारी धमाके के साथ इंजन में ब्लास्ट हो गया।
जापानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये रॉकेट इंजन टेस्ट जापान के अकिन्ता प्रांत के नोशिरो परीक्षण केन्द्र में किया जा रहा था और टेस्ट के समय रॉकेट इंजन जोरदार धमाके के साथ ब्लास्ट कर गया।

जापान में रॉकेट इंजन में ब्लास्ट
जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी ने ब्लास्ट के बाद जानकारी दी है, कि अकिता प्रान्त में नोशिरो परीक्षण केंद्र में हुए विस्फोट में कोई घायल नहीं हुआ। यह घटना दूसरे चरण के इंजन के लिए जमीनी परीक्षण शुरू होने के लगभग एक मिनट बाद हुई।
जापान अपनी स्पेस टेक्नोलॉजी में विस्तार करने और वैश्विक अंतरिक्ष रेस में शामिल होने के लिए काफी कोशिशें कर रहा है और वो एक के बाद एक रॉकेट को अंतरिक्ष में लॉन्च कर रहा है। फिलहाल जापान की अंतरिक्ष एजेंसी एप्सिलॉन श्रृंखला के ही एक रॉकेट एप्सिलॉन एस विकसित कर रही है और इसकी ही टेस्टिंग के दौरान ये हादसा हुआ है।
क्योडो न्यूज ने जो वीडियो जारी किया है, उससे पता चलता है, कि रॉकेट के इंजन में विस्फोट होने के बाद परीक्षण केन्द्र से बाहर आग की लपटें बाहर आने लगीं और देखते ही देखते, पूरी इमारत आग की चपेट में आ गई।
जापान के टेस्ट बार बार हो रहे फेल
आपको बता दें, कि जापान की स्पेस एजेंसी को हाल के समय में एक के बाद एक कई नाकामियों का सामना करना पड़ा है। इससे पहले इसी साल मार्च में जापान के नये एच-3 रॉकेट का परीक्षण भी फेल हो गया था।
इस सीरिज का पहला रॉकेट 2013 में प्रक्षेपित किया गया था और उसके बाद एक के बाद एक इस सीरिज के पांच रॉकेटों को कामयाबी के साथ अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया गया था। लेकिन, साल 2022 में एप्सिलॉन -6 नाम का रॉकेट अंतरिक्ष में जाकर अपने रास्ते से भटक गया था, जिसके बाद उसे अंतरिक्ष में भी उड़ा दिया गया था।
इस नाकामी के बाद जापान की अंतरिक्ष एजेंसी को एप्सिलॉन-एस के लॉन्च को वित्तीय वर्ष 2023 से वित्तीय वर्ष 2024 तक टालना पड़ा था, क्योंकि यह एप्सिलॉन-6 के समान ही ईंधन टैंक का उपयोग करता है।
जापान की कोशिश एलन मस्क की कंपनी स्पेस एक्स से कम कीमत पर सैटेलाइट लॉन्च करने की है, ताकि वो दुनिया में अलग अलग कंपनियों और सरकारों के लिए काफी कम कीमत पर अंतरिक्ष में सैटेलाइट लॉन्च कर सके, लेकिन अभी तक जापान अपने इस मकसद में कामयाब नहीं हो पाया है।
जापान की स्पेस एजेंसी को अभी बिजनेस नहीं मिल रहा है और इसे एलन मस्क की स्पेस एक्स कंपनी से तगड़ी चुनौती मिल रही है। स्पेस एक्स का फॉल्कन-9 रॉकेट सर्फ 2600 डॉलर प्रति किलोग्राम की दर से अंतरिक्ष की नीचली कक्षाओं में सैटेलाइट्स को स्थापित कर रहा है, लेकिन इस वक्त जापान, इसी काम को अंजाम देने में करीब 10 हजार 500 डॉलर चार्ज करता है, लिहाजा जापान के पास काफी कम ग्राहक हैं।












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