Jaishankar UAE visit: जंग के बीच जयशंकर का मास्टरस्ट्रोक! यूएई के राष्ट्रपति से मिले, भारतीय के लिए बड़ा ऐलान
Jaishankar UAE visit: भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर इस समय संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के महत्वपूर्ण दौरे पर हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच वहां रह रहे लाखों भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और दोनों देशों के बीच दोस्ती को और गहरा करना है।
जयशंकर ने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात कर प्रधानमंत्री मोदी का विशेष संदेश उन्हें सौंपा। यह दौरा न केवल व्यापार और ऊर्जा बल्कि मानवीय संवेदनाओं के लिहाज से भी काफी अहम माना जा रहा है।

राष्ट्रपति से खास मुलाकात
डॉ. जयशंकर ने अबू धाबी में यूएई के राष्ट्रपति से मिलकर उन्हें पीएम मोदी की ओर से शुभकामनाएं दीं। इस बैठक में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा हुई। जयशंकर ने राष्ट्रपति का विशेष रूप से धन्यवाद किया कि उन्होंने कठिन समय में भी वहां रह रहे भारतीय प्रवासियों का पूरा ख्याल रखा। बैठक में दुबई के क्राउन प्रिंस भी मौजूद थे, जो दोनों देशों के बढ़ते तालमेल को दर्शाता है।
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Jaishankar meets Sheikh Mohamed bin Zayed: भारतीयों की सुरक्षा पर चर्चा
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण वहां रहने वाले भारतीय और भारत में उनके परिवार काफी चिंतित थे। विदेश मंत्री ने साफ किया कि उनकी प्राथमिकता भारतीय समुदाय की भलाई है। उन्होंने यूएई के नेतृत्व को बताया कि भारत के लोग इस बात के लिए शुक्रगुजार हैं कि युद्ध जैसे हालात में भी यूएई में भारतीयों को सुरक्षित माहौल मिला। उन्होंने भारतीय प्रवासियों के अनुभवों को भी वहां के नेताओं के साथ साझा किया।
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West Asia conflict: रणनीतिक और व्यापारिक रिश्ते
इस दौरे के दौरान केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि ऊर्जा और व्यापार जैसे बड़े मुद्दों पर भी बात हुई। जयशंकर ने यूएई के विदेश मंत्री के साथ लंबी चर्चा की कि कैसे दोनों देश मिलकर आर्थिक रूप से और मजबूत हो सकते हैं। भारत और यूएई के बीच 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' को एक नए स्तर पर ले जाने के लिए कई नए रास्तों पर विचार किया गया, जिससे आने वाले समय में दोनों को फायदा होगा।
सही समय पर अहम दौरा
डॉ. जयशंकर ने खुद माना कि यह दौरा बिल्कुल सही समय पर हुआ है। क्षेत्र की स्थिति काफी उलझी हुई और जटिल है, ऐसे में खुलकर बातचीत करना जरूरी था। उन्होंने दुबई में भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की और उनका हौसला बढ़ाया। विदेश मंत्री के इस दौरे से यह संदेश गया है कि संकट की घड़ी में भारत सरकार अपने नागरिकों के साथ खड़ी है और पड़ोसी देशों के साथ संवाद बनाए हुए है।












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