Italy Update: पीएम मेलोनी ने अपनाया योगी, बाबा का मॉडल, अब इटली में भी गूंजेगा बुलडोजर
Italy Update: अब इटली में भी उत्तर प्रदेश की तर्ज पर गुंडों, अपराधियों और माफियाओं की संपत्तियों पर बुलडोजर का कहर बरपाया जाएगा। इस आइडिया का श्रेय भारत में योगी सरकार को दिया जाता है। इसलिए कहा जा रहा है कि यूपी तर्ज पर ही इटालियन पीएम जॉर्जिया मेलोनी भी अब ये करने जा रही हैं। लंबे समय तक चले हंगामे और विरोध के बाद, इटली की सीनेट ने बुधवार को एक विवादित विधेयक को मंजूरी दे दी है। यह विधेयक देश में होने वाले प्रदर्शनों पर लगाम कसेगा और एजेंसियों के लिए कानूनी सुरक्षा का दायरा बढ़ाएगा। इस कानून को उत्तर प्रदेश के 'योगी मॉडल' की तर्ज पर देखा जा रहा है, क्योंकि इसमें प्रदर्शनकारियों के लिए कठोर सजा का प्रावधान है और पुलिस को व्यापक अधिकार दिए गए हैं। हालांकि, मानवाधिकार संगठन इस प्रकार के कानूनों का विरोध करते रहे हैं। बावजूद इसके, बिल को सदन में बहुमत प्राप्त हुआ है।
विधेयक को मिली मंजूरी
प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की दक्षिणपंथी सरकार द्वारा लाए गए इस नए सुरक्षा विधेयक को पिछले सप्ताह निचले सदन में मंजूरी मिली थी। सीनेट में यह विधेयक 109 के मुकाबले 69 वोटों से पारित हुआ, जबकि एक सदस्य अनुपस्थित रहा।

खूब चलेगा बुलडोजर
यह कानून संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और तोड़-फोड़ वाले धरना-प्रदर्शन सहित विरोध से संबंधित अपराधों के लिए सख्त सजा का प्रावधान करता है। आम भाषा में कहें तो उत्पात मचाने पर बुलडोजर चलाने की छूट देता है। साथ ही, यह कानून प्रवर्तन एजेंसियों को व्यापक अधिकार देता है। यह खुफिया एजेंटों को राष्ट्रीय सुरक्षा उद्देश्यों के लिए कुछ अपराध करने की अनुमति भी देता है, जिसके लिए उन्हें अभियोजन का सामना नहीं करना पड़ेगा।
पुलिस पर हमला किया तो खैर नहीं
विधेयक में ड्यूटी के दौरान किसी पुलिस अधिकारी को घायल करने के अपराध को भी शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त, नौकरी के दौरान आचरण के आधार पर जांच किए जाने वाले अधिकारियों के लिए कानूनी फीस को कवर करने के लिए 10,000 यूरो तक की धनराशि भी आवंटित की गई है।
पुलिस होगी मजबूत- मेलोनी
प्रधानमंत्री मेलोनी ने बुधवार को कहा, "सीनेट में सुरक्षा विधेयक को अंतिम मंजूरी मिलने के साथ ही, सरकार ने नागरिकों, सबसे कमजोर समूहों और वर्दीधारी पुरुषों और महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक निर्णायक कदम उठाया है।" विधेयक के अन्य प्रावधानों में जेलों और प्रवासी हिरासत केंद्रों में दंगा करने या आदेशों का पालन न करने वाले कैदियों के लिए लंबी सजा का प्रावधान है। साथ ही, सार्वजनिक परिवहन में जेबकतरों और विशेष रूप से जेल से बचने के लिए गर्भावस्था का झूठा दावा करने वालों के लिए नए नियम शामिल किए गए हैं।
बिल के खिलाफ इटली में प्रदर्शन
मेलोनी ने इस विधेयक को 'एक सुरक्षित इटली' के अपने वादे के तहत बढ़ावा दिया है। हालांकि, हाल के महीनों में इस विधेयक के विरोध में पूरे इटली में प्रदर्शन हुए हैं, जिसमें मानवाधिकार संगठनों ने सरकार पर असहमति को अपराध बनाने, नागरिक स्वतंत्रता को सीमित करने और विरोध के अधिकार को कम करने का आरोप लगाया है।
कुल मिलाकर अब इटली में योगी आदित्यनाथ के प्रशासन की तर्ज पर बुलडोजर की भर्राट आवाज गूंजेगी। असामाजिक तत्वों में भी इस बात का अब खौफ देखने को मिलेगा। लेकिन कई लोगों का कहना है कि सरकार इसकी आड़ में प्रदर्शनों को दबा सकती है।
इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कॉमेंट में बताएं।












Click it and Unblock the Notifications