इजरायल में इतिहास का सबसे गंभीर संकट, डंडे की जोर पर हालात ठीक करने की कोशिश में नेतन्याहू
आलोचकों का कहना है इस प्रस्ताव के पास होने पर जजों को चुनने वाली कमिटी में ज्यादातर सदस्य सत्ताधारी पार्टी से होंगे। इससे जजों की नियुक्ति में सरकार का दखल बढ़ जाएगा और सुप्रीम कोर्ट का डर खत्म हो जाएगा।

Image: Oneindia
इजराइल में एयरफोर्स के सीनियर पायलट गिलाड पेलेड ने वापस ड्यूटी ज्वाइन कर ली है। इजरायल रक्षा बलों ने कहा कि शुक्रवार को एक बैठक आयोजित करने के बाद, तोमर बार ने अपने सक्रिय रिजर्व ड्यूटी को फिर से शुरू करने पर सहमति व्यक्त की है और सीनियर पायलट की बर्खास्तगी रद्द कर दी गई है। एक बयान में, सेना ने कहा कि इजरायली वायुसेना ने ये धारणा बना ली थी कि पेलेड अन्य रिजर्व पायलटों को ड्यूटी करने से मना करने के लिए उकसा रहे थे।
एक दिन पहले किया गया था बर्खास्त
आपको बता दें कि एक दिन पहले ही प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार द्वारा लाए गए ज्यूडिशियल रिफॉर्म्स बिल का विरोध कर रहे पेलेड को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था। इस पायलट पर आरोप है कि उसकी वजह से ही रिजर्व पायलट भी बिल के विरोध में उतरे। इसके बाद गिलाद पेलेड ने कहा था कि इजरायली वायु सेना प्रमुख मेजर जनरल तोमर बार का उन्हें बर्खास्त करने का निर्णय अन्यायपूर्ण था और वह इसके खिलाफ अपील करेंगे।
पेलेड ने कहा- गलतफहमी हो गई थी
इजराइली एयरफोर्स के चीफ तोमर बार ने भी सीनियर रिजर्व पायलट कर्नल गिलाड पेलेड की बर्खास्तगी के आदेश पर दस्तखत किया था। इसके चंद घंटे बाद गिलाद पेलेड ने रिटायर होने का ऐलान कर दिया था। तोमर बार ने कहा- गिलाड ने एयरफोर्स के कोड ऑफ कंडक्ट के खिलाफ काम किया। वो दूसरे पायलट्स और सैनिकों को सियासी प्रदर्शन के लिए उकसा रहे थे। ये हमारी आर्म्ड फोर्सेस की परंपराओं के भी खिलाफ है। हालांकि पेलेड ने कहा कि बार को इस बारे में गलतफहमी थी। वह पायलटों को संगठित नहीं कर रहे थे।
न्यायिक सुधार के मसले पर घिरते जा रहे पीएम
आपको बता दें कि नेतन्याहू न्यायिक सुधार यानी ज्यूडिशियल रिफॉर्म्स के मुद्दे पर घिरते जा रहे हैं। देश में हजारों लोग इन सुधारों को तानाशाही की दिशा में कदम बताते हुए विरोध कर रहे हैं। पिछले हफ्ते इसमें एयर फोर्स भी शामिल हो गई है। सरकार के विवादित प्रस्ताव के खिलाफ गुरुवार को भी प्रदर्शन किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने उस सड़क मार्ग को अवरुद्ध कर दिया, जिससे नेतन्याहू को विदेश यात्रा के लिए हवाई अड्डा पहुंचना था। जिसके चलते प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू हेलीकॉप्टर से हवाई अड्डा पहुंचे।
क्यों हो रहा विरोध?
इजरायल के गठन के बाद से ऐसा पहली बार हो रहा है जब देश में इस कदर विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की दक्षिणपंथी गठबंधन सरकार सुप्रीम कोर्ट पर अंकुश लगाने के लिए न्यायपालिका में बदलाव का प्रयास कर रही है। दरअसल न्यायिक प्रणाली में सुधार को लेकर बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार एक नया बिल लेकर आयी है जिसे लेकर 2 महीने से भी अधिक समय से हंगामा हो रहा है। यदि सरकार कानून बनाने में सफल हो जाती है तो सुप्रीम कोर्ट, संसद में पास कानूनों को आसानी से पलट नहीं पाएगा। इतना ही नहीं इस कानून के बनने से सरकार कोर्ट के जजों को चुनने में और स्वतंत्र हो पाएगी। और तो और साधारण बहुमत से ही संसद, सुप्रीम कोर्ट के फैसले तक को बदलने में सक्षम हो जाएगी।
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