Iran Us war: 'नेतन्याहू के नक्शेकदम पर चलता रहा तो!', ट्रंप की धमकी पर ईरान ने दिया करारा जवाब

Iran Us war: मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को बरबाद करने की धमकी दी है। ट्रंप के धमकी भरे बयान के कुछ ही घंटों बाद तेहरान की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है।

ईरान की संसद के स्‍पीकर मोहम्मद बघेर गालिबफ (Mohammad Bagher Ghalibaf) ने सोशल मीडिया के जरिए अमेरिका को तुरंत जवाब दिया। गालिबफ ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि "अमेरिका के लापरवाह कदम पूरे क्षेत्र को बड़े संघर्ष की ओर धकेल रहे हैं।"

Iran Us war

ट्रंप अमेरिका को "जीते-जी नर्क" की ओर धकेल रहे

एक्स (X) पर एक पोस्ट में ग़ालिबफ़ ने लिखा, ट्रम्प के "लापरवाह कदम" अमेरिका को "जीते-जी नर्क" की ओर धकेल रहे हैं। और हमारा पूरा क्षेत्र जल जाएगा क्योंकि आप नेतन्याहू के आदेशों का पालन करने पर जोर दे रहे हैं। कोई गलती न करें युद्ध अपराधों से आपको कुछ भी हासिल नहीं होगा। एकमात्र वास्तविक समाधान ईरानी लोगों के अधिकारों का सम्मान करना और इस खतरनाक खेल को समाप्त करना है।

अमेरिका नेतन्याहू के नक्शेकदम पर चलता रहा तो...

दरअसल, ट्रंप ने ईरान से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) खोलने की सख्त मांग की। इस पर ईरान के संसद स्‍पीकर ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा,'यदि अमेरिका, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) के नक्शेकदम पर चलता रहा, तो वह "जलकर राख हो जाएगा।'

गालिबफ ने यह आरोप भी लगाया कि अमेरिकी प्रशासन नेतन्याहू के दबाव में काम कर रहा है, जिससे हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि युद्ध से अमेरिका को कोई फायदा नहीं मिलने वाला है।

Iran Us war

ट्रंप ने धमकाया है ईरान पर गंभीर कार्रवाई की जाएगी

ग़ालिबफ़ की टिप्पणी ट्रम्प की उसी दिन दी गई कड़ी चेतावनी के बाद आई, जिसमें उन्होंने ईरान को होर्मुज़ जलडमरूमध्य खोलने की मांग करते हुए ऐसा न करने पर उसके ऊर्जा और नागरिक बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाने की धमकी दी। ट्रम्प ने बेहद सख्त और असामान्य भाषा का इस्तेमाल करते हुए तेहरान को "समझौता करने" या "जलडमरूमध्य खोलने" की समय-सीमा याद दिलाई और चेतावनी दी कि मंगलवार को गंभीर कार्रवाई की जाएगी।

ट्रंप ने ट्रुथ पर लिखा, "मंगलवार पावर प्लांट और ब्रिज डे होगा, सब कुछ एक साथ। ऐसा पहले कभी नहीं देखा होगा। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलो, नहीं तो नतीजे भुगतने होंगे।" इसके कुछ समय बाद, उन्होंने एक और पोस्ट में केवल इतना लिखा, "मंगलवार, रात 8:00 बजे (ईस्टर्न टाइम)!"।

क्‍या और भयावह होगा ईरान और अमेरिका का युद्ध?

विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच बढ़ती बयानबाजी पूरे क्षेत्र को एक बड़े टकराव की ओर ले जा सकती है, जिसके गंभीर वैश्विक परिणाम हो सकते हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने पहले 6 अप्रैल तक एक समझौते पर पहुंचने या तेहरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने की चेतावनी दी थी। ऐसा न होने पर, उन्होंने अमेरिका द्वारा ईरान के पावर प्लांट और पुलों को निशाना बनाने की धमकी दी थी।

ईरान ने ट्रंप की भाषा की आलोचना

ट्रंप के इन बयानों पर ईरानी दूतावास थाईलैंड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तीखी प्रतिक्रिया दी। दूतावास ने लिखा, "राष्ट्रपति जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, उसे देखकर लगता है कि अमेरिका उम्मीद से पहले ही पाषाण युग में पहुंच गया है।" यह टिप्पणी अमेरिकी नीति की आलोचना थी।

ट्रंप ने धमकाया- ईरान नहीं माना तो...

इस घटनाक्रम के तुरंत बाद, ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में अपनी बात दोहराई। उन्होंने कहा कि यदि समझौता नहीं होता है, तो वे "सब कुछ नष्ट करने और तेल पर कब्जा करने" जैसे विकल्पों पर विचार कर सकते हैं। ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि बातचीत में शामिल ईरानी प्रतिनिधियों को सीमित छूट मिली है, लेकिन अगर कोई सहमति नहीं बनती, तो इसके बेहद गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+