सीरिया में ईरान के लिए बंद हो गया दरवाजा! दमिश्क में ईरानियन दूतावास पर हमला, भागे खामेनेई के सैनिक
Syria News: सीरिया में विद्रोहियों का कब्जा होते ही देश से ईरानियों को भगाया जा रहा है और ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी दमिश्क में ईरानी दूतावास पर हमला किया गया है। अल-अरबिया नेटवर्क ने एक वीडियो प्रकाशित किया है, जिसमें दमिश्क में ईरानी दूतावास की इमारत और संपत्ति को नष्ट होते दिखाया गया है।
सीरियाई सरकार रविवार को तड़के गिर गई, जिससे अरब देश पर राष्ट्रपति बशर अल-असद के 24 साल के शासन का अंत हो गया और अब हयात तहरीर अल-शाम (HTS) आतंकवादी समूह ने राजधानी दमिश्क पर हमला कर कब्जा कर लिया है, जो ईरान के लिए बहुत बड़ा झटका है।

ईरान ने सालों से सीरिया में अपना अड्डा बना रखा था, जहां से वो इजराइल के खिलाफ अभियान चलाता था। वहीं, सीरिया में हिज्बुल्लाह के भी कई ऑफिस थे, लेकिन विद्रोहियों के कब्जे के बाद उन्हें सीरिया से भागना पड़ रहा है।
सीरिया से निकले ईरानी सैनिक
क्षेत्रीय अधिकारियों और तीन ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, ईरान ने शुक्रवार को सीरिया से अपने सैन्य कमांडरों और कर्मियों को निकालना शुरू कर दिया है, जो राष्ट्रपति बशर अल-असद को सत्ता में बनाए रखने में ईरान की नाकामी का संकेत है। सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद ईरान के हाथों की कठपुतली माने जाते थे।
अधिकारियों ने बताया है, कि पड़ोसी इराक और लेबनान में निकाले गए सैनिकों में ईरान के शक्तिशाली कुद्स फोर्स के शीर्ष कमांडर शामिल थे, जो रिवोल्यूशनरी गार्ड की बाहरी शाखा है।
ईरान ने सीरिया में सालों से चल रहे गृहयुद्ध में असद शासन का समर्थन किया है और लगातार हथियारों की सप्लाई की है, जो लाखों लोगों की मौत की वजह बने हैं। वहीं, लेबनान में हिज्बुल्लाह को हथियारों की आपूर्ति करने के लिए सीरिया को एक प्रमुख मार्ग के रूप में इस्तेमाल किया है।
ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, जिनमें से दो गार्ड के सदस्य हैं, और क्षेत्रीय अधिकारियों के अनुसार, रिवोल्यूशनरी गार्ड के कर्मियों, कुछ ईरानी राजनयिक कर्मचारियों, उनके परिवारों और ईरानी नागरिकों को भी निकाला गया है। अधिकारियों ने एक संवेदनशील मुद्दे पर चर्चा करने के लिए नाम न छापने की शर्त पर बताया, कि शुक्रवार की सुबह से ही ईरानी सीरिया से निकलने लगे हैं।
ईरानी और क्षेत्रीय अधिकारियों ने बताया है, कि दमिश्क में ईरानी दूतावास और रिवोल्यूशनरी गार्ड के ठिकानों से लोगों को निकालने का आदेश दिया गया है। दूतावास के कम से कम कुछ कर्मचारी चले गए हैं। अधिकारियों ने बताया, कि कुछ लोग विमान से राजधानी तेहरान जा रहे हैं, जबकि अन्य लेबनान, इराक और सीरिया के बंदरगाह लताकिया के लिए भूमि मार्ग से जा रहे हैं। अरबी अखबार को क्षेत्रीय रणनीति पर अधिकारियों को सलाह देने वाले एक प्रमुख ईरानी विश्लेषक मेहदी रहमती ने एक टेलीफोन इंटरव्यू में कहा है, कि "ईरान अपने बलों और सैन्य कर्मियों को निकालना शुरू कर रहा है क्योंकि अगर सीरिया की सेना खुद लड़ना नहीं चाहती है, तो हम सलाहकार और सहायक बल के रूप में नहीं लड़ सकते हैं।"
उन्होंने कहा, "असल बात यह है, कि ईरान को एहसास हो गया है कि वह अभी सीरिया में किसी भी सैन्य अभियान के साथ स्थिति को संभाल नहीं सकता है, और यह विकल्प बंद है।"
सीरिया में बंद ईरान के लिए दरवाजा?
रूस के साथ-साथ ईरान, सीरियाई सरकार का सबसे शक्तिशाली समर्थक रहा है, जो सलाहकारों और कमांडरों को ठिकानों और अग्रिम पंक्ति में भेजता है और मिलिशिया का समर्थन करता है। विद्रोही गठबंधन की तरफ से आश्चर्यजनक हमले ने सीरिया गृहयुद्ध को नाटकीय रूप से बदल दिया है। एक सप्ताह से भी कम समय में विद्रोहियों ने अलेप्पो और हामा जैसे प्रमुख शहरों पर कब्जा कर लिया है, चार प्रांतों के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया है।
सीरियाई विद्रोहियों ने आज राजधानी पर नियंत्रण हासिल कर लिया है और देश के प्रधानमंत्री ने शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता ट्रांसफर करने की बात कही है।
ईरानी संसद के सदस्य अहमद नादेरी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा था, कि "सीरिया पतन के कगार पर है, और हम शांति से देख रहे हैं।" उन्होंने कहा कि अगर दमिश्क गिर गया, तो ईरान, इराक और लेबनान में भी अपना प्रभाव खो देगा। उन्होंने कहा, कि "मुझे इस निष्क्रियता का कारण समझ में नहीं आता है, लेकिन जो भी हो, यह हमारे देश के लिए अच्छा नहीं है।"
हालांकि, सीरियाई विद्रोही बलों ने 'किसी से बदला नहीं लेने का ऐलान' किया है। उसने कहा है, कि "नया सीरिया" "शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व" का स्थान होगा, जहां न्याय की जीत होगी और सभी सीरियाई लोगों की गरिमा सुरक्षित रहेगी। विद्रोहियों ने एक बयान में कहा है, कि "हम अतीत के अंधेरे पन्नों को पलट रहे हैं और भविष्य के लिए एक नया क्षितिज खोल रहे हैं।" HTS प्रमुख अल-जुलानी सहित विपक्षी नेताओं ने हाल के हफ्तों में इस बात पर जोर दिया है, कि उनका उद्देश्य सभी सीरियाई लोगों के लिए एक राज्य का निर्माण करना है, ताकि सांप्रदायिकता और समूह के अल-कायदा से पिछले संबंधों के बारे में चिंताओं को दूर किया जा सके।












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