Elnaz Rekabi: बिना हिजाब टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली एल्नाज रेकाबी पहुंची ईरान, हुआ भव्य स्वागत
ईरानी पर्वतारोही एल्नाज रेकाबी बुधवार को सकुशल ईरान लौट गई हैं। रेकाबी ने दक्षिण कोरिया में एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में बिना हिजाब पहने अपने देश का प्रतिनिधित्व किया था।
ईरानी पर्वतारोही एल्नाज रेकाबी (Elnaz Rekabi) बुधवार को सकुशल ईरान लौट गई हैं। रेकाबी ने दक्षिण कोरिया में एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में बिना हिजाब (Hijab) पहने अपने देश का प्रतिनिधित्व किया था। इसके बाद से वह गायब चल रही थीं। एल्नाज रेकाबी जब तेहरान एयरपोर्ट पर प्लेन से उतरी तो वहां लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया। कई लोग उन्हें बिना हिजाब चैम्पियनशिप में हिस्सा लेने के लिए हीरो कह रहे हैं। लोगों ने 'एल्नाज इज ए हीरोइन' के नारे भी लगाए। हालांकि इससे पहले एल्नाज ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर ऐसा करने के लिए माफी मांगी थी।

एल्नाज रेकाबी ने बिना हिजाब के लिया हिस्सा
33 वर्षीय एल्नाज रेकाबी 10 से 16 अक्टूबर तक साउथ कोरिया में हुई एशियन रॉक क्लाइम्बिंग चैम्पियनशिप में हिस्सा लेने गईं थीं। इस दौरान एल्नाज ने रॉक क्लाइम्बिंग करते समय ईरान के सख्त नियमों की अवहेलना करते हुए हिजाब नहीं पहना था। इस प्रतियोगिता में वह चौथे नंबर पर आईं। इसके बाद उनकी पूरी टीम 17 अक्टूबर को ईरान वापस आ गई थी, लेकिन एल्नाज नहीं लौटीं। इसके बाद से उनके लापता होने की बातें चलने लगीं।
'गलती' से गिर गया था हिजाब
एल्नाज रेकाबी ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए एक वीडियो में बताया कि उनका हिजाब 'गलती' से गिर गया था। इसके बाद जब वह एयरपोर्ट पर पहुंची तो मीडिया को इंटरव्यू देते वक्त भी एल्नाज ने यही बात दोहराई। हालांकि उनकी सफाई पर कई लोग सवाल उठा रहे हैं। लापता होने की खबर सामने आने से पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा था कि खेल के दौरान हिजाब न पहनना सिर्फ एक संयोग था। उनका हिजाब अनजाने में गिर गया था। इसके पीछे कोई मोटिव या एजेंडा नहीं था।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ स्वागत वीडियो
पर्वतारोही एल्नाज रेकाबी के कई वीडियो सोशल मीडिया पर देखे जा सकते हैं। इसमें देखा जा सकता है कि हजारों की संख्या में लोग एल्नाज का स्वागत कर रहे हैं। तालियां बजा रहे हैं और उन्हें हीरो बता रहे हैं। फाइनल राउंड में हिजाब न पहनने के उनके फैसले को ईरान सरकार का विरोध समझा जा रहा था। हालांकि, लोगों का कहना है कि एल्नाज ने दबाव में आकर माफी मांगी है।

ईरान में 5 सप्ताह से चल रहा प्रदर्शन
16 सितंबर को पुलिस कस्टडी में 22 साल की महसा अमिनी की मौत के बाद शुरू हुआ प्रोटेस्ट ईरान के 9 से ज्यादा राज्यों में पहुंच चुका है। सरकार विरोध दबाने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रही है। लेखकों, पत्रकारों, सोशल मीडिया इंफ्लूयेंसर और सेलिब्रेटिज को गिरफ्तार किया जा रहा है। एक अनुमान के मुताबिक, हिंसा में अब तक 210 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं।












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