Iran Nuclear Program: इजरायल और अमेरिका के हमलों के बीच भी ईरान का यूरेनियम प्लांट सेफ? ट्रंप की बढ़ी टेंशन!
Iran Nuclear Program: अमेरिका और इजरायल का हमला ईरान पर जारी है। इस बीच अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की एक नई रिपोर्ट ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान का परमाणु कार्यक्रम अभी भी जारी है। यूरेनियम प्लांट भी पूरी तरह से सुरक्षित है। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि तेहरान पास अभी भी उस हाईली एनरिच्ड यूरेनियम (Highly Enriched Uranium) तक पहुंच हो सकती है, जिसे पिछले साल अमेरिकी हमले में नष्ट माना जा रहा था।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को इसके पुख्ता संकेत मिले हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, जिस जगह यूरेनियम दबा हुआ माना जा रहा था, वहां अब एक बेहद संकरा रास्ता बन गया है। इस रास्ते का इस्तेमाल कर ईरान उस रेडियोधर्मी सामग्री को बाहर निकाल सकता है।

Iran Nuclear Program: इस्फहान न्यूक्लियर फैसिलिटी पर हुआ था हमला
- पिछले साल जून में अमेरिका और इजरायल ने ईरान की इस्फहान न्यूक्लियर फैसिलिटी पर संयुक्त रूप से हवाई हमला किया था।
- उस समय माना गया था कि इस हमले में बड़ी मात्रा में हाईली एनरिच्ड यूरेनियम या तो नष्ट हो गया या जमीन के नीचे दब गया।
- ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि अब वहां एक संकरा एक्सेस प्वाइंट बन चुका है, जिससे ईरान इस यूरेनियम को बाहर निकालकर किसी दूसरी सुरक्षित जगह पर ले जा सकता है।
Iran Nuclear Program: अमेरिकी एजेंसियां लगातार रख रही हैं नजर
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि उनकी खुफिया एजेंसियां इस फैसिलिटी पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। उनका दावा है कि अगर ईरान यूरेनियम को निकालने या शिफ्ट करने की कोशिश करता है तो इसका पता तुरंत चल जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी प्रशासन के भीतर पिछले कई हफ्तों से इस यूरेनियम स्टॉक को सुरक्षित करने के विकल्पों पर चर्चा हो रही है।
Israel US Strikes: ग्राउंड ट्रूप्स भेजने के विकल्प पर भी चर्चा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी संकेत दिए हैं कि जरूरत पड़ने पर ईरान में जमीनी सैनिक भेजने के विकल्प को पूरी तरह खारिज नहीं किया गया है। उनका कहना है कि अगर हालात गंभीर हुए तो यूरेनियम के भंडार को सुरक्षित करने के लिए ऐसा कदम उठाया जा सकता है।
ईरान ने नहीं दी स्टॉक की जानकारी
दूसरी ओर ईरान ने पिछले साल हुए हमलों के बाद से यह साफ नहीं किया है कि उसके हाईली एनरिच्ड यूरेनियम का स्टॉक किस स्थिति में है। इतना ही नहीं, ईरान ने इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के निरीक्षकों को भी उन साइट्स पर जाने की अनुमति नहीं दी है, जहां पहले यूरेनियम संवर्धन (Enrichment) का काम किया जाता था। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय समुदाय में यह आशंका बढ़ रही है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर क्या नई रणनीति बना रहा है।












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