Strait of Hormuz : ईरान ने बंद किया होर्मुज स्ट्रेट US ने दी धमकी-'ब्लैकमेल ना करें', 10 बड़े अपडेट
Strait of Hormuz Closed: अमेरिका की नाकेबंदी के चलते ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को फिर से पूरी तरह बंद कर दिया है। शनिवार को इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर प्रतिबंध फिर से लागू हो गए। ईरान की संयुक्त सैन्य कमांड ने शनिवार को पुष्टि की कि होर्मुज पर नियंत्रण वापस पिछली स्थिति में आ गया है।
कमांड ने चेताया कि 'अमेरिकी नाकेबंदी रहने तक आवाजाही रोकी जाएगी और कोई भी जहाज होर्मुज की ओर बढ़ने को दुश्मन के साथ सहयोग माना जाएगा और उसे निशाना बनाया जाएगा।'

इस मामले के बड़े अपडेट निम्नलिखित हैं, जानिए अब तक क्या हुआ?
- यह घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के उस बयान के अगले दिन हुई, जिसमें उन्होंने कहा था कि 'परमाणु कार्यक्रम पर समझौते तक अमेरिका नाकेबंदी पूरी तरह लागू रखेगा।'
- ट्रंप के बयान के बाद ईरान की संसद के स्पीकर बाकिर गालिबफ ने कहा कि 'ट्रंप ने एक घंटे में सात झूठे दावे किए। होर्मुज स्ट्रेट का खुला रहना या बंद होना, इसके नियम जमीनी हकीकत पर तय होंगे, सोशल मीडिया पर नहीं, वो हमारा है।'
- दक्षिण अफ्रीका में ईरानी दूतावास ने 'एक्स' पर लिखा, 'होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के परमिट सोशल मीडिया के जरिए नहीं दिए जाते।'
'होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान ना करें अमेरिका को ब्लैकमेल'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि 'ईरान होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर धमकियां देकर अमेरिका को ब्लैकमेल नहीं कर सकता।'
तेहरान ने इस जलमार्ग को पिछले करीब दो महीनों से प्रभावी रूप से बंद कर रखा है, जिसके चलते दुनिया भर में ईधन को लेकर हायतौबा मच गई है , क्रूड ऑयल की कीमतों में आग लग गई है जिसका असर पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की कीमतों पर पड़ रहा है। यह एक अत्यंत गंभीर वैश्विक स्थिति है।
होर्मुज स्ट्रेट होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल गलियारा है। आंकड़ों के अनुसार दुनिया के कुल तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) का लगभग 20% इसी रास्ते से होकर गुजरता है। सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और इराक जैसे प्रमुख तेल उत्पादकों का निर्यात पूरी तरह इसी मार्ग पर निर्भर है। इस मार्ग के बंद होने से वैश्विक तेल की कीमतों में भारी उछाल आने की आशंका है, जो सीधे तौर पर भारत सहित कई विकासशील देशों की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगा।
पूरी दुनिया पर मंडराया आर्थिक मंदी का संकट?
ईरान का यह कदम केवल एक क्षेत्रीय विवाद नहीं, बल्कि एक वैश्विक ऊर्जा युद्ध की शुरुआत हो सकता है। यदि कूटनीतिक प्रयास जल्द ही सफल नहीं हुए, तो आपूर्ति श्रृंखला में आने वाला व्यवधान न केवल मध्य पूर्व बल्कि पूरी दुनिया को एक गहरी आर्थिक मंदी की ओर धकेल सकता है।
अमेरिका के नए प्रस्ताव पर तेहरान कर रहा समीक्षा
अमेरिका ने कहा कि '13 अप्रैल को नाकाबंदी लागू करने के बाद से उसने 23 जहाजों को वापस भेज दिया है।' जबकि ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) ने कहा कि 'यह संघर्ष-विराम समझौते का उल्लंघन है और जब तक यह लागू है, तब तक वह होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने से रोकेगी। अमेरिका ने कुछ नए प्रस्ताव रखे हैं, जिनकी तेहरान अभी समीक्षा कर रहा है और अभी तक उनका जवाब नहीं दिया है।'














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