राष्ट्रपति बनने से पहले ही चीन की भाषा बोलने लगे मोइज्जू, कहा- शपथ लेने दो, फिर भारतीय सेना को निकालूंगा
मालदीव के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने एक बार फिर से भारत विरोधी बयान दिया है। मुइज्जू ने अपने चुनावी वादे को पिर से दोहराते हुए कहा कि वो पदभार संभालने के एक हफ्ते के भीतर मालदीव से भारतीय सेना को बाहर कर देंगे।
'अल जजीरा' को दिए गए इंटरव्यू में मालदीव के राष्ट्रपति ने कहा कि जिस दिन वो पदभार संभालेंगे उस दिन वो भारतीय सैनिकों को मालदीव से वापस जाने के लिए अनुरोध करेंगे। यह उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने कहा कि वह इसे राजनयिक तरीकों से हासिल करेंगे।

मालदीव में 17 नवंबर को नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी चल रही है। व्यापक रूप से चीन समर्थक नेता के रूप में देखे जाने वाले मुइज्जू ने पिछले महीने राष्ट्रपति पद की दौड़ में निवर्तमान इब्राहिम सोलिह को हराया था।
मुइज्जू ने अलजजीरा से बात करते हुए कहा कि वे कुछ दिनों पहले भारतीय उच्चयुक्त से मिले थे। इस दौरान उन्होंने उनसे कहा कि हमें इस मुद्दे को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाने की जरूरत है। उन्होंने (भारत) ने इसे सकारात्मक रूप से लिया और कहा कि वो इसपर आगे बढ़ने का रास्ता खोजने के लिए हमारे साथ मिलकर काम करेंगे।
हालांकि, इसके साथ ही मुइज्जू ने स्वीकार किया कि उन्हें मालदीव में भारतीय सैन्य कर्मियों की संख्या के बारे में जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा, "सदियों से हम बहुत शांतिपूर्ण देश रहे हैं। हमारी धरती पर कभी भी कोई विदेशी सेना नहीं रही। हमारे पास कोई बड़ा सैन्य ढांचा नहीं है और हमारी धरती पर किसी भी विदेशी सेना के रहते हम सुरक्षित महसूस नहीं करते।"
यह पूछे जाने पर कि क्या उनकी विदेश नीति का झुकाव चीन की ओर होगा, मुइज्जू ने कहा कि वो हमेशा मालदीव समर्थक नीति का पालन करेंगे। उन्होंने कहा कि हम किसी भी देश को खुश करने के लिए उसका पक्ष नहीं लेंगे।
उन्होंने कहा, हम चाहते हैं कि पहले हमारे हित सुरक्षित हों। मुइज्जू ने कहा कि चाहे कोई भी देश हो जो हमारे देश का सम्मान करेगा और जो देश के हितों सुरक्षित रखेगा वो हमारा दोस्त होगा












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