चीन में 20 साल के भारतीय छात्र की संदिग्ध हालात में मौत, बिहार का रहने वाला था अमन नागसेन
अमन नागसेन के परिवारवालों के मुताबिक अमन की मौत के एक हफ्ते बाद उन्हें अमन की मौत की खबर मिली।
बीजिंग, अगस्त 02: चीन में रहकर बिजनेस की पढ़ाई करने वाले एक भारतीय छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक छात्र का नाम अमन नागसेन था, जो बिहार के गया का रहने वाला था और चीन की राजधानी बीजिंग से करीब 100 किलोमीर दूर तियानजिन शहर के एक यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करता था। रिपोर्ट के मुताबिक विश्वविद्यालय के कमरे में रहस्यमयी परिस्थितियों में 20 साल के अमन नागसेन का शव पाया गया है।

कर्मचारियों को मिला कमरे से शव
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमन नागसेन का शव गुरुवार को तियानजिन फॉरेन स्टडीज यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों को मिला था। अमन नागसेन बिहार के गया जिले का रहने वाला था और उसकी उम्र 20 साल थी। वो इंटरनेशनल बिजनेस स्टडीज की पढ़ाई तियानजिन फॉरेन स्टडीज से कर रहा था। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने शुक्रवार तड़के नागसेन के परिवार के सदस्यों को उनकी मृत्यु के बारे में सूचित किया है और कहा है कि अमन की मौत की तफ्तीश की जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक अमन नागसेन के परिवार ने उनसे आखिरी बार 23 जुलाई को बात की थी, जिसके बाद अमन ने उनके किसी कॉल या मैसेज का जवाब नहीं दिया और मोबाइल ऐप के जरिए पैसे ट्रांसफर भी नहीं हो पाया था।
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संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
अमन नागसेन के परिवारवालों के मुताबिक कोई कॉल या मैसेज नहीं मिलने के बाद उन्होंने बीजिंग में रहने वाले अमन के लोकल गार्जियन से संपर्क किया और फिर उन्होंने यूनिवर्सिटी के अधिकारियों से संपर्क किया और फिर अमन की तलाश करने की कोशिश की। जिसके बाद यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने अमन की मौत की खबर दी। अमन के चाचा पंकज पासवान के मुताबिक उन्हें 29-30 जुलाई की दरम्यानी रात करीब एक बजे विश्वविद्यालय के कर्मचारियों से अमन की मौत की जानकारी मिली, लेकिन उसके बाद यूनिवर्सिटी की तरफ से अभी तक आधिकारिक तौर पर अमन की मौत की कोई खबर नहीं दी गई है। अमन नागसेन के परेशान चाचा ने कहा कि परिवार ने तत्काल भारत सरकार के विदेश मंत्रालय से अमन का शव वापस लाने की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा, "हम भारत और चीन दोनों सरकारों से शव को भारत वापस भेजने में मदद करने का अनुरोध करते हैं।"
मौत की वजह का खुलासा नहीं
अमन के परिवारवालों ने कहा कि उसकी तबीयत बिल्कुल ठीक थी और बीमारी का कोई इतिहास भी नहीं था। मृतक छात्र के चाचा ने कहा कि अमन का शव चीन से वापस लेने की मांग की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई कामयाबी नहीं मिली है। वहीं, अमन नागसेन की मृत्यु का कारण अभी तक साफ नहीं हो पाया है। लेकिन सवाल ये है कि आखिरकार यूनिवर्सिटी प्रशासन को अमन की मौत की खबर पहले क्यों नहीं लगी। अमन के परिवार के लोग बार बार यूनिवर्सिटी से अमन की जानकारी मांगते रहे, लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छानबीन क्यों नहीं की। वहीं, अमन की मौत के समय और होने वाली परिस्थितियों को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। वहीं, रिपोर्ट है कि बीजिंग स्थिति भारतीय दूतावास अमन नागसेन के शव को वापस भारत लाने की तैयारियों में जुट गया है और जल्द ही उसका शव भारत आ जाएगा।
मौत की जांच क्यों नहीं ?
सवाल ये उठ रहे हैं कि जब अमन का शव यूनिवर्सिटी में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है तो फिर यूनिवर्सिटी प्रशासन और चीन की सरकार उसकी मौत की तफ्तीश क्यों नहीं करवा रही है। हालांकि, रिपोर्ट है कि शव को भारत लाए जाने से पहले उसका पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। आपको बता दें कि नागसेन उन कुछ भारतीय छात्रों में शामिल थे जो कोविड-19 के संकट के बाद भी चीन में ही थे। आपको बता दें कि चीन में करीब 23 हजार भारतीय छात्र पढ़ाई करते हैं, जिनमें से ज्यादातर पिछले साल कोरोना वायरस संकट के समय वापस भारत आ गये थे। लेकिन उसके बाद बीजिंग द्वारा लगाए गये विदेशी छात्रों की वापसी पर प्रतिबंध की वजह से ऐसे छात्र फिर से चीन नहीं जा पा रहे हैं।












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