अमेरिका में करोड़ों डॉलर की धोखाधड़ी में दोषी पाए गए भारतीय भाई, कौन हैं सावनी बंधु, कैसे बने शातिर अपराधी?
Indian-origin brothers fraud Case: अमेरिका में भारतीय मूल के भाई भास्कर सावनी (60) और अरुण सावनी (58) को एक करोड़ो डॉलर की धोखाधड़ी के केस में दोषी पाया गया है। वीज़ा धोखाधड़ी, हेल्थकेयर धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग और टैक्स चोरी जैसे आरोपों में फंसे इन भाइयों के लिए कुल सजा सैकड़ों साल तक हो सकती है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भाईयों ने 'सावनी ग्रुप' नाम का एक बिजनेस नेटवर्क बनाया। कई सालों तक इस नेटवर्क ने सरकारी योजनाओं का दुरुपयोग कर करोड़ों डॉलर कमाए।

H-1B वीज़ा और विदेशी श्रमिकों की धोखाधड़ी
भाइयों ने अधिकांश भारतीय और विदेशी श्रमिकों को नौकरी दिलाने के लिए फर्जी वीज़ा आवेदन दायर किए। इसके बदले, श्रमिकों को कंपनियों पर निर्भर रहने और अपनी वेतन का हिस्सा समूह को देने के लिए मजबूर किया गया। इसके अलावा सावनी ग्रुप ने मेडिकेड से $30 मिलियन से अधिक के फर्जी दावे किए। समूह ने दूसरे डेंटिस्ट के NPI नंबर का इस्तेमाल कर झूठे बिल बनाए और बिना लाइसेंस वाले डेंटिस्टों से प्रक्रियाएँ करवाई।
FDA अप्रूवल के बिना खतरनाक इम्प्लांट, मनी लॉन्ड्रिंग और टैक्स चोरी
अभियोजकों ने यह भी बताया कि समूह ने "मानव उपयोग के लिए नहीं" लेबल वाले डेंटल इम्प्लांट्स का मरीजों की जानकारी और सहमति के बिना इस्तेमाल किया। ये उपकरण FDA से अप्रूव्ड नहीं थे। भाईयों ने हेल्थकेयर धोखाधड़ी से कमाई गई रकम को कॉर्पोरेट खातों के जटिल नेटवर्क से मनी लॉन्ड्रिंग की। उन्होंने $1.6 मिलियन व्यक्तिगत और $1.1 मिलियन कर्मचारियों की अघोषित आय पर टैक्स नहीं भरा।
इन दोनों भाईयों ने कॉलेज ट्यूशन, संपत्ति कर और घरों के रखरखाव जैसे निजी खर्चों को व्यावसायिक खर्च बताकर छिपाया। 2023 में जांच और आरोप लगने के बावजूद, भाइयों ने एफबीआई निदेशक काश पटेल से मिलने और उनकी नियुक्ति का जश्न मनाने के बारे में सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से पोस्ट किया था।
कितनी होगी सजा?
भास्कर सावनी को 420 साल, अरुण सावनी को 415 साल और सहयोगी एलेक्जेंड्रा रेडोमियाक को 40 साल तक जेल हो सकती है। सजा का ऐलान 8 जुलाई 2026 (भास्कर) और 9 जुलाई 2026 (अरुण) को होगा।
कौन हैं सावनी बंधु?
अमेरिका में करोड़ों डॉलर की धोखाधड़ी के मामले में दोषी ठहराए गए भारतीय मूल के दोनों भाईयों में भास्कर सावनी पेशे से डेंटिस्ट है। अरुण सावनी फाइनेंस और बिजनेस ऑपरेशन संभालते थे। दोनों पेंसिल्वेनिया (USA) में "Savani Group" नाम से बिजनेस नेटवर्क चलाते थे।
कैसे बने इतने बड़े अपराधी?
प्रॉसिक्यूटर्स के अनुसार डशुरुआत डेंटल क्लीनिक और वैध बिजनेस से हुई, धीरे-धीरे फर्जी बिलिंग और वीज़ा स्कीम जोड़ी गई। इसके बाद कई कंपनियों और खातों का जाल बनाया गया। वर्षों तक सिस्टम की कमियों का फायदा उठाया गया
-
Khamenei Last Photo: मौत से चंद मिनट पहले क्या कर रहे थे खामनेई? मिसाइल अटैक से पहले की तस्वीर आई सामने -
38 साल की फेमस एक्ट्रेस को नहीं मिल रहा काम, बेच रहीं 'ऐसी' Photos-Videos, Ex-विधायक की बेटी का हुआ ऐसा हाल -
Gold Silver Price Today: सोना चांदी धड़ाम, सिल्वर 15,000 और गोल्ड 4000 रुपये सस्ता, अब इतनी रह गई कीमत -
Silver Rate Today: चांदी फिर हुई सस्ती, अचानक 11,000 गिरे दाम, दिल्ली से पटना तक ये है 100 ग्राम सिल्वर का रेट -
3 शादियां कर चुकीं 44 साल की फेमस एक्ट्रेस ने मोहनलाल संग शूट किया ऐसा इंटीमेट सीन, रखी 2 शर्तें और फिर जो हुआ -
साथ की पढ़ाई, साथ बने SDM अब नहीं मिट पा रही 15 किलोमीटर की दूरी! शादी के बाद ऐसा क्या हुआ कि बिखर गया रिश्ता? -
Iran Israel War: 'भारत युद्ध रुकवा सकता है', खामेनेई के दूत ने कही ऐसी बात, टेंशन में ट्रंप -
Khushbu Sundar: इस मुस्लिम नेता के हिंदू पति की राजनीति में एंट्री, कभी लगा था Love Jihad का आरोप -
Gold Rate Today: ईरान जंग के बीच सोना में भारी गिरावट, अबतक 16000 सस्ता! 22k और 18k का अब ये है लेटेस्ट रेट -
Balen Shah Nepal PM: पीएम मोदी के नक्शेकदम पर बालेन शाह, नेपाल में अपनाया बीजेपी का ये फॉर्मूला -
Uttar Pradesh Petrol-Diesel Price: Excise Duty कटौती से आज पेट्रोल-डीजल के दाम क्या? 60 शहरों की रेट-List -
27 की उम्र में सांसद, अब बालेन सरकार में कानून मंत्री, कौन हैं सोबिता गौतम, क्यों हुईं वायरल?












Click it and Unblock the Notifications