प्रशांत महासागर में इंडियन नेवी कर रही 'सीमा' का विस्तार, चीनी अड्डे के पास क्या कर रहे लड़ाकू जहाज?
Indian navy ships Papua New Guinea: इंडियन नेवी ने अब दुनिया में अपनी 'सीमा' का विस्तार शुरू कर दिया है और प्रशांत महासागर में चीन के ठिकाने के करीब, भारतीय नौसेना के दो जहाज ताल ठोक रहे हैं।
भारतीय नौसेना के दो जहाज बुधवार को पापुआ न्यू गिनी में पहुंचे हैं और प्रशांत महासागर में ये वो देश है, जो अमेरिका के साथ साथ चीन के लिए भी रणनीतिक महत्व रखता है, लेकिन अब भारत भी सुपरपावर की तरह वर्ताव करते हुए अपनी शक्तियों का विस्तार करना शुरू कर दिया है।

पापुआ न्यू गिनी में भारतीय नौसेना के जहाज
भारतीय दूतावास के एक अधिकारी ने कहा, कि आईएनएस कोलकाता गाइडेड मिसाइल विध्वंसक और आईएनएस सह्याद्रि फ्रिगेट, पापुआ न्यू गिनी (पीएनजी) की राजधानी पोर्ट मोरेस्बी में दो दिनों तक रहेंगे। दूतावास के एक बयान में कहा गया है, कि यह यात्रा "क्षेत्र में समुद्री सहयोग और सुरक्षा को बढ़ाएगी"।
आपको बता दें, कि पीएनजी में भारतीय जहाज उस वक्त पहुंचे हैं, जब भारत अगले महीने जी20 शिखर सम्मेलन की नई दिल्ली में मेजबानी करने वाला है और प्रशांत महासागर में स्थित देश पापुआ न्यू गिनी ने प्रधानमंत्री मोदी से अनुरोध किया हुआ है, कि प्रशांत देशों की स्थिति वो जी20 शिखर सम्मेलन में उठाएं।
पापुआ न्यू गिनी के बाद इंडियन नेवी के ये जहाज क्वाड देशों के साथ सैन्य अभ्यास करने के लिए ऑस्ट्रेलिया की तरफ रवाना हो जाएंगे, जिसमें जापान और अमेरिकन नेवी के जहाज भी शामिल हो रहे हैं। इस संयुक्त सैन्य अभ्यासर का नाम मालाबार अभ्यास है, जो अगले शुक्रवार से शुरू हो रहा है।
प्रशांत महासागर में भारत के बढ़ते कदम का मतलब
संयुक्त राज्य अमेरिका और उसके सहयोगी देश, प्रशांत द्वीप देशों को चीन के साथ सुरक्षा संबंध बनाने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं। दरअसल, ताइवान के साथ तनाव के बीच चीन ने सोलोमन द्वीप के साथ एक सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किया है।
चीन और सोलोमन द्वीप के बीच हुए इस समझौते ने अमेरिका की चिंता बढ़ाकर रख दी है, वहीं पीएनजी ने मई में वाशिंगटन के साथ एक रक्षा समझौता किया। और अब पीएनजी के साथ भारत के भी महत्वपूर्ण रिश्ते स्थापित हो चुके हैं, और सोलोमन द्वीप के बगल में ही पापुआ न्यू गिनी भी है, लिहाजा इंडियन नेवी के ये दोनों जहाज, चीनी अड्डे के ठीक बगल में खड़े हैं, जिसको लेकर चीन बेचैन हो रहा है।
प्रशांत द्वीप के नेताओं, जिनका क्षेत्र 40 मिलियन वर्ग किमी (15 मिलियन वर्ग मील) महासागर में फैला है, उन्होंने कहा है, कि जलवायु परिवर्तन के कारण समुद्र का बढ़ता जल स्तर उनकी सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा प्राथमिकता है।
इंडियन नेवी पोर्ट कॉल, इसी साल मई में भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की पापुआ न्यू गिनी की यात्रा के बाद हुई है, जो ऑस्ट्रेलिया के उत्तर में एक अविकसित, लेकिन संसाधन संपन्न देश है।
पीएम मोदी ने प्रशांत देशों की शिखर बैठक में हिस्सा लिया था और जब पीएम मोदी पापुआ न्यू गिनी पहुंचे थे, उस वक्त वहां के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे ने पीएम मोदी का पैर छूकर उनका स्वागत किया था।
प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के बाद फ्रांस और इंडोनेशिया के नेताओं के साथ-साथ वरिष्ठ अमेरिकी और ब्रिटिश अधिकारियों ने भी पीएनजी का दौरा किया है। वाशिंगटन में ऋण सीमा वार्ता के कारण अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को अपनी यात्रा रद्द करने के लिए मजबूर होना पड़ा था, नहीं तो वो भी 22 मई को पीएनजी की यात्रा पर जाने वाले थे।
सोलोमन द्वीप कितना महत्वपूर्ण
सोलोमन द्वीप के प्रधान मंत्री मनश्शे सोगावरे, जिनका जुलाई में बीजिंग दौरे पर स्वागत किया गया था, उन्होंने बुधवार को 700,000 की आबादी वाले द्वीपसमूह में 161 हुआवेई दूरसंचार टावरों के निर्माण के लिए चीनी ऋण से परियोजना की शुरुआत की है।
उन्होंने अपने बयान में कहा, कि "हम कर्ज के जाल जैसी गलत सूचनाओं से नहीं डरेंगे।" जिससे पुष्टि होती है, कि सोलोमन के साथ चीन ने कितने घनिष्ठ संबंध विकसित कर लिए हैं।
सिडनी विश्वविद्यालय में यूनाइटेड स्टेट्स स्टडीज सेंटर के सीईओ माइकल ग्रीन ने कहा कि यह पहली बार नहीं है कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में बड़े बदलाव के दौरान प्रशांत द्वीप समूह दुनिया के ध्यान में आया है।
अमेरिका के पूर्व वरिष्ठ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ग्रीन ने कहा, कि प्रथम विश्व युद्ध के अंत में, समुद्र के नीचे केबल तक जापान की पहुंच पर चिंता के बीच, 1921-22 की वाशिंगटन नौसेना संधि के दौरान प्रशांत द्वीपों ने "ध्यान खींचा" था।
दूसरे विश्व युद्ध के बाद, अमेरिका "पूर्व जापानी द्वीपों को कम्युनिस्ट ब्लॉक से बाहर रखने के लिए दृढ़ था क्योंकि वे जापान के नीचे और ऑस्ट्रेलिया के ऊपर दक्षिणी हिस्से की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण थे।"
उन्होंने कहा, कि चीन के उदय के साथ, प्रशांत द्वीप समूह के हवाई क्षेत्र और समुद्र के नीचे केबल फिर से चलन में आ गए हैं।
हालांकि, चीन पीएनजी का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है।
लोवी इंस्टीट्यूट थिंक-टैंक में प्रशांत द्वीप समूह कार्यक्रम के डायरेक्टर मेग कीन ने कहा, कि चीन के प्रशांत क्षेत्र में कदमों का विस्तार करने से प्रशांत "क्षेत्र में मजबूत राष्ट्रीय हितों वाले पश्चिमी देशों के बीच चिंता बढ़ गई है।"
उन्होंने कहा, कि "अमेरिका पीएनजी के साथ एक द्विपक्षीय सुरक्षा समझौते को सुरक्षित करने और यह दिखाने की कोशिश कर रहा है, कि वह इस क्षेत्र में रहेगा और सकारात्मक बदलाव लाएगा। आज तक उसकी गतिविधियां मामूली रही हैं।"
उन्होंने कहा, प्रशांत द्वीप देशों ने पश्चिमी देशों का स्वागत तो किया है, लेकिन वो चीन के साथ जुड़ना जारी रखेंगे। क्योंकि, प्रशांत द्वीप के देश सदाबहार दोस्त की तलाश में हैं, ना कि कभी कभी उस क्षेत्र में नजर आने वाले देशों की तलाश में।
-
Bihar News: प्राकृतिक सुंदरता, वन्यजीव और झील-झरनों की ओर बढ़ रहा पर्यटकों का रुझान, बिहार बन रहा इको टूरिज्म हब -
बिहार के जलप्रपात बन रहे नए टूरिस्ट हॉटस्पॉट, इको टूरिज्म को मिल रहा बढ़ावा -
Iran Vs America: विदेश मंत्री जयशंकर पर क्यों भड़कीं पाकिस्तानी नेता हिना रब्बानी, ईरान युद्ध के बीच बवाल -
Gujarat News: मोदी सरकार के ‘जो कहना, वो करना’ मंत्र का उदाहरण: हर्ष संघवी -
बांग्लादेश के राजदूत रियाज़ हामिदुल्लाह ने भारत के साथ संवेदनशील मुद्दों के सौहार्दपूर्ण समाधान का आह्वान किया। -
Uttar Pradesh LPG Cylinder Price Today List: गैस सिलेंडर Lucknow में कितना महंगा? 39 जिलों में कितना है रेट? -
PM Modi Meeting: 'Lockdown की अफवाहों पर लगाम', PM की मुख्यमंत्रियों संग ढाई घंटे चली बैठक, दिए 8 मैसेज-List -
Gold Rate Today: सोने में भारी गिरावट, रिकॉर्ड हाई से 50,000 सस्ती! अब आपके शहर में ये है 22k और 18K कीमत -
Khamenei Last Photo: मौत से चंद मिनट पहले क्या कर रहे थे खामनेई? मिसाइल अटैक से पहले की तस्वीर आई सामने -
38 साल की फेमस एक्ट्रेस को नहीं मिल रहा काम, बेच रहीं 'ऐसी' Photos-Videos, Ex-विधायक की बेटी का हुआ ऐसा हाल -
Gold Silver Price Today: सोना चांदी धड़ाम, सिल्वर 15,000 और गोल्ड 4000 रुपये सस्ता, अब इतनी रह गई कीमत -
Silver Rate Today: चांदी फिर हुई सस्ती, अचानक 11,000 गिरे दाम, दिल्ली से पटना तक ये है 100 ग्राम सिल्वर का रेट












Click it and Unblock the Notifications