Indian Iron Dome: UP में बनेगा भारत का अपना आयरन डोम! मिसाइल-ड्रोन से करेगा रक्षा, कौन बनाएगा और कहां बनेगा?

Indian Iron Dome: पिछले साल 2025 में पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ Operation Sindoor चलाया था। जिसके बाद पाकिस्तान ने भी भारत की तरफ ड्रोन और मिसाइलों से हमले किए थे। ये पहली बार था जब भारत को अपने खुद के Defence System Iron Dome की जरूरत महसूस हुई। तभी से भारत इसकी तैयारी में जुट गया और अब लग रहा है भारत को अपना आयरन डोम जल्द मिल जाएगा। जानिए कहां बन रहा है, किस राज्य जमीन पर तैयार होगा, कौन बना रहा है और इसमें कितना खर्चा आने वाला है।

यूपी में बनेगा भारत का अपना आयरन डोम

भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। इसके लिए Bharat Electronics Limited (BEL) ने उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के चित्रकूट में 75 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया है। इस नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में अगली पीढ़ी की मिसाइलें, रडार सिस्टम और भारत का अपना 'आयरन डोम' तैयार किया जाएगा।

Indian Iron Dome

₹600 करोड़ से ज्यादा का बड़ा निवेश

BEL के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट में ₹600 करोड़ से ज्यादा का इन्वेस्टमेंट सरकार की तरफ से किया जाएगा। यह सुविधा क्विक-रिएक्शन सरफेस-टू-एयर मिसाइल (QRSAM), कुशा एयर डिफेंस सिस्टम और अगली पीढ़ी के रडार सिस्टम जैसे अहम डिफेंस प्रोग्राम्स की जरूरतों को पूरा करेगी। इसके साथ ही यहां मेंटेनेंस, रिपेयर और ऑपरेशन (MRO) की सुविधा भी उपलब्ध होगी।

क्या है प्रोजेक्ट कुशा?

Defence Research and Development Organisation (DRDO) द्वारा विकसित प्रोजेक्ट कुशा एक लंबी दूरी का स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम है। इसका मकसद स्टील्थ फाइटर जेट, क्रूज मिसाइल और ड्रोन जैसे खतरों से देश की रक्षा करना है। यह सिस्टम करीब 400 किलोमीटर की रेंज में तीन अलग-अलग लेवल का सुरक्षा कवच (three-layer shield) प्रदान करेगा।

S-400 जैसा सिस्टम, लेकिन पूरी तरह स्वदेशी

प्रोजेक्ट कुशा की तुलना अक्सर रूस के S-400 सिस्टम से की जाती है, जिसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अहम भूमिका निभाई थी। लेकिन इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह पूरी तरह भारत में विकसित हो रहा है। इसका लक्ष्य 2028-29 तक भारत का अपना 'आयरन डोम' तैयार करना है, जिससे विदेशी हथियारों पर निर्भरता कम हो सके।तीन लेयर में काम

करेगा डिफेंस सिस्टम

कुशा सिस्टम में तीन तरह के इंटरसेप्टर मिसाइल होंगे-

M1- रेंज 150 किमी होगी,
M2- रेंज 250 किमी होगी,
M3- रेंज 350 से 400 किमी तक।

Indian Iron Dome

इसमें एडवांस रडार सिस्टम भी लगे होंगे, जो एक साथ कई लक्ष्यों को ट्रैक और डिस्ट्रॉय करने की क्षमता रखते हैं।

CM योगी का बड़ा योगदान

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने BEL के CMD मनोज जैन को भूमि आवंटन पत्र सौंपा। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट के तहत लगभग ₹562.5 करोड़ के निवेश से एक लेटेस्ट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित की जाएगी, जहां हाई टेक रडार और एयर डिफेंस सिस्टम का उत्पादन होगा।

MSME और इंडस्ट्री को भी मिलेगा फायदा

इस प्रोजेक्ट से छोटे और मध्यम उद्योगों (MSME) को भी बड़ा फायदा होगा। इससे टेक्नोलॉजी सहयोग, इनोवेशन और नॉलेज ट्रांसफर के नए मौके मिलेंगे, जिससे उत्तर प्रदेश को एक बड़ा डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने में मदद मिलेगी।

इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+