Indian Pakistan Talk: भारत-पाकिस्तान के बीच फिर शुरू हुई गुपचुप बातचीत! कहां हुई मीटिंग - किसने लिया हिस्सा?
Indian Pakistan Talk: भारत और पाकिस्तान के बीच आधिकारिक स्तर की बातचीत फिलहाल पूरी तरह ठप है, लेकिन इसके बावजूद दोनों देशों के बीच Track-2 Talks यानी अनौपचारिक बातचीत का सिलसिला जारी है। दोनों देशों के रिश्ते खासकर मई 2025 में हुए सैन्य संघर्ष के बाद से बेहद ठंडे बने हुए हैं। यह तनाव उस समय और बढ़ गया था जब जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए एक बड़े आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में लगभग सभी लोग टूरिस्ट थे।
पहलगाम हमले के बाद चार दिन तक चला युद्ध
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव तेजी से बढ़ गया था। दोनों न्यूक्लियर हथियारों से लैस देशों के बीच करीब चार दिनों तक सैन्य गतिविधियां जारी रहीं। इस दौरान दोनों तरफ से गोलीबारी हुई और ड्रोन ऑपरेशन भी चलाए गए। हालात इतने गंभीर हो गए थे कि पूरे क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति बन गई थी। हालांकि 10 मई 2025 को दोनों देशों के बीच युद्धविराम (Ceasefire) लागू हो गया, जिसके बाद स्थिति कुछ हद तक सामान्य हुई। तब से दोनों देशों ने सार्वजनिक रूप से तनाव बढ़ाने से बचने की कोशिश की है, लेकिन आधिकारिक बातचीत अब भी शुरू नहीं हुई है।

Track-2 Talks क्या होती हैं?
जब दो देशों की सरकारें सीधे बातचीत नहीं करतीं, तब कुछ गैर-सरकारी लेकिन प्रभावशाली लोग आपसी संवाद बनाए रखने की कोशिश करते हैं। इसे ही Track-2 Diplomacy या Track-2 Talks कहा जाता है। इन बैठकों में आमतौर पर रिटायर्ड सैन्य अधिकारी, पूर्व राजनयिक, मीडिया एक्सपर्ट, शिक्षाविद और रणनीतिक मामलों के जानकार शामिल होते हैं। इनका मकसद किसी औपचारिक समझौते पर पहुंचना नहीं होता, बल्कि तनाव कम करना, विचारों का आदान-प्रदान करना और भविष्य में संभावित समाधान के रास्ते तलाशना होता है।
कितनी हुई बैठकें?
मई 2025 के संघर्ष के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच Track-2 स्तर पर कई दौर की बातचीत हो चुकी है। ये बैठकें ऐसे समय में हुई हैं जब दोनों देशों के आधिकारिक संबंध लगभग जाम की स्थिति में हैं। जानकारी के मुताबिक, ये बातचीत पश्चिम एशिया के विभिन्न शहरों और अन्य तटस्थ स्थानों पर आयोजित की गई हैं। इनमें दोनों देशों के प्रमुख और एक्सपीरियंस लोगों ने हिस्सा लिया है। इन बैठकों को दोनों देशों के बीच बातचीत का एक दुर्लभ बैकचैनल माना जा रहा है।
दोहा में भी हुई थी अहम बैठक
ऐसी ही एक महत्वपूर्ण Track-2 बैठक कतर की राजधानी Doha में आयोजित की गई थी। इस बैठक में भारत और पाकिस्तान के कई प्रतिष्ठित और प्रभावशाली व्यक्तियों ने भाग लिया था। भारत-पाकिस्तान Track-2 वार्ता को लेकर पहली विस्तृत रिपोर्ट अप्रैल 2026 में सामने आई थी। इसके बाद से इस तरह की बैठकों को लेकर लगातार चर्चाएं होती रही हैं, हालांकि दोनों देशों की सरकारों ने आधिकारिक तौर पर इन बैठकों की पुष्टि नहीं की है।
आतंकवाद पर भारत का रुख अब भी नहीं बदला
भारत ने 2019 के बाद से लगातार यह स्पष्ट किया है कि जब तक सीमा पार आतंकवाद जारी रहेगा, तब तक पाकिस्तान के साथ औपचारिक बातचीत संभव नहीं है। नई दिल्ली का मानना है कि आतंकवाद और वार्ता एक साथ नहीं चल सकते। यही वजह है कि दोनों देशों के बीच व्यापार बेहद सीमित हो चुका है। दोनों देशों के दूतावास भी कम कर्मचारियों के साथ काम कर रहे हैं और लोगों के बीच संपर्क भी पहले की तुलना में काफी कम हो गया है।
फिर भी क्यों जारी है बैकचैनल संवाद?
हालांकि आधिकारिक बातचीत बंद है, लेकिन Track-2 Talks का जारी रहना यह दिखाता है कि दोनों पक्ष तनाव को पूरी तरह अनियंत्रित नहीं होने देना चाहते। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे संवाद भविष्य में किसी बड़े संकट को टालने और दोनों देशों के बीच संचार का एक न्यूनतम चैनल बनाए रखने में मदद करते हैं। यही कारण है कि पर्दे के पीछे इस तरह की बातचीत जारी है, भले ही सरकारें सार्वजनिक रूप से इसके बारे में कुछ न कह रही हों।
दोनों सरकारें साधे हुए हैं चुप्पी
दिलचस्प बात यह है कि भारत और पाकिस्तान दोनों ही सरकारें इन Track-2 Talks के अस्तित्व पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं कर रही हैं। दोनों देशों की ओर से न तो इन बैठकों की पुष्टि की गई है और न ही इनका खंडन किया गया है। फिर भी लगातार सामने आ रही रिपोर्टें संकेत देती हैं कि आधिकारिक रिश्तों में जमी बर्फ के बावजूद बैकचैनल कूटनीति का पहिया अब भी घूम रहा है। ऐसे समय में जब दोनों देशों के बीच विश्वास का स्तर बेहद कम है, Track-2 Talks संवाद का एकमात्र सक्रिय माध्यम बनकर उभरती दिखाई दे रही हैं।
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