Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

India Iran Trade: ईरान में बदली सत्ता तो भारत में ये क्या-क्या होगा महंगा? जानिए क्या-क्या खरीदता है भारत

India Iran Trade: वर्तमान में ईरान अपने सबसे बड़े सत्ता विरोधी आंदोलन का सामना कर रहा है। ऐसे में यह सवाल बार बार उठ रहा है कि क्या इस आंदोलन का असर भारत पर पड़ेगा? भारत और ईरान के बीच व्यापारिक संबंध कोई नए नहीं हैं, बल्कि ये सदियों पुराने और काफी गहरे रहे हैं। इन रिश्तों में कृषि, ऊर्जा, उद्योग और संस्कृति से जुड़े कई उत्पादों का आदान-प्रदान होता रहा है।

बासमती चावल जैसे भारतीय कृषि उत्पादों से लेकर ईरान के ऊर्जा संसाधनों तक, दोनों देश एक-दूसरे की जरूरतों को पूरा करते आए हैं। समय के साथ-साथ भू-राजनीतिक हालात, खासकर प्रतिबंधों और वैश्विक राजनीति ने इस व्यापार को प्रभावित किया है, लेकिन इसके बावजूद यह साझेदारी लगातार आगे बढ़ती रही है।

India Iran Trade

सांस्कृतिक जुड़ाव और भविष्य की संभावनाएं

भारत में ईरानी ब्रांडों की बढ़ती मौजूदगी सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी मजबूत कर रही है। दोनों देश जब अपने व्यापारिक रिश्तों को नई दिशा देने की कोशिश कर रहे हैं, तब विकास की अपार संभावनाएं दिखाई देती हैं। तरजीही व्यापार समझौते यानी PTA को लेकर चल रही बातचीत से यह रिश्ता पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़कर नए सेक्टर्स तक जा सकता है। इससे साफ है कि भारत और ईरान के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक संबंध भविष्य में और मजबूत हो सकते हैं।

भारत-ईरान में क्या-क्या होता है व्यापार?

भारत और ईरान के बीच व्यापारिक संबंध काफी विविध हैं। इसमें कई तरह के उत्पादों का आदान-प्रदान होता है, जिनमें कृषि, व्यापार, केमिकल, कपड़े और ऊर्जा जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इस व्यापार को बेहतर तरीके से समझने के लिए सबसे पहले भारत से ईरान को होने वाले निर्यात पर नजर डालना जरूरी है।

ईरान से भारत: तेल और ऊर्जा

ईरान से भारत में होने वाले आयात में ऊर्जा उत्पादों का सबसे बड़ा योगदान रहा है। ऐतिहासिक रूप से कच्चा तेल ईरान से भारत का सबसे प्रमुख आयात रहा है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के चलते इसमें समय-समय पर उतार-चढ़ाव देखा गया है, फिर भी ईरानी तेल भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए बेहद अहम रहा है। इसके अलावा कश्मीर से बड़ी तादाद में भारतीय छात्र ईरान के मेडिकल कॉलेजों में उच्च शिक्षा के लिए जाते हैं।

रासायनिक और पेट्रोलियम उत्पाद

रासायनिक उत्पादों में ईरान से 'एसाइक्लिक अल्कोहल' की बड़ी मात्रा भारत आयात करता है, जिसका इस्तेमाल कई औद्योगिक कार्यों में होता है। इसके अलावा पेट्रोलियम कोक भी ईरान से आता है, जो अलग-अलग औद्योगिक प्रक्रियाओं में उपयोगी है। अगर ईरान का संकट और बढ़ता है तो इससे तेल कीमतें बढ़ेंगी यानी भारत का आयात बिल बढ़ेगा। निश्चित रूप से इससे देश में महंगाई पर सीधा असर पड़ेगा।

मेवे, खजूर और केसर: ईरानी खासियत

कृषि उत्पादों की बात करें तो ईरान से आने वाले मेवे भारतीय बाजार में काफी पसंद किए जाते हैं। बादाम और पिस्ता इसमें सबसे लोकप्रिय हैं। इसके अलावा खजूर और केसर जैसे हाई-वैल्यू उत्पाद भी ईरानी आयात का हिस्सा हैं, जो भारत में अपनी गुणवत्ता और स्वाद के लिए जाने जाते हैं। साथ ही, प्राकृतिक और संवर्धित मोती तथा अर्द्ध-कीमती पत्थरों का व्यापार भी दोनों देशों के बीच होता है।

केसर, मेवे और चाय में ईरानी पहचान

केसर के क्षेत्र में 'ज़ार केसर' और 'काशान केसर' जैसे ब्रांड अपनी बेहतरीन गुणवत्ता के लिए जाने जाते हैं। मेवों में 'करमान पिस्ता' काफी मशहूर हैं, जबकि ईरानी खजूर की मेजूल और माज़फ़ाती किस्में भी भारतीय उपभोक्ताओं को खूब पसंद आती हैं। चाय के क्षेत्र में 'गोलेस्तान' और 'दरबारी' जैसे ब्रांड पारंपरिक ईरानी काली चाय पेश कर रहे हैं।

फ़ारसी कालीन और हस्तशिल्प की खासियत

फ़ारसी कालीनों में 'तबरेज़ कालीन' अपने जटिल डिज़ाइन और शानदार कारीगरी के लिए मशहूर हैं। ये भारत में खास रिटेलर्स के जरिए उपलब्ध हैं। इसके अलावा, ईरानी हस्तनिर्मित कांच के बर्तन भी भारतीय बाजार में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं।

सौंदर्य, खाद्य और खनिज उत्पाद

ईरानी गुलाब जल सौंदर्य प्रसाधनों और खाना पकाने दोनों में इस्तेमाल होता है और भारत में काफी लोकप्रिय है। खाद्य उत्पादों में 'कश्क-ए-बदेमजान' जैसे पारंपरिक ईरानी व्यंजन भी अब खास ब्रांडों के जरिए उपलब्ध हैं। वहीं नमक और जिप्सम जैसे खनिज उत्पाद निर्माण और खाद्य उद्योगों में उपयोग किए जाते हैं।

भारत से ईरान: कृषि उत्पादों का बड़ा योगदान

भारत से ईरान को होने वाले निर्यात में कृषि उत्पादों की अहम भूमिका है। इनमें सबसे प्रमुख है बासमती चावल, जो ईरानी बाजार में काफी लोकप्रिय है। इसके अलावा काली चाय भी एक महत्वपूर्ण निर्यात वस्तु है। ईरान की मांग को पूरा करने के लिए भारत से कच्ची चीनी की भी अच्छी-खासी मात्रा भेजी जाती है, जिससे दोनों देशों के बीच कृषि व्यापार मजबूत होता है।

फल और मसाले: भारतीय स्वाद की पहचान

भारतीय निर्यात सूची में ताजे फल भी शामिल हैं, जिनमें केले और अन्य मौसमी फल प्रमुख हैं। इसके साथ ही, विभिन्न प्रकार के भारतीय मसाले भी ईरान भेजे जाते हैं। यह दिखाता है कि दोनों देशों के बीच कृषि व्यापार सिर्फ सीमित उत्पादों तक नहीं, बल्कि स्वाद और विविधता तक फैला हुआ है।

औद्योगिक और फार्मा उत्पादों में भारत की हिस्सेदारी

कृषि के अलावा भारत औद्योगिक क्षेत्र में भी ईरान को कई उत्पाद निर्यात करता है। इसमें कृषि और औद्योगिक उपकरणों सहित अलग-अलग तरह की मशीनरी शामिल है। लोहे और इस्पात से जुड़े प्राथमिक और अर्ध-तैयार उत्पादों का भी व्यापार होता है। इसके साथ-साथ फार्मास्युटिकल्स, बेहतरीन रसायन और अन्य स्वास्थ्य उत्पाद भी भारतीय निर्यात का अहम हिस्सा हैं।

केमिकल और खाद: ईरानी खेती को सहारा

केमिकल उत्पादों के क्षेत्र में भारत जैविक और अकार्बनिक दोनों तरह के खादों का निर्यात करता है, जो ईरानी कृषि के लिए जरूरी हैं। इसके अलावा, विभिन्न कृषि केमिकल भी ईरान भेजे जाते हैं। इससे साफ है कि दोनों देशों के बीच सहयोग सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं।

कपड़े और रबर उत्पादों का व्यापार

कपड़ा उद्योग में पॉलिएस्टर धागा और बुने हुए कपड़े ईरान को निर्यात किए जाते हैं, जो वहां की मैन्युफेक्चरिंग जरूरतों को पूरा करते हैं। इसके अलावा रबर उत्पाद भी भारत की निर्यात सूची में शामिल हैं। यह व्यापार दोनों देशों के बीच औद्योगिक और तकनीकी रिश्तों को और मजबूत करता है।

इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+