'कभी चावल के लिए दूसरे देशों पर निर्भर था भारत, आज दुनिया का भर रहा पेट’, अमेरिका ने की खूब तारीफ
एक ऐसा भी वक्त था जब भारत अपनी खाद्य जरूरतों की पूर्ति के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहा करता था। वह किस्सा तो सबसे चर्चित है जब 1965 में पाकिस्तान संग युद्ध से नाराज होकर अमेरिकी राष्ट्रपति लिंडन जॉनसन ने भारत को गेहूं न देने की धमकी दी थी।
एक वो दौर था और एक दौर ये भी है जब भारत ने चावल निर्यात को रोकने का फैसला किया है तो पूरी दुनिया में खाद्य संकट को लेकर चिंता हो रही है। खाद्य बाजार में भारत के दबदबे की अब अमेरिका भी प्रशंसा कर रहा है।

अमेरिका की एक वरिष्ठ कूटनीतिज्ञ सामंथा पॉवर ने कहा है कि भारत ने अपनी खाद्य सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए अमेरिकी सहायता हासिल करने से लेकर अब खाद्य निर्यातक बनने तक एक लंबा सफर तय किया है। सामंथा ने कहा कि भारत ने खाद्य सुरक्षा के मामले में शानदार काम किया है और इसका असर पूरी दुनिया में दिख रहा है।
फिजी में बुधवार को यूएस इंडो-पैसिफिक कमांड चीफ ऑफ डिफेंस (सीएचओडी) सम्मेलन को अपने संबोधन में, यूनाइटेड स्टेट्स एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (यूएसएआईडी) की प्रशासक सामंथा पावर ने अन्य देशों की मदद के लिए भारत के प्रयासों की सराहना की।
इस दौरान सामंथा ने कहा कि एक देश में निवेश अक्सर दूसरे देशों में लाभ दे सकता है। इसका उदारहण देते हुए उन्होंने कहा कि भारत में 1960 की शुरुआत में अमेरिकी वैज्ञानिकों और स्थानीय किसानों के साथ मिलकर उच्च उपज वाले बीज विकसित और वितरित किए गए थे।
अगले दो दशकों में उन बीजों की मदद से भारत ने अपने चावल उत्पादन में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी की और गेहूं उत्पादन में 230 प्रतिशत की बढ़ोतरी की। भारत में हरित क्रांति हुई और इस बढ़ी हुई कृषि उपज का फायदा दुनिया के अन्य देशों को भी हुआ।
सामंथा ने कहा कि भारत ने अपनी खाद्य सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए अमेरिका से मदद लेने से लेकर अब इसे दूसरों को निर्यात करने तक एक लंबा सफर तय किया है। अब भारत अपनी अद्भुत विकास प्रक्रिया को अपनी सीमाओं से परे देशों तक पहुंचाने के प्रयासों का विस्तार कर रहा है।
आपको बता दें कि भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा चावल निर्यातक है और वैश्विक चावल व्यापार का 40 प्रतिशत अकेले भारत निर्यात करता है। 2022 में भारत ने 140 देशों को 9.66 बिलियन यूएस डॉलर कीमत का दो करोड़ 20 लाख टन चावल निर्यात किया।
आपको बताते चलें कि दुनिया भर में भारत के चावल निर्यात की हिस्सेदारी 40 फीसदी से भी अधिक है। भारत 2012 से ही दुनिया का सबसे बड़ा चावल निर्यातक रहा है। 2022 के आंकड़े के मुतबाकि, भारत ने 140 से अधिक देशों को 55.4 मिलियन मीट्रिक टन चावल का निर्यात किया था।
2022-23 में अमेरिका और कनाडा ने भारत से 64,330 टन गैर-बासमती चावल का आयात किया था। पिछले साल, भारत के दो मुख्य प्रवासी बाजारों, खाड़ी देशों और यूरोप ने क्रमशः 6.95 लाख टन और 73 हजार का आयात किया था।
-
Aaj Ka Chandi ka Bhav: अमेरिका-ईरान जंग के बीच चांदी धड़ाम! ₹38,000 सस्ती, आपके शहर का लेटेस्ट Silver Rate -
Irani Nepo Kids: अमेरिका में मौज कर रहे ईरानी नेताओं-कमांडरों के बच्चे, जनता को गजब मूर्ख बनाया, देखें लिस्ट -
Mamta Kulkarni: क्या साध्वी बनने का नाटक कर रही थीं ममता कुलकर्णी? अब गोवा में कर रहीं ऐसा काम, लोग हुए हैरान -
प्यार में ये कैसा पागलपन? महेश भट्ट के लिए सड़क पर बिना कपड़ों के दौड़ीं ये फेमस एक्ट्रेस, फिर हुआ दर्दनाक अंत -
Sone ka Bhav: जंग के बीच सोने में बड़ी गिरावट! 7000 रुपये सस्ता, क्यों गिर रहा है भाव? आज का लेटेस्ट Gold Rate -
Weather Delhi NCR: दिल्ली में कब साफ होगा मौसम? दो दिन बाद फिर लौटेगी बारिश, IMD के अलर्ट ने बढ़ाई टेंशन -
Hyderabad Gold Silver Rate Today: ईद के मौके पर सोना-चांदी ने किया हैरान, जानें कहां पहुंचा भाव? -
Gold Rate Today: सोना सस्ता या अभी और गिरेगा? Tanishq से लेकर Kalyan, Malabar तक क्या है गहनों का भाव? -
Iran Espionage Israel: दूसरों की जासूसी करने वाले इजरायल के लीक हुए सीक्रेट, Iron Dome का सैनिक निकला जासूस -
Petrol Price Hike: ईरान जंग का पहला झटका! पावर पेट्रोल हुआ महंगा, इतना बढ़ा दाम, चेक करें लेटेस्ट रेट -
Weather UP: लखनऊ में 60KM की स्पीड से चलेंगी हवाएं! इन 26 जिलों में बारिश के साथ ओले गिरने का अलर्ट -
धामी मंत्रिमंडल में शामिल हुए ये 5 विधायक, दिल्ली से नाम हुए फाइनल, कुछ नामों ने चौंकाया, जानिए पूरी लिस्ट












Click it and Unblock the Notifications